आज बजट सत्र का 5वां दिन है। गुरुवार रात भागलपुर में हुए ब्लास्ट को लेकर विपक्ष सदन के बाहर प्रदर्शन कर रहा है। वहीं, भागलपुर से कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा ने कहा कि पहले भी उसी घर में 2018 और 2020 में ब्लास्ट हो चुका है। प्रशासन नहीं चेत रही है। इस घटना के पीछे पूरी तरह से प्रशासन की नाकामी है। नीतीश सरकार हमेशा सुशासन की बात करती है। लेकिन, इस पूरी घटना से असलियत का पता चल सकता है। उन्होंने कहा कि मृतक के परिजनों को मुआवजे की मांग सरकार से की है। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की है। कांग्रेस विधायक आज इस पूरे मामले को विधानसभा सत्र में उठा भी सकते हैं।
विधान परिषद में कंप्यूटर शिक्षकों की नियुक्ति का उठा सवाल
विधान परिषद में शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि 50 अनुकरणीय विद्यालयों में स्कूल से ही इंटरनेट और कंप्यूटर से अवगत कराने की योजना शुरू की है। यह मॉडल सफल होगा तो आगे बढ़ाएंगे। बच्चे कंप्यूटर नहीं जानेंगे तो आगे नहीं बढ़ पाएंगे। सरकार कंप्यूटर के प्रचार-प्रसार पर जोर देगी। वहीं, प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि 5 साल से बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा नहीं मिल पा रही है। प्रेमचंद मिश्रा ने सवाल पूछा कि प्रशिक्षित कंप्यूटर शिक्षकों को क्यों हटा दिया गया?

भाई वीरेंद्र बोले- अपराध बढ़ रहा, सरकार सिर्फ कर रही जुमलेबाजी
इधर, RJD विधायक भाई वीरेंद्र ने सदन के बाहर कहा कि सरकार को कोई मतलब नहीं है। सरकार बस जनता के पैसों को बर्बाद कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ जुमलेबाजी करने में लगी है। अपराध बढ़ता जा रहा है, लेकिन सरकार ने शराबबंदी में सभी प्रशासनिक अधिकारियों को लगा दिया है। उन्होंने सरकार द्वारा ड्रोन और हेलीकॉप्टर के सहारे शराब माफियाओं पर नकेल कसने की कवायद पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा लुटाने में लगी है।

विपक्ष के नेता लगा रहे हैं नारे
सदन के बाहर जोर-शोर से प्रदर्शन चल रहा है। नाबालिग बच्चियों को बांधकर पीटने वाले शर्म करो, बालू माफियाओं की दादागिरी बंद करो, सरकार की तानाशाही नहीं चलेगी का हाथ में बोर्ड लेकर विपक्ष के नेता प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, माले नेता भी नारेबाजी कर रहे हैं। 900 करोड़ रुपए की उपयोगिता प्रमाण क्यों नहीं, खाद घोटाले की जांच कराओ, सभी विभागों में भ्रष्टाचार की जांच कराओ, विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्ति में हुए भ्रष्टाचार की जांच कराओ, मनरेगा घोटाला की उच्च स्तरीय जांच कराओ आदि नारे लगा रहे हैं।







