पिछले 5 दिनों से चल रहा साइक्लोन असानी अब कमजोर पड़ने लगा है। बुधवार को आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद गुरुवार को यह धीरे-धीरे बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, साइक्लोन आज शाम तक बंगाल की खाड़ी में पहुंचेगा। इसके बाद यह शांत पड़ सकता है।
हालांकि, बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने के दौरान ओडिशा, आंध्र प्रदेश और बंगाल के तटवर्ती इलाकों में हल्की और भारी बारिश के साथ 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तूफान का असर इन राज्यों की सीमाओं से लगे दूसरे राज्यों पर भी रहेगा। बंगाल और ओडिशा से सटे झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। इन इलाकों में बुधवार को भी बारिश हुई थी।
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को साइक्लोन असानी मछलीपट्टनम से करीब 20 किलोमीटर नॉर्थ-ईस्ट, नरसापुर से 50 किलोमीटर साउथ-वेस्ट और आंध्र प्रदेश में काकीनाडा से 120 किमी पश्चिम-दक्षिण पश्चिम में स्थित था। बारिश को लेकर राज्य अभी भी अलर्ट मोड पर है।
पटना में जमकर हुई बारिश, 50 किमी की रफ्तार से चली आंधी
पूर्वानुमान से परे बुधवार को शाम तीन बजे के बाद पटना और अरवल के इलाकों में अचानक सुपर थंडर स्टोर्म (आंधी) उठा. इसका केंद्र पालीगंज रहा. यहां आंधी की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रही. पटना शहर के दक्षिण से गुजरे इस थंडर स्टोर्म को लेकर रेड अलर्ट जारी करना पड़ा. स्थानीय मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इसकी रफ्तार बेहद खतरनाक रही. हालांकि थंडर स्टोर्म की वजह से दोपहर तक ऊमस युक्त तपिश से लोगों को कुछ राहत मिली.
आइएमडी ने कुछ इलाकों में गुरुवार को भी सुपर थंडर स्टोर्म की चेतावनी दी है. इस थंडर स्टोर्म की वजह लोकल हीट और मध्य बिहार से गुजर रही ट्रफ लाइन है. सुपर थंडर स्टोर्म में हवा की गति सामान्य थंडर स्टोर्म की तुलना में अधिक होती है. इसमें 50 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर बारिश और ठनका की तीव्रता अधिक होती है. बुधवार की देर रात राजधानी पटना में भी बूंदाबांदी हुई.
हल्की से मध्यम बारिश होने के भी आसार
आइएमडी रिपोर्ट के मुताबिक अगले चार दिन पश्चिमी-पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर और वैशाली आदि में थंडरस्टोर्म की स्थिति बन सकती है. इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश होने के भी आसार हैं.
राज्य में कई जगहों पर पारा 40 के पार
इधर बिहार के दक्षिणी इलाके में कई जगहों पर पारा 40 डिग्री सेल्सियस से पार कर गया. इसकी वजह से उन इलाकों में भी थंडर स्टोर्म की आंशिक परिस्थितियां बनीं. बिहार में सबसे अधिक उच्चतम तापमान डेहरी में 40.6 डिग्री दर्ज किया गया. इसके अलावा सर्वाधिक तापमान औरंगाबाद में 40.2, बक्सर में 40.3, नवादा और जमुई में 39.1, गया में 39.3 ,पश्चिमी चंपारण में 38.7 और नालंदा में 38.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
फ-रेखा उत्तर बिहार से होते हुए महाराष्ट्र की ओर बढ़ रही है, जिसके प्रभाव से गुरुवार को पटना व इसके आसपास क्षेत्रों में आंशिक बादल छाए रहने के साथ मेघ गर्जन व छिटपुट बारिश के आसार हैं। वहीं, प्रदेश के 13 जिलों के पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया और कटिहार जिले के एक दो स्थानों पर बिजली चमकने, मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से शुक्रवार तक इन प्रदेशों को लेकर येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। वहीं, पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के जमुई जिले में 2.5 मिमी एवं भागलपुर के सबौर में 2.0 मिमी बारिश दर्ज की गई जबकि प्रदेश के शेष भागों का मौसम पुरवा के कारण सामान्य बना रहा।
कई राज्यों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान, तटीय आंध्र प्रदेश में बहुत भारी बारिश संभव है। पश्चिम बंगाल, तटीय ओडिशा, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और दक्षिण कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश की संभावना है। वहीं, केरल और तमिलनाडु में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है।

आंध्र के CM ने की समीक्षा बैठक
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने तटीय जिलों के कलेक्टरों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हालात का जायजा लिया। किसी भी इमरजेंसी के दौरान इन्हें हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है। इसके अलावा CM ने कहा कि हमारा ध्यान जानमाल के नुकसान को रोकने पर होना चाहिए। आंध्र सरकार ने तूफान से प्रभावित हो सकने वाले 7 जिलों में 454 रिलीफ कैंप खोले है।

दक्षिणी राज्यों के तट पर तूफान के अलर्ट से हजारों नौकाएं फंसीं
केरल की राजधानी तिरुअनंतपुरम में असानी तूफान ने मछुआरों की जिंदगी मुश्किल में डाल दी है। मछुआरों को मौसम पूर्वानुमान के बाद अगला आदेश आने तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। तिरुअनंतपुरम में विजनीजाम पोर्ट में मछुवारे तट पर अपनी बोट लगाकर मौसम में सुधार का इंतजार कर रहे हैं।
असानी के चलते NDRF की कुल 50 टीमों को पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के लिए रखा गया है। इसमें से 22 टीमों को ग्राउंड पर तैनात किया गया है, जबकि 28 टीमों को स्थिति से निपटने के लिए राज्यों के भीतर अलर्ट पर रखा गया है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों के हवाई सर्वे और राहत बचाव कार्यों के लिए विशाखापट्टनम में INS डेगा और चेन्नई के पास INS रजाली को नेवी स्टेशन पर अलर्ट मोड पर रखा गया है।







