ADVERTISEMENT
Tuesday, July 28, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

आखिरकार ब्रिटेन को झुकना ही पड़़ा

UB India News by UB India News
September 24, 2021
in अन्तर्राष्ट्रीय, खास खबर
0
आखिरकार ब्रिटेन को झुकना ही पड़़ा

RELATED POSTS

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच वैश्विक संकट पर पीएम मोदी ने बुलाई अहम बैठक,

BJP विधायक राजू सिंह की सजा पर हाईकोर्ट में क्यों लगी रोक?

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

आखिरकार‚ नई दिल्ली के कड़े़ विरोधके बाद ब्रिटेन की सरकार को भारत में निर्मित ऑक्सफोर्ड़/एस्ट्राजेनिका के कोविड़–१९ रोधी टीका कोविशील्ड़ को अपने अद्यतन अंतरराष्ट्रीय यात्रा परामर्श में शामिल करना पड़़ा। इसका अर्थ यह हुआ कि कोविशील्ड़ टीके की दोनों खुराक ले चुके यात्रियों को ब्रिटेन पहंुचने पर दस दिनों के क्वारंटीन में रहने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इससे पहले ब्रिटेन की सरकार ने भारत के सीरम इंस्टीट¬ूट ऑफ इंडि़या द्वारा निर्मित कोविशील्ड़ टीके की दोनों खुराक लेने वाले लोगों के टीकाकरण को मान्यता नहीं दी थी और उन्हें ब्रिटेन पहंुचने पर दस दिनों के क्वांरटीन में रहने की अनिवार्यता थी। भारत ने ब्रिटेन की इस यात्रा नीति का कड़़ा विरोध करते हुए कहा था कि अगर इस बारे में चिंताओं को दूर नहीं किया गया तो उस स्थिति में उसी तरह के कदम उठाने के लिए भारत भी बाध्य हो सकता है। यात्रा नीति के तहत यह सभी देशों के अधिकार क्षेत्र में है कि उनके देश में कौन आएगा और कौन नहीं। लेकिन आधुनिक सभ्य समाज में यह गलत है कि कोई भी देश पूरी दुनिया को स्वयं से कमतर समझे। कोरोना महामारी से पूरा विश्व जूझ रहा है‚ और संपूर्ण मानवता के लिए यह कठिन समय है। ऐसे में विश्व के हर नागरिक को जो भी सर्वश्रेष्ठ है‚ वह मिलना चाहिए। महामारी का यह भी संदेश है कि जब तक प्रत्येक व्यक्ति सुरक्षित नहीं है‚ तब तक कोई भी व्यक्ति सुरक्षित नहीं है। कोविशील्ड़ को मान्यता न देने के विवाद को देखकर ऐसा लगता है कि ब्रिटेन में मानसिकता आज भी काम कर रही है‚ जो हमेशा से करती रही है। भारतीय प्रतिभा और वैज्ञानिकता को पश्चिमी दुनिया हमेशा से दोयम दर्जे के रूप में देखती रही है। इस तथ्य से दुनिया परिचित है कि भारत वैक्सीन उत्पादन करने वाला सबसे बड़़ा देश है‚ बावजूद इसके कोविशील्ड़ को लेकर जो विवाद खड़़ा हुआ उसके पीछे ब्रिटेन के भारत को एक गैर–जिम्मेदार व्यवस्था मानने का भी भाव छुपा हुआ है‚ जो निंदनीय है। कम से कम ब्रिटेन को अब अपना यह रवैया बदल देना चाहिए और व्यर्थ में उसे अपनी फजीहत नहीं करानी चाहिए जैसी कि उसने लंबे समय तक कोविशील्ड़ को मान्यता न देकर कराई है। कोवैक्सीन भारत का स्वविकसित टीका है। अब इसे भी मान्यता मिलनी चाहिए।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’: नया इतिहास रचने जा रहा भारत, होगा 21वीं सदी का महत्वपूर्ण निर्णय- पीएम मोदी

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच वैश्विक संकट पर पीएम मोदी ने बुलाई अहम बैठक,

by UB India News
July 28, 2026
0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार शाम को प्रमुख मंत्रालयों के सचिवों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करेंगे. बताया जा रहा...

BJP विधायक राजू सिंह की सजा पर हाईकोर्ट में क्यों लगी रोक?

BJP विधायक राजू सिंह की सजा पर हाईकोर्ट में क्यों लगी रोक?

by UB India News
July 28, 2026
0

बिहार के पूर्व बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत मिली. हाईकोर्ट ने साल 2018 के चर्चित...

प्रधान के इस्तीफे पर वर्ल्ड मीडिया…….

प्रधान के इस्तीफे पर वर्ल्ड मीडिया…….

by UB India News
July 27, 2026
0

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए...

2029 के लोकसभा चुनाव में उतरेंगे Gen-Z?

2029 के लोकसभा चुनाव में उतरेंगे Gen-Z?

by UB India News
July 27, 2026
0

नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवा पीढ़ी यानी जेन-जी के प्रदर्शन के बाद पूरे देश...

पेपर लीक पर बढ़ते बवाल के आगे झुकी सरकार, धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा………………….

इस्तीफे अक्सर राजनीतिक संदेश होते हैं, करियर का अंत नहीं………………

by UB India News
July 27, 2026
0

कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के आंदोलन के बाद अंतत: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना...

Next Post
अवैध धर्मांतरण केस में गिरफ्तार कलीम सिद्दीकी पर बड़ा खुलासा

अवैध धर्मांतरण केस में गिरफ्तार कलीम सिद्दीकी पर बड़ा खुलासा

भारतीयों सहित लाखों लोगों को ग्रीन कार्ड़ से मिलेगा फायदा

Pegasus मामला: जासूसी की जांच को सुप्रीम कोर्ट का ग्रीन सिग्नल? अगले हफ्ते आएगा फैसला

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend