ADVERTISEMENT
Wednesday, July 29, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

जलवायु परिवर्तन पर हालिया रिपोर्ट चौंकाती कम ड़राती ज्यादा है

UB India News by UB India News
April 6, 2022
in Lokshbha2024, खास खबर, पर्यावरण, ब्लॉग
0
जलवायु परिवर्तन पर हालिया रिपोर्ट चौंकाती कम ड़राती ज्यादा है

RELATED POSTS

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच वैश्विक संकट पर पीएम मोदी ने बुलाई अहम बैठक,

BJP विधायक राजू सिंह की सजा पर हाईकोर्ट में क्यों लगी रोक?

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

संयुक्त राष्ट्र के इंटर गवर्नमेंट पैनल ऑन क्लाइमेट (आईपीसीसी) की जलवायु परिवर्तन पर हालिया रिपोर्ट चौंकाती कम ड़राती ज्यादा है। आईपीसीसी की पूरी रिपोर्ट चेतावनियों से भरी हुई है। इसलिए बिना वक्त गंवाए जलवायु परिवर्तन को रोकने के उपाय अमल में लाने होंेगे। आज पूरे भारत में खासकर उत्तर भारत में सूर्य के तीखेपन को लेकर चर्चा है। लोग बढ़ते तापमान को लेकर परेशान हैं और इसे प्रकृति का अन्याय तक बताते हैं। जबकि प्रकृति के साथ तो आम लोगों ने अन्याय किया है। पेड़़ काटे ड़ाले हैं‚ पर्वतों को तोड़़कर समतल कर दिया गया है‚ नदियों के बहाव को बांध दिया गया है और शहर–दर–शहर व गांव–दर–गांव कंक्रीट के जंगल बसाए जा रहे हैं। क्या ऐसे उपक्रम से धरती बचेगीॽ शायद नहीं। वैसे भी अब तो पृथ्वी को बचाने की लड़़ाई अंतिम दौर में है। अगर आने वाले आठ वर्षों में हम कार्बन उत्सर्जन को रोक नहीं सके तो हमारा मिटना तय है। हमें अपनी हर गतिविधियों में व्यापक बदलाव लाना होगा। मसलन; खाने–पीने‚ चीजें खरीदने और उपयोग करने की मौजूद आदतों तक को बदलना होगा। इसके अलावा कोयले से बिजली उत्पादन रोकने को लेकर भी सख्त फैसले लेने होंगे। अगर यह सब उपाय तत्काल प्रभाव से नहीं अपनाए गए तो बढ़ता तापमान शायद कभी नहीं रुक पाएगा। आईपीसीसी के वैज्ञानिकों ने आठ वर्ष बाद यानी २०३० तक पृथ्वी को बचाने के लिए चेतावनियों से भरी कार्ययोजना जारी की है। इस रिपोर्ट में साफ–साफ कहा गया है कि हमें अगले कुछ वर्षों तक ग्रीन हाउस गैसों को बिल्कुल भी नहीं बनने देना होगा। उत्सर्जन में कटौती के बिना ग्लोबल वामिग को १.५ डि़ग्री सेल्सियस तक सीमित करना पहुंच से बाहर हो जाएगा। साफहै कि ऊर्जा क्षेत्र में बड़े़ बदलाव करने होंगे। साथ ही जीवाश्म इधन के इस्तेमाल में भारी कमी लानी होगी। ग्लोबल वामिग को कम करने और धरती को रहने लायक बनाने के वास्ते पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पूरा करना ही होगा। यह ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ जैसा है। स्वाभाविक रूप से हर किसी को एक्टिविस्ट बनना होगा। योद्धा बनकर ही हम धरती को फिर से रहने लायक बना सकते हैं। आरामतलबी होने के नुकसान कितने घातक होते हैं‚ यह अब जगजाहिर है। सरकार के साथ ही आम नागरिक को पर्यावरण को बेहतर बनाने की मुहिम अपने हाथों में लेनी होगी। इस भगीरथ प्रयास में हरेक को शामिल होना होगा।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’: नया इतिहास रचने जा रहा भारत, होगा 21वीं सदी का महत्वपूर्ण निर्णय- पीएम मोदी

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच वैश्विक संकट पर पीएम मोदी ने बुलाई अहम बैठक,

by UB India News
July 28, 2026
0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार शाम को प्रमुख मंत्रालयों के सचिवों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करेंगे. बताया जा रहा...

BJP विधायक राजू सिंह की सजा पर हाईकोर्ट में क्यों लगी रोक?

BJP विधायक राजू सिंह की सजा पर हाईकोर्ट में क्यों लगी रोक?

by UB India News
July 28, 2026
0

बिहार के पूर्व बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत मिली. हाईकोर्ट ने साल 2018 के चर्चित...

प्रधान के इस्तीफे पर वर्ल्ड मीडिया…….

प्रधान के इस्तीफे पर वर्ल्ड मीडिया…….

by UB India News
July 27, 2026
0

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए...

2029 के लोकसभा चुनाव में उतरेंगे Gen-Z?

2029 के लोकसभा चुनाव में उतरेंगे Gen-Z?

by UB India News
July 27, 2026
0

नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवा पीढ़ी यानी जेन-जी के प्रदर्शन के बाद पूरे देश...

पेपर लीक पर बढ़ते बवाल के आगे झुकी सरकार, धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा………………….

इस्तीफे अक्सर राजनीतिक संदेश होते हैं, करियर का अंत नहीं………………

by UB India News
July 27, 2026
0

कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के आंदोलन के बाद अंतत: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना...

Next Post
रेरा से उम्मीद थी कि इसके क्रियान्वित होने के बाद………….

रेरा से उम्मीद थी कि इसके क्रियान्वित होने के बाद.............

अल्पमत में आने के बाद श्रीलंका में राष्ट्रपति ने वापस लिया आपातकाल

अल्पमत में आने के बाद श्रीलंका में राष्ट्रपति ने वापस लिया आपातकाल

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend