राजधानी के पत्रकार नगर थाने के समीप मंगलवार की शाम बदमाशों ने ताबड़़तोड़़ फायरिंग कर दो लोगों की हत्या कर दी। मृतकों की पहचान धनरुआ के नीमा गांव के गौतम शर्मा और शंभू शर्मा के रूप में की गई है। ये दोनों भाजपा नेता व पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के सगे भाई हैं। गौरतलब है कि इसी वर्ष अप्रैल महीने में भाजपा नेता के परिवार के दो सदस्यों की जहानाबाद और मसौढ़ी में हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने तहकीकात शुरू की। हैं। पुलिस ने मौके से चार खोखे बरामद किये हैं। अपराधियों का सुराग पाने के लिए पुलिस ने आसपास में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद फुटेज को खंगालने का फैसला किया है। अचानक हुई इस घटना से इलाके में हड़़कंप मच गया। मृतकों के परिजनों ने इस घटना के लिए नीमा गांव के संजय सिंह पर आरोप लगाया है। बताया जाता है कि गौतम सिंह और शंभू सिंह का घर विजय नगर इलाके में है। कहीं से काम कर ये दोनों वापस अपने घर जा रहे थे। घर पहुंचने से पहले ही बाइक पर सवार दो अपराधियों ने वहां अचानक पहुंचकर दोनों पर ताबड़़तोड़़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। इस घटना में गौतम शर्मा की मौके पर ही मौत हो गयी‚ जबकि गंभीर रूप से जख्मी शंभू शर्मा ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़़ दिया। घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी फरार हो गये। इस प्रकरण में बड़ी बात यह है कि गौतम और शंभू सिंह पांड़व गिरोह के सरगना रहे चितरंजन सिंह के भाई हैं। बाद में चितरंजन शर्मा राजनीति में आ गये और फिर भाजपा से विधायक भी बने। फिलहाल वो पूर्व विधायक हैं। इस वारदात से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। घटना की जांच करने के लिए खुद एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो घटनास्थल पर पहुंचे। इन्होंने बताया कि गौतम शर्मा और शंभू शर्मा मंगलवार की शाम बाइक से कहीं जा रहे थे। इस दौरान एक बाइक पर सवार अपराधी दोनों का पीछा कर रहे थे। पत्रकार नगर थाने के पास पहुंचते ही बदमाशों ने दोनों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। एसएसपी के मुताबिक‚ पुरानी अदावत के तहत इस वारदात को अंजाम दिया गया है।
चार्टर्ड अकाउंटेंट थे शंभू शरण
बताया जाता है कि चितरंजन शर्मा पांच भाई हैं। मृत शंभू शरण चौथे और गौतम भाइयों में पांचवें स्थान पर थे। यहां उनका मकान अगमकुआं थाना क्षेत्र के विजय नगर स्थित देश रत्न पथ में है। शंभू चार्टर्ड अकाउंटेंट थे। दिल्ली में पढ़ाई पूरी करने के बाद वे वहीं प्रैक्टिस करते थे, लेकिन लाकडाउन के दौरान पटना शिफ्ट हो गए। अभी उनका कार्यालय पीसी कालोनी के महेंद्रलोक अपार्टमेंट में है। इसमें गौतम भी उनका सहयोग करते थे।
कार्यालय से लौट रहे थे घर
स्वजनों के मुताबिक, शाम करीब साढ़े छह बजे शंभू शरण ने कार्यालय बंद किया और छोटे भाई गौतम के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। गौतम बाइक चला रहे थे। उन्होंने हेलमेट भी पहन रखा था। इसी दौरान काली मंदिर से आगे बढऩे पर महेश्वरी भवन के नीचे बाइक सवार दो अपराधियों ने उन्हें ओवरटेक कर रोका। इसके बाद गोलियों की बौछार कर दी। गौतम ने घटनास्थल पर दम तोड़ दिया और इलाज के दौरान शंभू की मौत हो गई। दोनों को सिर और चेहरे पर प्वाइंट ब्लैंक रेंज से तीन-तीन गोलियां मारी गई हैं। पुलिस ने घटनास्थल से 7.65 बोर के चार खोखे बरामद किए हैं। वारदात में पेशेवर शूटरों का हाथ बताया जाता है।
लोगों की मानें तो एक अपराधी मोबाइल पर किसी से बात कर रहा था। उससे पूछने के बाद ही उसने सबसे पहले बाइक चला रहे गौतम सिंह के कनपट्टी में एक गोली मारी। गोली लगते ही गौतम रोड पर गिर गया। इसके बाद भी अपराधी ने उसे बख्शा नहीं, फिर उसे 2 गोली लगातार मारी। कुल 3 गोली लगने के बाद उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
खदेड़ कर शंभु को मारा
छोटे भाई गौतम की हत्या को देख शंभु अपनी जान बचाने की कोशिश में था। वो वहां से चंद कदम ही भागा कि अपराधियों ने उसे भी एक के बाद एक कुल 3 गोली मारी। हालांकि, 3 गोली लगने के बाद शंभु जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ता रहा। स्थानीय लोग और पुलिस की मदद से इलाज के लिए उसे मलाही पकड़ी चौराहा के पास स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाया गया।
मगर, कुछ घंटे बाद ही वहां से उसे बेली रोड के बड़े प्राइवेट हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। पर इलाज के दौरान शंभु की भी मौत हो गई। भाजपा के पूर्व विधायक चित्तरंजन शर्मा कुल 5 भाई थे। जिसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट शंभु चौथे नम्बर पर था। 6 महीने पहले इसकी शादी हुई थी। जबकि, गौतम सबसे छोटा था। वो शंभु के साथ ही आता-जाता था। उसके साथ रहकर ही काम करता था।
कुल 10 गोलियां चलीं, प्रेस लिखी थी बाइक
डबल के इस वारदात के दरम्यान कुल 10 गोलियां चली हैं। जिस जगह पर वारदात हुई, वहां पर दुकान है। जिसके बाहर CCTV कैमरा लगा है। पत्रकार नगर थाना को जैसे ही पता चला कि पूरी वारदात कैमरे में कैद हो गई है, उसके बाद पुलिस ने उसका DVR मशीन ही अपने कब्जे में ले लिया। अब पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान करने में जुटी है। वारदात स्थल के पास मौजूद रहे लोगों की मानें तो अपराधी जिस बाइक से आए थे, उसके उपर प्रेस लिखा हुआ था।
सालों से चले आ रहे गैंगवार में अब तक 11 की हत्या
जिस वक्त दोनों भाइयों की हत्या पटना में हुई, उस दरम्यान इनके बड़े भाई व पूर्व विधायक चित्तरंजन शर्मा कटिहार में चल रहे भाजपा राज्य कार्य समिति की मीटिंग में थे। इसी साल 26 अप्रैल को जहानाबाद में चित्तरंजन शर्मा के चाचा अभिराम शर्मा और मसौढ़ी के नीमा गांव में भतीजा दिनेश सिंह की हत्या हुई थी। इस वारदात में और अब हुए डबल मर्डर में, दोनों ही वारदातों में नीमा गांव के ही संजय सिंह का नाम सामने आया है। पुलिस को संजय सिंह का नाम परिवार वालों ने ही बताया है।
दरअसल, पांडव गिरोह से दोनों ही गुटों का संबंध रहा हैं। इन दोनों के बीच सालों पहले नीमा गांव से ही जमीन को लेकर विवाद शुरू हुआ था। दोनों पक्षों को मिलाकर कुल 11 लोगों की हत्या अब तक हो चुकी है। फिलहाल पटना पुलिस अब हुए डबल मर्डर की गुत्थी सुलझाने में लगी है। वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों की पहचान में जुटी है। गौतम और शंभु की हत्या दो अपराधियों ने की है।







