पटना में राबड़ी देवी के आवास समेत दिल्ली में मीसा भारती व अन्य रिश्तेदारों के आवास पर चल रही सीबीआई की छापेमारी के विरोध में राजद कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए हैं। पटना में 10 सर्कुलर रोड, राबड़ी आवास के बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता धरना पर बैठ गए हैं। वे सीबीआई वापस जाओ के नारे लगा रहे हैं। उनका कहना है कि लालू प्रसाद को परेशान करने के लिए राजनीति से प्रेरित होकर यह कार्रवाई कराई जा रही है। प्रदर्शन में राजद के कई विधायक व नेता भी शामिल हैं।
सीबीआइ वापस जाओ के लगाए जा रहे नारे
छापेमारी की सूचना मिलते ही समर्थकों का जमावड़ा राबड़ी देवी के आवास के बाहर होने लगा। देखते ही देखते बड़ी संख्या में कार्यकर्ता वहां पहुंच गए। वे हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर नारेबाजी कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार सीबीआइ का दुरुपयोग कर रही है। भाजपा के इशारे पर सीबीआइ ने यह कदम उठाया है। यह सब जातीय जनगणना के लिए सीएम नीतीश कुमार और तेजस्वी के साथ आने की बौखलाहट में किया जा रहा है।विधायक डा. मुकेश रौशन, आभा लता, आलोक मेहता, शक्ति सिंह यादव आदि इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। राजद नेताओं का कहना है कि छापेमारी का समय भी ऐसा चुना गया है जब परिवार में न तेजस्वी मौजूद हैं और न लालू प्रसाद। यह सब साजिश है।
मालूम हो कि डोरंडा ट्रेजरी से अवैध निकासी मामले में कुछ दिनों पहले ही लालू प्रसाद यादव को जमानत मिली है। इसके बाद वे स्वास्थ्य कारणों से दिल्ली में अपनी पुत्री राज्यसभा सांसद डा. मीसा भारती के आवास पर रह रहे हैं। डाक्टर की सलाह के बाद वे पटना आने वाले थे। इस बीच यह कार्रवाई हुई है। तेजस्वी यादव पत्नी के साथ फिलहाल लंदन में एक कार्यक्रम में शामिल होने गए हैं। पटना आवास पर राबड़ी देवी और तेज प्रताप यादव हैं।
राजद विधायक मुकेश रौशन ने कहा कि बिहार में कई घोटाले हुए। बालिका गृह कांड में क्या हुआ, सृजन घोटाले में क्या हुआ, उसपर कार्रवाई क्यों नहीं होती। 17 वर्षों से ये लोग सत्ता में नहीं हैं फिर ये कौन सा छापा है। अभी लालू जी बीमार हैं। तेजस्वी यादव दिल्ली में हैं। सच्चाई यह है कि लालू प्रसाद और तेजस्वी की लोकप्रियता से घबराकर सीबीआइ का इस्तेमाल किया जा रहा है। राजद विधायक ने कहा कि जबसे नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच नजदीकियां बढ़ी हैं तब से भाजपा का सिर दर्द बढ़ गया है और केंद्र सरकार ने अपना तोता सीबीआई को राबड़ी देवी के आवास पर भेज दिया है। ऐसे समय में यह छापेमारी ठीक नहीं है, जब लालू प्रसाद का दिल्ली में इलाज चल रहा है और तेजस्वी यादव भी बाहर हैं। राजद नेता विजय सम्राट ने कहा कि षडयंत्र रचकर ये टार्चर करने का प्रयास है। ये लोग 15 ठिकानों पर छापेमारी कर रहे हैं, 100 पर भी कर लेंगे तो कुछ नहीं मिलने वाला।
राबड़ी देवी के भाई प्रभुनाथ यादव ने घर में दीदी अकेली हैं। ऐसे समय में जानबूझकर ये छापेमारी की गई है। यह सर्वथा अनुचित है। कांग्रेस प्रवक्ता असितनाथ तिवारी ने कहा कि यह नहीं कह सकते कि लालू प्रसाद के कार्यकाल में गड़बड़ी नहीं हुई। लेकिन उससे काफी ज्यादा गड़बड़ी नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) के कार्यकाल में हुई हैं। लेकिन इसपर उनकी नजर नहीं है। वे बस एक परिवार को टारगेट बनाए हुए हैं। केंद्रीय एजेंसी का ऐसा दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।







