पर्यावरण‚ वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय‚ भारत सरकार की ओर से आगामी एक जुलाई से चिन्हित सिंगल यूज वाले प्लास्टिक (जिसमें पालिस्टाइरीन और विस्तारित पालिस्टाइरीन भी शामिल है) प्लास्टिक डंडिया वाले इयाबड्स‚ गुब्बारों के प्लास्टिक की डंडि़या‚ प्लास्टिक के झंडे़‚ थमाæकोल की सजावटी सामग्री‚ प्लेट‚ ग्लास‚ कप‚ कटलरी के समान जैसे – काटा‚ चम्मच‚ चाकू‚ स्ट्रा‚ ट्रे‚ स्टिर्र‚ मिठाई के डब्बे‚ आमंत्रण कार्ड‚ सिगरेट पैकेट के चारों ओर लपेटे या पैक किये गये प्लास्टिक फिल्म‚ १०० माईक्रॉन से कम मुटाई वाले प्लास्टिक के पीवीसी के बैनर आदि के विनिर्माण‚ आयात‚ भण्डारण‚ वितरण‚ बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जायेगा।
बिहार सरकार द्वारा किसी भी प्लास्टिक से बने कैरी बैग (इसके आकार एवं मुटाई पर विचार किये वगैर) का विनिर्माण‚ आयात‚ भण्डारण‚ वितरण‚ बिक्री और उपयोग को निषिद्ध किया गया है। उक्त प्रतिबंध के आलोक में बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् द्वारा जागरूकता कार्यक्रम के तहत शनिवार पटना के सभी मॉल‚ सुपर मार्केट‚ डिर्पाटमेन्टल स्टोर्स‚ स्टॉकिस्टों‚ डिलरों‚ थोक विक्रेताओं‚ खुदरा विक्रेताओं के साथ बैठक का आयोजन पर्षद् मुख्यालय में किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् के सदस्य–सचिव एस. चन्द्रशेखर ने कहा कि चिन्हित एकल उपयोग प्लास्टिक पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य के लिये हानिकारक है। चिन्हित एकल उपयोग प्लास्टिक के पात्रों में खाद्य पदार्थ लेने पर यह हमारे स्वास्थ्य को कुप्रभावित कर सकते हैं। साथ ही बताया गया कि एकल उपयोग प्लॉस्टिक बिहार राज्य ही नहीं वरण सम्र्पूण भारत में लागू होेने जा रहा है।
बैठक में‚ पर्षद् के विश्लेषक डॉ. नवीन कुमार ने कहा कि चिन्हित एकल उपयोग प्लास्टिक के उत्पादक बंद कर सरकार ने आम–जनों के स्वास्थ्य की रक्षा का संकल्प लिया है। एकल उपयोग प्लास्टिक वैसे प्लास्टिक उत्पाद है‚ जिसे हम बहुत ही छोटे समय के लिये उपयोग करते हैं एवं इसे यत्र– तंत्र फेंक देते हैं। यह प्लास्टिक प्रबंधन व्यवस्था में नहीं आ पाता है एवं भूमि अथवा जल में पंहुचकर जीवों एवं पर्यावरण को लम्बे समय तक हानि पहुंचाता रहता है। पर्षद् के वैज्ञानिक अरूण कुमार ने चिन्हित एकल उपयोग प्लास्टिक पर प्रस्तुतिकरण दिया। उनके द्वारा चिन्हित एकल उपयोग प्लास्टिक के वैधानिक प्रावधानों से अवगत कराते हुए बताया गया कि बिहार सरकार द्वारा २०१८ में सभी प्रकार के प्लास्टिक कैरीबैग के विनिर्माण‚ आयात‚ भण्डारण‚ वितरण‚ बिक्री और उपयोग पर पूर्णतः प्रतिबंधित किया जा चुका है तथा एकल उपयोग प्लास्टिक को भी राज्य सरकार द्वारा जून‚ २०२१ में प्रतिबंध लगाया गया था जो दिसम्बर २०२१ से प्रभावी होना था‚ जिसे दिसम्बर‚ २०२१ में संशोधित कर भारत सरकार के अनुरूप एक जुलाई‚ २०२२ कर दिया गया। सदस्य–सचिव द्वारा स्पष्ट किया गया कि यह प्रतिबंध केवल चिन्हित एकल उपयोग सामाग्रियों एवं कैरी बैग पर ही लागू है। बैठक में पी.एण्ड एम. माल के सत्यलोचनदास‚ राज रोशन एवं दीपक कुमार सिंह‚ ईं. किराना के श्रीवासुदेव‚ मनपसंद किराना के अनिकेत कुमार‚ ९ टू ९ सुपर मार्केट के अरविन्द कुमार एवं मनीष कुमार के साथ अन्य लोग शामिल हुए।







