राज्य में शराबबंदी कानून को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। एक अणे मार्ग स्थित संकल्प में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य में शराबबंदी को सख्ती से लागू किया है। जो लोग भी इसे कमजोर करने में लगे हुए हैं‚ उनकी पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करें कि गडबड करने वाला कोई भी शख्स किसी भी स्थिति में नहीं बच पाये। सीएम ने मद्य निषेध विभाग एवं पुलिस मुख्यालय को प्रतिदिन बैठक कर इसकी समीक्षा करने के साथ–साथ हाल के दिनों में जहां–जहां घटनाएं हुई हैं‚ वहां दोषी पाये गये लोगों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व के बाद १६ नवम्बर को शराबबंदी को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने हाल की घटनाओं पर काफी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि गडबडी करने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों को भी चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये। उन्होंने कहा कि शराबबंदी कानून के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक बार फिर से व्यापक अभियान चलाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रमंडल स्तर पर जन–जागरूकता अभियान शुरू करने की रूपरेखा तैयार करें। पूर्व की तरह सभी लोगों को एक बार फिर से शपथ दिलानी है। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं की मांग पर शराबबंदी लागू की गयी है। महिलाओं को फिर से प्रेरित करें‚ ताकि गडबड करने वालों की पहचान हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों एवं आवासों में शराबबंदी के पक्ष में बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के खिलाफ तथा जल–जीवन– हरियाली के संबंध में दीवार लेखन एवं अन्य प्रचार माध्यमों से प्रचार–प्रसार करायें। बैठक में मद्य निषेध‚ उत्पाद एवं निबंधन मंत्री सुनील कुमार‚ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार मुख्य सचिव त्रिपुरारी ारण‚ पुलिस महानिदेशक एसके सिंघल‚ गृह–सह–मद्य निषेध‚ उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव चौतन्य प्रसाद‚ मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार एवं मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार उपस्थित थे।
गोपालगंज और पश्चिमी चंपारण के नौतन में कथित तौर पर शराब से हुई कई लोगों की मौतों को लेकर शुक्रवार को राज्य के मद्य निषेध मंत्री सुनील कुमार ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शराबबंदी नाकाम नहीं है। मंत्री ने कहा कि गोपालगंज और बेतिया में अब तक २२ लोगों की मौत हुई है। उन्होंने माना कि शराब के सेवन से राज्य में इस साल ४० लोगों की मौत के मामले सामने आये हैं। लापरवाही बरतने के दोषी पाये गये ७०० पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया गया है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी कानून को सर्वसम्मति से पारित किया गया था। इससे कई फायदे हैं। शराबबंदी नाकाम नहीं हुई है। हम समय–समय पर इसकी समीक्षा करते हैं। इस कानून के सख्त रूप से लागू करने का ही परिणाम है कि अब तक ६० हजार से अधिक वाहन जब्त किये गये और अवैध कारोबार में लगे ३ लाख से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने कहा कि गोपालगंज के खजूरबन्नी कांड में दोषियों को फांसी तक की सजा हुई।
राज्य के गोपालगंज और पश्चिमी चंपारण जिले में जहरीली शराब पीने से २६ लोगों की जान चली गयी। जहरीली शराब के सेवन से गोपालगंज जिले के महम्मदपुर गांव में जहां ११ लोगों की मौत हुई‚ वहीं पश्चिमी चम्पारण जिले के नौतन थाना क्षेत्र के दक्षिण तेल्हुआ और झखरा गांव में १५ लोगों की जान चली गयी। पश्चिमी चम्पारण में इस घटना को गंभीरता से लेते हुए नौतन थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया तथा घटना की जांच के लिए एक टीम का गठन किया गया है।
गोपालगंज जिले में अवैध शराब के धंधेबाजों की धर–पकड़़ के लिए २४ घंटे में ६० जगहों पर छापेमारी की गई‚ जहां से १९ लोगों को गिरफ्तार किया गया और छह वाहन जब्त किये गये। एसपी आनंद कुमार ने कहा कि जिले में अब तक संदिग्ध हालत में ११ लोगों की मौत हुई है‚ जबकि चार लोग अब भी बीमार हैं। एसपी ने कहा की घटना के बाद स्पेशल टीम का गठन किया गया है। इस बीच‚ जिलाधिकारी ड़ॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा की इस घटना के बाद शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए जिले के सभी चौकीदारों‚ थानाध्यक्षों‚ एसड़ीएम‚ एसड़ीपीओ‚ एड़ीएम और ड़ीड़ीसी के साथ बैठक की गयी। दोबारा इस तरह की घटना न हो‚ इसको लेकर व्यापक तैयारी की गई है‚ जिसका असर ४ से ५ दिनों में व्यापक तौर पर देखने को मिलेगा। उधर‚ पश्चिमी चम्पारण जिले के नौतन थाना क्षेत्र के दक्षिण तेल्हुआ और झखरा गांव में दीपावली की खुशियां चंद लम्हों में मातम में तब्दील हो गयीं। गुरुवार से शुरू मौत का सिलसिला शुक्रवार की शाम तक जारी रहा। खबर लिखे जाने तक यहां मृतकों का आंकड़ा १६ तक पहुंच गया। ३ लोग जीएमसीएच बेतिया में भर्ती कराये गये हैं‚ जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। हालांकि प्रशासन द्वारा १४ लोगों की ही मौत की पुष्टि की गई है। प्रशासनिक अधिकारियों ने शवों के पोस्टमार्टम का हवाला देते हुए कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। इस बीच‚ शुक्रवार को ड़ीआईजी और एसपी ने इस घटना के बाद लापरवाही बरतने के आरोप में नौतन थानाध्यक्ष मनीष कुमार शर्मा‚ चौकीदार पवन सिंह और दफादार प्रमोद यादव को निलंबित कर दिया तथा घटना की जांच के लिए एक टीम गठित की। घटना के बाद गांव में ड़ीएसपी‚ एसड़ीओ‚ बीड़ीओ‚ सीओ समेत कई थानों की पुलिस ने कैम्प कर रखा है। घटना में मरने वालों मे दक्षिण तेल्लुआ गांव के हाशिम खान‚ मुकेश पासवान‚ हनुमत सिंह‚ महाराज यादव‚ बच्चा यादव‚ जवाहिर सहनी‚ सिकंदर राम‚ ठग हजरा‚ मंगनी राम‚ प्रकाश राम‚ धनीलाल राम‚ मदन राम‚ विकास राम‚ झखर राम तथा झाखरा के रमेश सहनी शामिल हैं। वहीं खेदारू यादव‚ दुखन राम‚ शिवलखन राम‚ नंदु राम‚ रमेश राम‚ देवेन्द्र राम‚ मुकदर सहनी आदि लोगो इलाजरत है‚ जिनमें कई लोगों की स्थिति नाजुक बनी हुई है।







