राष्ट्रीय जनता दल के लिए अब नीतिगत और बड़े फैसले प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव लेंगे . मंगलवार की शाम राष्ट्रीय जनता दल की 10 सर्कुलर रोड राबड़ी आवास पर हुई विधानमंडल दल की बैठक में तेजस्वी यादव को बड़ी जिम्मेवारी सौंपी गई. भले ही अघोषित रूप से यह जिम्मेवारी सौंपी गई हो लेकिन अंदरखाने से खबर यह है कि अब नीतिगत फैसले तेजस्वी यादव ही लेंगे. इसे लेकर राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की उपस्थिति में प्रस्ताव भी पारित किया गया है. बैठक संपन्न होने के बाद राजद के वरिष्ठ नेता आलोक मेहता ने कहा कि तेजस्वी यादव प्रतिपक्ष के नेता हैं और पहले से ही वह फैसले लेते रहे हैं, इसलिए उन्हें एक बार फिर से अधिकृत किया गया है.
मतलब साफ है कि पार्टी किस तरह से आंदोलन करेगी या फिर अन्य नीतिगत फैसले लेगी, यह सब तेजस्वी यादव ही तय करेंगे. वरीय नेता और विधायक भाई वीरेंद्र ने बैठक में भाग लेने के बाद कहा कि लालू प्रसाद यादव की अध्यक्षता में पार्टी की सदस्यता अभियान को लेकर व्यापक तौर पर चर्चा की गई है. भाई वीरेंद्र ने कहा कि ने 1 करोड़ लोगों को पार्टी से जोड़ने का पूरे बिहार के लिए लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने नेताओं को कई टास्क दिया है.
प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने इशारों ही इशारों में तेजस्वी के हाथ बागडोर दिए जाने की बात स्वीकार की है. महागठबंधन में एमएलसी प्रत्याशी को लेकर बिखराव के बाद से जगदानंद सिंह ने साफ तौर पर इंकार किया है. हालांकि तीनों सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए जाने को लेकर नाराजगी की बात सामने आई है. राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की अध्यक्षता में विधानमंडल दल की बैठक में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के अलावा उनके छोटे भाई तेजप्रताप यादव और राबड़ी देवी, उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी समेत पार्टी के कई बड़े नेता और विधायक मौजूद रहे.
आरजेडी नेता और बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने बैठक के बाद बताया कि आरजेडी विधानमंडल दल की बैठक में तेजस्वी यादव को सर्वसम्मति से संघर्ष के सभी फैसले लेने के लिए अधिकृत कर दिया गया। उन्हें जाति आधारित जनगणना को लेकर भी फैसले लेने का पूरा अधिकार दिया गया। अब तेजस्वी आगे के रास्ते तय करने वाले सभी फैसले ले सकेंगे। आरजेडी में अब तेजस्वी यादव के नेतृत्व में बैठकें होंगी।
राजद की यह बैठक जातीय जनगणना के मुद्दे पर बुलाई गई थी, जिसमें सीएम नीतीश द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक को लेकर चर्चा हुई। राजद की ओर से कहा गया है कि हर हाल में जातीय जनगणना होनी चाहिए ताकि विकास के कार्यों को सही तरीके से धरातल में उतारा जा सके।
बता दें कि लालू यादव हाल ही में जेल से जमानत पर निकले हैं। उन्हें चारा घोटाले के कई मामलों में सजा हो चुकी है। लालू यादव की तबीयत भी अब ठीक नहीं रहती है और परिवार में उनके उत्तराधिकारी को लेकर भी तनातनी चलती रही है। लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव लगातार पार्टी के स्थानीय नेतृत्व पर हमला बोलते रहे हैं। शायद यही कारण है कि लालू यादव अब तेजस्वी यादव को पार्टी की कमान सौंपते दिख रहे हैं।







