विकासशील इंसान पार्टी (वीआइपी) के संस्थापक और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने भाजपा पर अति पिछड़ों और सहनी समुदाय का छलने का आरोप लगाया है। सहनी से लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि वीआइपी यह लड़ाई खुद के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए लड़ रही है। सहनी शुक्रवार को बेतिया में तकनीकी सुविधा से लैस पार्टी कार्यालय के उद्घाटन के बाद उपस्थित लोगों को संबंधित कर रहे थे। उन्होंने बेतिया को भाजपा का गढ़ होने से इन्कार किया और कहा कि यह हम सब का गढ़ है। इस दौरान बिहार के पूर्व पशुपालन मंत्री मुकेश सहनी ने कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं की बात मानकर वीआइपी का विलय उनकी पार्टी में कर लेता तो मैं भी आज मंत्री होता।
बिहार के विकास ने फिर से मुझे यहां खींच लिया
सहनी ने कहा कि आज बिहार के विकास के लिए हम सब को सोचना होगा। आज स्थिति यह है कि यहां के लोगों को रोजगार के लिए अन्य राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है। पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा मैं भी बिहार से मुंबई रोजगार की तलाश में गया था, लेकिन अपने बिहार के विकास ने फिर से मुझे यहां खींच लिया।
मैंने भाजपा की चुनौती को स्वीकार किया
सहनी ने कहा कि अगर भाजपा नेताओं की बात मानकर वीआइपी का विलय उनकी पार्टी में कर लेता तो मैं भी आज मंत्री होता, लेकिन मैंने भाजपा की चुनौती को स्वीकार किया। चंपारण में आज समस्याओं का अंबार है, लेकिन जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे हैं। बोचहां विधानसभा उप चुनाव को उन्होंने ट्रेलर बताया और कहा कि अभी पूरी फिल्म बाकी है। उन्होंने कहा कि पार्टी लगातार अपना विस्तार कर रही है। इसी कड़ी में बेतिया में कार्यालय खुला है। जल्द ही अन्य जिलों में कार्यालय खुलेंगे। वीआइपी के कार्यकर्ताओं ने इस दौरान मोटरसाइकिल रैली भी निकाली।






