केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह को लेकर जदयू में अभी भी स्पष्टता नहीं है. ये सवाल लगातार उठ रहा है कि राज्य सभा का टिकट कटने के बाद अगर केंद्र में आरसीपी सिंह मंत्री नहीं रह पाते हैं तो आने वाले समय में जदयू में उनकी भूमिका क्या हो सकती है? इस सवाल का जवाब JDU के कार्यकर्ता से लेकर नेता तक जानना चाहते हैं. लेकिन, इसी बीच RCP सिंह की भूमिका को लेकर JDU संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने ऐसा जवाब दिया है कि लोग और भी कन्फ्यूज हो रहे हैं.
दरअसल, उपेन्द्र कुशवाहा से जब ये सवाल पूछा गया कि राज्य सभा का टिकट कटने के बाद अब JDU में आरसीपी सिंह की भूमिका क्या रहने वाली है? इस सवाल पर संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि आरसीपी सिंह बड़े नेता हैं और अनुभवी हैं. वे पार्टी में हैं ही तो संगठन का कार्य देखते रहेंगे. लेकिन, अभी फिलहाल आरसीपी सिंह के बारे में कुछ अधिक नहीं बोला जा सकता है.
उपेन्द्र कुशवाहा ने ये बात न्यूज 18 से बातचीत करते हुए तब कही जब वो देवघर में बाबा के दर्शन करने के बाद लौट रहे थे. दरअसल जबसे आरसीपी सिंह का राज्य सभा से टिकट कटा है तब से ही उन्हें लेकर कयासबाजी तेज है. उनसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नाराजगी की चर्चा के बीच हर कोई आरसीपी सिंह के राजनीतिक भविष्य के बारे में जानना चाहता है.
इसके पहले JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने भी आरसीपी सिंह के भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा था कि पार्टी में हर किसी की भूमिका रहती है, चाहे छोटा सा कार्यकर्ता हो या बड़ा नेता; उनकी भूमिका पार्टी के लिए तो रहती ही है. मैंने भी 1994 में पार्टी में कार्यकर्ता की तरह भूमिका निभाई है.
वहीं, राज्य सभा का टिकट कटने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए आरसीपी सिंह ने भी कहा था कि वो पार्टी को मजबूत बनाने के लिए संगठन में भी काम करने को तैयार हैं, और पहले भी संगठन को मजबूत बनाने के लिए काम कर चुके हैं. बहरहाल, देखना दिलचस्प होगा कि आरसीपी सिंह पर जदयू आगे क्या तय करता है.






