पटना मैनेजमेंट एसोसिएशन एवं बिहार राज्य उत्पादकता परिषद के तत्वाधान में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून, 2022 को संध्या 7:00 बजे एक वेबीनार का आयोजन “ओनली वन अर्थ “विषय पर किया गया .मुख्य वक्ता के रूप में डॉ अरुण कुमार रथ भारतीय प्रशासनिक सेवा निवृत्त एवं भूतपूर्व अध्यक्ष पटना मैनेजमेंट एसोसिएशन थे .अन्य वक्ता के रूप में डॉ रंजीत वर्मा भूत पूर्व कुलपति मुंगेर विश्वविद्यालय, आशुतोष उपाध्याय , प्रिंसिपल साइंटिस्ट (आईसीएआर) सुधीर कुमार सिंह ,महाप्रबंधक झारखंड मिल्क फेडरेशन थे
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चर्चा में निम्न बातें सामने आई जिस पर गंभीरता से विचार करने की अभिलंब आवश्यकता पर जोर दीया गया .
1. हमारे पास सिर्फ 60 वर्षों के लिए धरती बची है .आगे भविष्य में इकोसिस्टम हमारी आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर सकेगी ,तब हमें भीषण कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा .
2. 1 (one)एकड़ भूमि का नुकसान हमें अभी प्रति सेकंड हो रहा है .
3. 2045 तक 45% खाद्य पदार्थों का नुकसान होना तय है .नतीजा भुखमरी ,पलायन ,सिविल वार की आशंका .
4. ग्लोबल वार्मिंग को 105 डिग्री सेंटीग्रेड पर मेंटेन करना और इसके लिए ग्रीन हाउस गैस के उत्पादन पर अंकुश लगाना .
5.मिथेन गैस के द्वारा 25 परसेंट तापमान में बढ़ोतरी का कारण .इसको रोकने की आवश्यकता .
6.बायोडायवर्सिटी -पर्यावरण में बदलाव से धरती पर मानवीय हाल चाल में गिरावट होना लगभग 3.2 बिलियन यानी 40% पापुलेशन का प्रभावित होना तय माना जा रहा है .
7.प्रदूषण -इसके द्वारा लगभग 7 मिलियन लोगों के समय से पहले मृत्यु .
8 वेस्ट (बर्बाद करना )-प्लास्टिक वेस्ट से पर्यावरण का नुकसान .लगभग 9 से 14 मिलियन टोंस जल में पाया जाना और इसकी लगातार वृद्धि जिसकी आशंका 22 -37 मिलियन टन 2040 होने की संभावना . इससे होने वाले आर्थिक नुकसान -लगभग 6-19 बिलियन डॉलर 2018 तक हो चुका है. 1950 से 2017 तक लगभग 9.2 बिलियन प्लास्टिक का उत्पादन हुआ जिसमें 7 बिलियन टर्न बर्बाद हुआ .
समस्या का निदान –
कृषि भूमि में कम रासायनिक खाद का प्रयोग .न्यूनतम 3-6 परसेंट तक .
इंसेंटिव आधारित नीति सभी देशों में अपनाई जाए .
प्रत्येक व्यक्ति यह सोचे कि वह पर्यावरण को बचाने में क्या योगदान कर रहा है ,या पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है .(self audit ) . थर्मल एनर्जी को 50% कम करना या बंद करना ताकि कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन कम हो .
रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस करना इत्यादि .
फॉसिल रहित एनर्जी का उपयोग बढ़ाना .
हाइड्रोजन- ग्रीन एनर्जी -सबसे अधिक प्रदूषण बढ़ाने वाली ,इस पर नियंत्रण करना .मीथेन गैस -पर्यावरण के लिए अधिक घातक .
पैड़ी फील्ड से उत्पन्न .
मांसाहारी भोजन पर्यावरण का दुश्मन .
हमें शाकाहार की तरफ जाना होगा .
2030 तक विश्व में पेड़ों की कटाई पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाना होगा .
धरती के लेयर्स को बचाना , ताकि पानी बचा रहे .
वोटर्स को सरकार पर पृथ्वी और पानी को बचाने के लिए दबाव देना .
अच्छे नागरिक के रूप में अपनी सोच पर्यावरण बचाने के लिए निर्धारित करना होगा .
आरंभ में डीके श्रीवास्तव ,अध्यक्ष बीएसपीसी ने अपना स्वागत भाषण दिया एवं पर्यावरण बचाने की मुहिम में सब को एकजुट रहने की आवश्यकता पर बल दिया .पटना मैनेजमेंट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट ,एडवोकेट बसंत कुमार सिन्हा ने पर्यावरण की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी तथा पर्यावरण को न्याय मिले इस पर सबका ध्यान आकृष्ट किया .







