मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि कानून व्यवस्था को बनाए रखने और अपराध के खिलाफ जैसी कार्रवाई होती है उसी तरह शराबबंदी मामले में भी पूरी सक्रियता के साथ कार्रवाई की जाएगी और इसके लिए फिर से व्यापक अभियान चलाया जायेगा। नीतीश ने नई दिल्ली से लौटने के बाद शुक्रवार को यहां हवाईअड्डे पर पूर्ण शराबबंदी को लेकर पूछे गए पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा‚ कुछ लोग मेरे इस फैसले के खिलाफ हैं और धंधेबाज चाहते हैं कि शराबबंदी कानून विफल हो जाए। हम तो प्रारंभ से ही कहते रहे हैं कि हर आदमी एक विचार का होगा‚ यह संभव नहीं है। हमलोग यह मानकर चलते हैं कि कुछ लोग मेरे खिलाफ रहेंगे। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी करने वालों पर कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुद्े पर सात घंटे तक बैठक कर एक–एक चीजों पर चर्चा की गई है। हमलोगों ने शुरुआती दौर में इसके लिए नियम कानून बनाये हैं इसके अलावा लगातार अभियान भी चलाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमलोगों ने अलग–अलग समय पर नौ बार इसकी समीक्षा भी की है और जितनी बातें कही गयीं उन सब चीजों पर चर्चा की गयी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके बारे में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे पूरी मुस्तैदी के साथ अपना काम करें। लॉ एंड आर्डर और अपराध के खिलाफ जैसी कार्रवाई होती है उसी तरह इसपर भी पूरी सक्रियता के साथ कार्रवाई करनी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए फिर से पूरे राज्य में व्यापक अभियान चलाया जायेगा। नीतीश ने तीनों कृषि कानून को वापस लिए जाने के संबंध में पूछे गये सवाल पर कहा कि केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानून बनाये थे। यह केंद्र सरकार का निर्णय था। आज प्रधानमंत्री ने खुद ही अगले सत्र में इसे वापस लेने की घोषणा कर दी है। उन्होंने बहुत ही स्पष्टता के साथ अपनी बातें रख दी हैं। प्रधानमंत्री ने कहा है कि उन्होंने किसानों के हित में ये तीनों कृषि कानून परित किये थे लेकिन लोगों को इस संबंध में समझा नहीं पाए। इसलिए‚ इस कानून को वापस लिया जा रहा है। इसमें कुछ खास बोलने का कोई औचित्य नहीं है। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश समेत पांच अन्य राज्यों में होने वाले विधान सभा चुनाव के मद्ेनजर तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने के सवाल पर कहा कि इसके बारे में कौन‚ क्या बोलता है मालूम नहीं। सब अपनी–अपनी बातें बोलते रहते हैं लेकिन तीनों कृषि कानूनों के बारे में आज प्रधानमंत्री ने स्वयं अपनी बातें रख दी हैं। सबको अपनी बात कहने का अधिकार है। विपक्ष को भी अपनी बातें रखने का अधिकार है। नीतीश ने दिल्ली में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के जातीय जनगणना को लेकर दिए गए वक्तव्य की ओर ध्यान दिलाए जाने पर कहा‚उन्होंने क्या कहा हमें मालूम नहीं है। उनसे अभी हमारी कोई बातचीत नहीं होती है। जातीय जनगणना को लेकर उनकी पार्टी के नेता और उनके पुत्र तेजस्वी यादव समेत अन्य दूसरे लोगों ने हमसे मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री से भी हमलोगों ने इस मुद्े पर मुलाकात की थी। जातीय जनगणना के मुद्े पर केन्द्र ने निर्णय स्पष्ट कर दिया है । उसके बाद हमलोगों ने भी बहुत साफ साफ कह दिया है कि आपस में हम सब बैठक कर इस पर निर्णय लेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजस्वी यादव ने जो चि_ी लिखी थी‚ वह उनकी पार्टी की तरफ से आया हुआ है और वह चि_ी रखी हुई है। उन्होंने कहा कि हम सब एक साथ सर्वसम्मति से इसपर निर्णय लेंगे।







