केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तीन वर्ष पूरे होने पर ज्ञान भवन में आयुष्मान दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राज्य स्वास्थ्य सुरक्षा समिति द्वारा कार्यक्रम का आयोजन आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत किया गया था। कार्यक्रम का थीम रोग मुक्त‚ ऋण मुक्त बिहार था‚ ताकि राज्य की जनता इलाज की खातिर कर्जदार न हो। इस अवसर पर दो लाभार्थियों ने अपने इलाज के अनुभव साझा किये‚ वहीं बेहतर काम करने वाले सरकारी और गैर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को सम्मानित भी किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने समीक्षा मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। श्री पांडेय ने आयुष्मान भारत की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि यह योजना लोगों को नया जीवन दे रही है। अस्पताल में हाथ में लिया हुआ गोल्डन कार्ड लाभार्थियों की ताकत होता है। आयुष्मान भारत का तीन वर्षों का सफर काफी चुनौती भरा रहा है। कठिन रास्ते से चलते हुए इस योजना को आगे बढाते रहे हैं। असफलता के रास्ते ही सफलता की मंजिल पहुंचाते हैं। कभी चुनौतियों में लडने से स्वास्थ्य विभाग पीछे नहीं रहा। आगे आने वाले समय में इसे और गति देते हुए सुलभ और बेहतर बनायेंगे‚ ताकि लोगों को इस योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके। तीन साल में राज्य में इस योजना के तहत तीन लाख लोगों का इलाज किया गया और इस पर लगभग तीन सौ करोड खर्च किये गये। ३० फीसद परिवारों को गोल्डन कार्ड उपलब्ध कराया गया है। पूरे राज्य में इस योजना के तहत ९४० सरकारी और गैर सरकारी अस्पताल सूचीबद्ध हैं। पूरे देश में २८ हजार अस्पताल सूचीबद्ध हैं‚ जहां आयुष्मान भारत के लाभार्थी अपना इलाज करा सकते हैं। श्री पांडेय ने कहा कि पहले लोगों को अपने परिजनों के इलाज में काफी कठिनाई होती थी। परिजनों का जीवन बचाने के लिए गरीब तबके के लोग कर्ज लेते थे‚ जेवर और जमीन बेच देते थे‚ लेकिन अब न तो इलाज के लिए ऋण लेना पड रहा है और न ही जमीन बेचने की आवयकता है। प्रधानमंत्री की सोच है कि बीमारी के कारण लोगों को ऋण लेना नहीं पडे। उन्होंने गरीबों की पीडा को देखते हुए पांच लाख तक निःशुल्क उपचार की व्यवस्था की। स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव कौशल किशोर ने आयुष्मान भारत से हो रहे लाभ और इसकी सफलता पर विस्तार से चर्चा की। मौके पर विशेष स्वास्थ्य सचिव अरविंदर सिंह‚ संयुक्त सचिव राम ईश्वर‚ निदेशक प्रमुख नवीन प्रसाद‚ आयुष्मान भारत के प्रशासी पदाधिकारी अमिताभ सिंंह एवं स्वास्थ्य मंत्री के आप्त सचिव शशांक शेखर सिन्हा भी उपस्थित थे।
होश में रहो, नहीं तो सारा कच्चा चिट्ठा खोल दूंगा………….
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