ADVERTISEMENT
Monday, July 27, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

अगर राज्यपाल के पाले में गई गेंद तो ……………

UB India News by UB India News
March 9, 2022
in Lokshbha2024, खास खबर, प्रदेश, ब्लॉग
0
अगर राज्यपाल के पाले में गई गेंद तो ……………
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

10 मार्च को रिजल्ट आने के बाद चुनावी राज्यों में अगर आंकड़ों का पेंच फंसा तो सभी को राज्यपाल याद आएंगे। सरकार बनाने में उनकी अहम भूमिका जो होगी। ऐसे में आइए हम पांचों चुनावी राज्यों के राज्यपालों के प्रोफाइल पर नजर डालते हैं। देखते हैं और अंदाज लगाते हैं कि पेंच फंसने पर राज्यपाल क्या फैसला ले सकते हैं?

सबसे पहले जानते हैं कि राज्यपालों की क्या खास भूमिका होती है?
विधानसभा चुनाव के बाद किसी राजनीतिक दल को सरकार बनाने के लिए राज्यपाल ही न्योता देते हैं, इसलिए चुनाव में बराबरी का मुकाबला होने पर राज्यपाल काफी अहम भूमिका में होते हैं। ऐसी स्थिति में राज्यपाल दो प्रमुख आधार पर न्योता देते हैं। पहला, सबसे बड़ी पार्टी को।

RELATED POSTS

प्रधान के इस्तीफे पर वर्ल्ड मीडिया…….

2029 के लोकसभा चुनाव में उतरेंगे Gen-Z?

दूसरा, राज्यपाल किसी गठबंधन को भी न्योता दे सकते हैं जब वे अपने विवेक क आधार पर यह मानते हों कि गठबंधन के पास सरकार बनाने के लिए पूरा समर्थन है। इसके लिए वे विधायकों के समर्थन पत्रों के साथ उनकी राजभवन में परेड भी करवा सकते हैं। यही वजह है कि किसी राज्य में बराबरी का मुकाबला होने पर गवर्नर की भूमिका अहम हो जाती है।

1. उत्तर प्रदेशः राज्यपाल आनंदी बेन पटेल गुजरात में BJP सरकार की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं

1987 की बात है। अहमदाबाद के मोहिनीबा कन्या विद्यालय की प्रिंसिपल अपनी स्टूडेंट्स के साथ पिकनिक पर गई थीं। इस दौरान उनकी दो छात्राएं नर्मदा नदी में गिर गईं। उन्हें डूबता देख प्रिंसिपल बिना किसी परवाह के नदी में कूद गईं और दोनों को बाहर निकाल लाईं। ये प्रिंसिपल आनंदी बेन पटेल थीं।

आनंदीबेन के पति मफतभाई पटेल उन दिनों भाजपा के बड़े नेता था। नरेंद्र मोदी और शंकर सिंह वाघेला ने आनंदीबेन को भी भाजपा से जुड़ने के लिए कहा। उसी साल आनंदीबेन भाजपा में शामिल हो गईं और गुजरात प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष बनीं।

इसके बाद 1994 में गुजरात से राज्यसभा सांसद, 1998 में विधायक और शिक्षा मंत्री बनीं। नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद भी आनंदीबेन मंत्री बनी रहीं। 2014 में नरेंद्र मोदी के गुजरात CM की कुर्सी छोड़ने के बाद आनंदीबेन पटेल को जिम्मेदारी दी गई। आनंदी बेन का पूरा राजनीतिक करियर भाजपा और खासकर मोदी धड़े में बीता है। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल बनने से पहले वो मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की भी राज्यपाल रह चुकी हैं।

2. पंजाबः राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित 1999 से ही रहे हैं BJP का हिस्सा

2018 की बात है। तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। कॉन्फ्रेंस में एक महिला पत्रकार ने उनसे कोई सवाल पूछा। पुरोहित ने जवाब न देकर महिला पत्रकार के गाल थपथपा दिए। इस मामले को लेकर काफी बवाल मचा और पुरोहित को माफी मांगनी पड़ी।

पुरोहित इस वक्त पंजाब के राज्यपाल हैं। वो महाराष्ट्र के विदर्भ जिले के जाने-माने नेता हैं। उन्होंने अपना राजनीतिक करियर कांग्रेस पार्टी से शुरू किया था। 1978 में वह पहली बार नागपुर ईस्ट से विधायक चुने गए। इसके बाद 1984 में पुरोहित 8वें लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी से सांसद बने थे।

1999 में वह कांग्रेस छोड़कर BJP में शामिल हुए। 2003 में बनवारी लाल ने विदर्भ राज्य पार्टी के नाम से अपना राजनीतिक दल बनाया। 2009 में वह एक बार फिर से BJP में शामिल होकर लोकसभा चुनाव लड़े, लेकिन इसमें उनकी हार हुई। अगस्त 2016 में बनवारी लाल को असम का गवर्नर नियुक्त किया गया, फिर 2017 में वह तमिलनाडु के राज्यपाल नियुक्त हुए। 27 अगस्त 2021 को वह पंजाब के राज्यपाल नियुक्त किए गए।

3. गोवाः राज्यपाल एस श्रीधरन पिल्लई 2 बार रह चुके हैं केरल BJP अध्यक्ष

कोरोना महामारी के दौरान पहली बार 24 मार्च 2020 को देशभर में लॉकडाउन लगा। इसके बाद मार्च से अगस्त के बीच 4 महीने में पीएस श्रीधरन पिल्लई ने 13 किताबें लिख दीं। इस वक्त यही श्रीधरन गोवा के राज्यपाल हैं। पहली बार श्रीधरन अक्टूबर 2019 में मिजोरम के राज्यपाल बनाए गए थे। इसके बाद उन्हें गोवा में राज्यपाल की जिम्मेदारी मिली।

पीएस श्रीधरन पिल्लई 2003 से 2006 के बीच केरल BJP प्रदेश अध्यक्ष रहे थे। इस दौरान 2004 में पहली बार केरल और लक्षद्वीप में BJP ने संयुक्त रूप से 2 लोकसभा सीटें जीती थीं। 2018 में एक बार फिर से उन्हें BJP प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

पीएस श्रीधरन पिल्लई ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत ABVP से की थी। श्रीधरन युवा अवस्था से अब तक BJP के बेहद करीबी हैं, इसी वजह से तोहफे में उन्हें राज्यपाल का पद मिला है।

4. मणिपुरः ला गणेशन ने राजभवन को दिए प्रोफाइल में बताया RSS से पारिवारिक नाता

2003 की बात है। तमिलनाडु BJP के उस वक्त के अध्यक्ष किरुबानिधि और BJP नेता ला गणेशन एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए मध्य प्रदेश पहुंचे थे। इस दौरान गणेशन ने आपसी विवाद के बाद जाति का जिक्र करते हुए किरुबानिधि को कोसना शुरू कर दिया। इसके बाद वे विवादों में आ गए थे।

अब इस वक्त ला गणेशन मणिपुर के राज्यपाल हैं। 27 अगस्त 2021 को उन्होंने ये पद संभाला था। इमरजेंसी के बाद 1970 से ही ला गणेशन BJP से जुड़े रहे हैं। गणेशन BJP में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और नेशनल सेक्रेटरी के पद पर रह चुके हैं। 5 दशक से ज्यादा समय से पार्टी से गहरे जुड़ाव की वजह से ही उन्हें यह अहम जिम्मेदारी दी गई थी। अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर परिचय में राज्यपाल ने RSS से जुड़ाव की जानकारी दी है।

5. उत्तराखंडः राज्यपाल गुरमीत सिंह सेना के पूर्व उप प्रमुख रह चुके हैं

2002 की बात है। भारतीय सेना के पूर्व उप प्रमुख गुरमीत सिंह एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बीजिंग गए थे। इस दौरान दोनों सेनाओं को अपने मैप साझा करने थे। हिमाचल, उत्तराखंड और लद्दाख दोनों देशों के सीमा मैप में अलग-अलग थे।

इस दौरान गुरमीत, चीनी अधिकारियों के साथ हिमाचल और उत्तराखंड से लगे बॉर्डर विवाद को सुलझाने में कामयाब रहे, लेकिन लद्दाख के मामले में सहमति नहीं बन पाई। यही वजह है कि ले. जनरल गुरमीत सिंह चीन से निपटने के मामले में एक्सपर्ट माने जाते हैं। LAC पर तनाव के बीच 7 बार उन्होंने चीन का दौरा कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया है।

राज्यपाल बेबी रानी मौर्या के इस्तीफे के बाद 15 सितंबर 2021 को गुरमीत सिंह उत्तराखंड के गवर्नर बनाए गए। पहली बार सैन्य पृष्ठभूमि वाले एक अधिकारी को राज्यपाल बनाया गया, जिनका BJP के साथ कोई जुड़ाव नहीं था।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

प्रधान के इस्तीफे पर वर्ल्ड मीडिया…….

प्रधान के इस्तीफे पर वर्ल्ड मीडिया…….

by UB India News
July 27, 2026
0

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए...

2029 के लोकसभा चुनाव में उतरेंगे Gen-Z?

2029 के लोकसभा चुनाव में उतरेंगे Gen-Z?

by UB India News
July 27, 2026
0

नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवा पीढ़ी यानी जेन-जी के प्रदर्शन के बाद पूरे देश...

पेपर लीक पर बढ़ते बवाल के आगे झुकी सरकार, धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा………………….

इस्तीफे अक्सर राजनीतिक संदेश होते हैं, करियर का अंत नहीं………………

by UB India News
July 27, 2026
0

कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के आंदोलन के बाद अंतत: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना...

आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज, सीजेपी प्रवक्ता का दावा- दीपके को हिरासत में लिया

क्या पेपरलीक केवल कानून-व्यवस्था से कहीं अधिक नीतिगत विफलता का परिणाम है ……………….

by UB India News
July 27, 2026
0

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रविवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री का कार्यभार संभाल लिया। अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की। इससे...

पेपर लीक पर बढ़ते बवाल के आगे झुकी सरकार, धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा………………….

पेपर लीक पर बढ़ते बवाल के आगे झुकी सरकार, धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा………………….

by UB India News
July 26, 2026
0

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया. जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से भी...

Next Post
युक्रेन से भारत सरकार ने पाकिस्तान और बांग्लादेश के नागरिकों को भी किया रेस्क्यू…

युक्रेन से भारत सरकार ने पाकिस्तान और बांग्लादेश के नागरिकों को भी किया रेस्क्यू...

कंधार विमान अपहरण में शामिल आतंकी जहूर मिस्त्री की कराची में हत्या के पीछे कौन…

कंधार विमान अपहरण में शामिल आतंकी जहूर मिस्त्री की कराची में हत्या के पीछे कौन...

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend