विपक्ष ने गुरुवार को कोरोना से हुई मौत के आंकड़े़ छिपाने समेत राशन की कालाबाजारी मामले को लेकर सरकार को घेरा। बिहार विधानसभा में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी–लेनिनवादी (भाकपा–माले) के सदस्यों ने कोरोना से हुई मौत के आंकड़े में हेराफेरी और राजद तथा कांग्रेस ने जन वितरण प्रणाली के राशन की कालाबाजारी के मामले को लेकर हंगामा किया। विधानसभा में कार्यवाही शुरू होते ही भाकपा–माले के सदस्यों ने बिहार में कोरोना की दूसरी लहर से निपटने में सरकार को पूरी तरह विफल बताते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के इस्तीफे की मांग शुरू कर दी। माले के सदस्य हाथों में पोस्टर‚ तख्तियां और कागज लेकर नारे लगाते हुए सदन के बीच में आ गए। सभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने उनसे अपनी सीट पर जाने और प्रश्नकाल को चलने देने का आग्रह किया लेकिन वे नहीं माने और शोरगुल तथा नारेबाजी करते रहे। विधानसभा अध्यक्ष के आदेश पर मार्शल ने माले के सदस्यों से पोस्टर‚ तख्तियां और कागजात छीन लिए। इसके बाद माले के सदस्य सदन के बीच में ही धरने पर बैठ गए और नारे लगाने लगे। राजद और कांग्रेस के नेताओं ने उन्हें समझाने की काफी कोशिश की लेकिन वे नहीं माने और शोरगुल करते रहे। इसी बीच संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि कोरोना से मौत के आंकड़े के सवाल को लेकर माले के सदस्य सदन के बीच में बैठे हैं लेकिन उन्हें मालूम हैै कि आज सदन में स्वास्थ्य विभाग पर ही तीन घंटे की बहस होने वाली है और उस समय वह इस विषय को उठा सकते हैं। इसके बाद माले के सदस्य अपनी सीट पर वापस आ गए। इसके बाद राजद के ललित यादव ने तारांकित प्रश्न के जरिए दरभंगा जिला के सदर प्रखंड के कई वार्डों और पंचायतों में जन वितरण प्रणाली विक्रेता तथा खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी की मिलीभगत से सस्ते सरकारी राशन की कालाबाजारी का आरोप लगाया। सभाध्यक्ष श्री सिन्हा ने मंत्री को इस मामले की जिलाधिकारी से जांच कराने का निर्देश दिया। इस पर श्री यादव ने कहा कि जिलाधिकारी का ही इस मामले में प्रतिवेदन है इसलिए फिर से उन से जांच कराने का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। इसके बाद सभा अध्यक्ष ने मामले की आयुक्त से जांच कराने का निर्देश दिया लेकिन श्री यादव इससे भी संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने मामले की निगरानी‚ आर्थिक अपराध इकाई अथवा सदन की कमेटी से जांच कराने की मांग की। सहकारिता‚ खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि यदि सदस्य संतुष्ट नहीं हैं तो वह विभाग के मुख्यालय के किसी अधिकारी से इसकी जांच करा देंगी । राजद नेता अपनी मांग पर अड़े रहे और जब सभा अध्यक्ष ने कार्यवाही आगे बढाई तो वह अपनी मांग के समर्थन में सदन के बीच में आ गए और नारेबाजी करने लगे। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि यह गरीब–गुरबों से जुड़ा मामला है इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को आखिर सदन की समिति से जांच कराने में क्या एतराज है। ॥ भाई वीरेंद्र की टिप्पणी पर नाराज हुए स्पीकरः इसी दौरान राजद के भाई वीरेंद्र ने सभाध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा से कह दिया कि इतना बेईमानी कीजिएगा तो काम कैसे चलेगा। इस पर सभा अध्यक्ष ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की असंसदीय बात नहीं चलेगी। आप इसे वापस लें। इसके बाद सत्ता पक्ष के भी कई सदस्य और मंत्री भी उत्तेजित हो गए। सभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन में इस तरह की भाषा नहीं चलेगी। इसके बाद भाई वीरेंद्र ने बैठे–बैठे ही कहा कि यदि उनकी बात से आसन को तकलीफ हुई है तो वह उस शब्द को वापस लेते हैं।
प्रधान के इस्तीफे पर वर्ल्ड मीडिया…….
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए...







