भूटान के जेन–नेक्स्ट डेमोक्रेसी नेटवर्क प्रोग्राम का प्रतिनिधिमंडल नालंदा विश्वविद्यालय का भ्रमण किया। आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत भूटान के युवा नेताओं को भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं‚ सांस्कृतिक विरासत और वर्तमान में हो रहे विकास का अवलोकन करने के लिए नालंदा विश्वविद्यालय में उनकी यात्रा का आयोजन किया गया था। चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में नवांगग्यालछन‚ पशुपति दियाली‚ सोनमयांगडेन और शेरिंगडेनकर शामिल थे‚ जो भूटान के व्यापार‚ कला‚ संस्कृति‚ संगीत एवं साहित्य के क्षेत्र के अग्रणी युवा नेतृत्व हैं। यह दल २५ नवंबर से भारत की यात्रा पर है। नालंदा विश्वविद्यालय में इस प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया गया और उन्हें विश्वविद्यालय की शैक्षणिक‚ साहित्यिक और सांस्कृतिक पहलुओं एवं क्रियाकलापों से अवगत कराया गया। नालंदा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुनैना सिंह ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिनिधिमंडल को संबोधित किया। जहां उन्होंने नालंदा के पुनरुत्थान के महत्व‚ इसके अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप और ज्ञान–मार्ग के माध्यम से दुनिया के साथ विश्वविद्यालय के परस्पर संबंध को विकसित करने की बात की।
कुलपति के संबोधन में भारत और भूटान के बीच मजबूत सांस्कृतिक अंतसबंध पर जोर दिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने अकादमिक संकाय सदस्यों के साथ भी विस्तृत बातचीत की। विश्वविद्यालय की इंजीनियरिंग टीम ने विश्वविद्यालय के वास्तुशिल्प डिजाइन और नेट–जीरो की अवधारणा से प्रतिनिधि मंडल को अवगत कराया। प्रतिनिधियों ने शैक्षणिक कार्यक्रमों से संबंधित विश्वविद्यालय की पहल और विश्वविद्यालय के निर्माण में कुलपति के योगदान की सराहना की। मिनी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालयमें अध्ययनरत भूटान के छात्र–छात्राओं से मुलाकात की और उनके अनुभव के बारे में जाना। इस के बाद उन्होंने ने ४५५ एकड में फैले नालंदा विश्वविद्यालय के नेट–जीरो कैंपस का भ्रमण किया। इस दौरान उनके साथ मौजूद विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों और अधिकारियों ने उन्हें कैंपस में मौजूद इमारतों‚ संसाधनों और सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्हें नालंदा विश्वविद्यालय की वास्तुकला और स्थापत्य की बारीकियों और प्राचीन नालंदा महाविहार के साथ इसकी समानता के बारे में जानकारी दी गई। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे विभिन्न पर्यावरण संरक्षण संबंधित पहल के बारे में जानकारी लेते हुए भविष्य में भूटान के साथ अकादमिक संबंध की संभावनाओं के बारे में बातचीत की। उन्होंने विश्वविद्यालय में निर्मित हो रहे अभूतपूर्व निर्माण‚ सुनियोजित अकादमिक एवं शैक्षणिक व्यवस्था कीसराहना की और इसे समस्त शिक्षा जगत के लिए अनुकरणीय बताया।
क्यों बौखलाया गया है पाकिस्तान……………….
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में शुक्रवार शाम पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने कायराना हरकत करते हुए दो गैर-स्थानीय मजदूरों को निशाना बनाया....







