जदयू कार्यालय में बुधवार को नीतीश कुमार के कार्यकाल का पन्द्रह साल पूरा होने पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘नीतीश सरकार के १५ साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह एवं प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा सहित कई नेताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बधाई दी। नेताओं ने कई जगहों पर केक काटकर नीतीश सरकार के १६ साल पूरा होने पर जश्न मनाया।
केंद्रीय मंत्री और पूर्व जेडीयू अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने नीतीश सरकार के १५ साल बेमिसाल पर नीतीश कुमार को बधाई दी है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि आज से १६ वर्ष पहले बिहार में हमारे नेता‚ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार का गठन हुआ था। उस दिन से लेकर आज तक नीतीश कुमार की सरकार ने हर क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जिससे हमारे प्रदेश का चौमुखी विकास हुआ एवं बिहारियों का मान–सम्मान और गौरव बढा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के विजन की तारीफ हर जगह हो रही है। शराबबंदी के बाद समाज में बदलाव के लिए उन्होंने बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ भी राज्यव्यापी अभियान चलाया है। इसके साथ–साथ भविष्य की चिंता करते हुए उन्होंने जल जीवन हरियाली योजना की शुरुआत की। इस अभियान के तहत ११ बिंदुओं की कार्ययोजना तैयार की गई है‚ जिस पर वर्ष २०२२ तक २४‚५२४ करोड रुपए खर्च किए जाने हैं। योजना को मिशन मोड में लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं। उनके स्तर पर चलाया गया हर घर को नल का जल योजना की राष्ट्रीय स्तर पर तारीफ हुई और केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत इस योजना को लिया है।
श्री सिंह ने कहा कि कोरोना काल में जिस संयम के साथ मानव सेवा की गयी वो काबिल–ए–तारीफ है। कोरोना वैक्सीनेशन में बिहार टॉप छह राज्यों में शामिल है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार शताब्दी मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना के तहत नौवीं से १२वीं कक्षा तक की छात्राओं को पोशाक खरीदने के लिए १५०० रुपए दिए जा रहे हैं। इसी प्रकार मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना के तहत नौवीं कक्षा में दाखिला लेने वाली हरेक छात्रा को तीन हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। वित्तीय वर्ष २०१९–२० में इस योजना के तहत ५‚२६‚१०० छात्राओं को १५७.८३ करोड रुपए जारी किए गए। वहीं‚ मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन योजना के तहत बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से आयोजित मैट्रिक परीक्षा में प्रथम श्रेणी से पास करने वाली सामान्य व बीसी–२ श्रेणी की छात्राओं को १० हजार रुपए दिए जा रहे हैं। इसी प्रकार सामान्य कोटि की कक्षा नौवीं व १०वीं की छात्राओं को १५० रुपए छात्रवृत्ति के रूप में दिए जा रहे हैं। वर्ष २००५ से पहले बिहार में शिक्षा की क्या स्थिति थी‚ किसी से छुपी है क्या ॽ हाईस्कूल नहीं होने के कारण बच्चियों को प्राथमिक कक्षाओं के बाद स्कूल छोडना पडता था। स्कूल में बच्चों के लिए ड्रेस‚ किताब‚ शिक्षक और क्लासरूम की व्यवस्था का जो सिलसिला शुरू हुआ‚ अनवरत जारी है। बच्चियों के लिए शुरू की गई साइकिल योजना ने माध्यमिक शिक्षा की स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव लाए। वहीं‚ उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हर जिले तक इंजीनियरिंग कॉलेज‚ मेडिकल कॉलेज की संख्या में वृद्धि‚ विश्वविद्यालय व कॉलेजों की संख्या में नियमित इजाफा और उच्च शिक्षा में भी शिक्षकों की नियुक्ति की दिशा में कार्य चल रहे हैं। अब प्रदेश में आईआईटी भी है और आईआईएम भी। ट्रिपल आईटी‚ निफ्ट‚ चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय‚ चंद्रगुप्त मैनेजमेंट संस्थान‚ आर्यभ^ नॉलेज यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों ने प्रदेश की छवि को बदल कर रख दिया है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा सहित कई अन्य नेताओं ने भी इस मौके पर दी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बधाई॥ जदयू कार्यालय में बुधवार को नीतीश कुमार के कार्यकाल के पन्द्रह साल पूरा होने पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद ललन सिंह व अन्य।






