ADVERTISEMENT
Friday, July 3, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

सरकार के तेवर देख लग रहा कृषि कानूनों पर सरकार पीछे नहीं हटेगी………………

UB India News by UB India News
January 5, 2021
in कृषि, केंद्रीय राजनीती, खास खबर, ब्लॉग
0
सरकार के तेवर देख लग रहा कृषि कानूनों पर सरकार पीछे नहीं हटेगी………………
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब कई राज्यों के किसानों के साथ बातचीत में जो कुछ बोल रहे थे‚उसका सीधा संदेश यही था कि कृषि कानूनों पर सरकार पीछे नहीं हटेगी। उनके साथ मंत्री भी कहीं न कहीं किसानों के बीच कानूनों को सही ठहरा रहे थे। आंदोलनरत लोगों के लिए यह स्पष्ट संकेत था। कम लोगों का ध्यान गया है कि आंदोलनरत वास्तविक किसानों एवं किसान संगठनों के प्रति नरम रवैया एवं बातचीत की नीति अख्तियार करते हुए भी भाजपा ने इसके समानांतर कृषि कानूनों पर समर्थन जुटाने के लिए जनता के बीच जाने का देशव्यापी अभियान चलाया है। भाजपा के प्रवक्ताओं ने दिल्ली की सीमाओं पर धरना आरंभ होने के साथ ही आंदोलन के पीछे–आगे खड़े उन चेहरों पर हमला करना शुरू कर दिया था‚ जो उनके वैचारिक और राजनीतिक विरोधी हैं। प्रधानमंत्री का कहना‚ कि कुछ लोग किसानों में गलतफहमी पैदा कर उनको भड़का रहे हैं‚ स्पष्ट करता है कि सरकार इसे केवल किसानों का आंदोलन नहीं मानती‚ भाजपा विरोधी शक्तियों‚ राजनीतिक एवं गैर–राजनीतिक भाजपा विरोधी शक्तियों का अभियान मानकर उसके अनुसार निपटने की दिशा में आगे बढ़ चुकी है। ध्यान रखिए‚ भाजपा ने देश भर में कृषि कानूनों को लेकर जनसभाएं एवं पत्रकार वार्ताओं की घोषणा कर दी है। सूचना है कि ऐसे करीब ७०० कार्यक्रम देशभर में भाजपा आयोजित कर रही है। तो आंदोलन के समानांतर सरकार एवं भाजपा का जनता के बीच जाने‚ हर मंच से अपना पक्ष रखने‚ आंदोलन में शामिल या बाहर से समर्थन करने वाले संगठनों–व्यक्तियों के खिलाफ आक्रामक कार्यक्रमों की विविध तस्वीरें और शब्दावलियां देखने–सुनने को मिलेंगी। प्रधानमंत्री के तेवर के बाद किसी को संदेह नहीं होना चाहिए कि इसे ज्यादा तीव्र और तीक्ष्ण किया जाएगा। प्रश्न स्वाभाविक हैं कि आखिर‚ मोदी सरकार और भाजपा इसे कहां तक ले जाएंगे एवं आंदोलन से कैसे निपटेंगेॽ

सरकार बार–बार कह रही है कि तीन कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर कह रहे हैं कि किसानों की जो भी शंकाएं हैं‚ सरकार उनको दूर करने‚ किसानों को समझाने तथा सफाई देने के लिए हर समय तैयार है। सरकार एवं भाजपा की रणनीति और लIय स्पष्ट हैं। एक‚ किसानों और आम जनता के अंदर भाव पैदा करना कि आंदोलन किसानों का नहीं है‚ इसके पीछे वो सारी विरोधी शक्तियां खड़ी हैं‚ जिनका उद्देश्य मोदी और उनकी सरकार को बदनाम और अस्थिर करना है। दो‚ यद्यपि इसमें किसान संगठन हैं‚ लेकिन उनमें निष्पक्ष राजनीतिक विचारों से परे कम ही हैं। तीन‚ इनमें किसान भी हैं‚ लेकिन गलतफहमी के शिकार। अपना राजनीतिक हित साधने के लिए भाजपा विरोधी संगठनों‚ दलों‚ एक्टिविस्टों ने कृषि कानून के विरोध में इनको भड़काया है‚ और इनके अंदर कई तरह का डर पैदा किया है। मसलन‚ तुम्हारी जमीनें पूंजीपतियों के हाथों चली जाएंगी‚ सरकारी मंडियां बंद हो जाएंगी‚ एमएसपी बंद हो जाएगा‚ एमएसपी खत्म हो जाएगा आदि आदि। इस रणनीति का चौथा अंग है उन किसान संगठनों और नेताओं को विश्वास में लेना जिनका सीधा कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं इनमें आंदोलन में सम्मिलित संगठन और नेता भी हैं। कृषि कानूनों को किसानों की वास्तविक आजादी का कदम साबित करना तो है ही। ॥ इसमें दो राय नहीं कि कोई भी कानून दोषरहित नहीं होता। कानूनों की अनेक खामियां क्रियान्वयन के साथ धीरे–धीरे सामने आती हैं। सरकार का रवैया होना चाहिए कि कुछ दोष सामने आएं तो इन्हें दूर करने के लिए कानून में संशोधन करे। इस कानून के साथ भी ऐसा है। ईमानदारी से विचार करें तो मोदी सरकार का रवैया पहले दिन से कानून को लेकर लचीला रहा है।

RELATED POSTS

मोदी सरकार के सम्भावित कैबिनेट विस्तार को लेकर बिहार में चर्चा जोरों पर …………….

जब सत्ता के दो मंत्री आमने-सामने हों, तो सवाल केवल भरत तिवारी का नहीं, व्यवस्था की विश्वसनीयता का भी है………………

आंदोलनकारियों के साथ बातचीत करने से लेकर आश्वासन तक देश के सामने हैं। निष्पक्षता से विचार करने पर स्वीकार करना होगा कि सरकार ने ९ दिसम्बर को आंदोलनकारियों को जो प्रस्ताव दिए उनके आधार पर आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की जा सकती थी। अगर इसके पीछे मोदी विरोधी‚ भाजपा विरोधी और सारी शक्तियां खड़ी नहीं होतीं तो किसानों और सरकार के बीच सहमति हो गई होती। मोदी सरकार और भाजपा के रणनीतिकारों का पहले दिन से मानना रहा है कि जो लोग आंदोलन के साथ या पीछे हैं‚ वे कभी भी किसी समझौते को सफल नहीं होने देंगे। बावजूद व्यवहारिक रास्ता और लोकतांत्रिक आचरण यही था और है कि बातचीत के दरवाजे खुले रखे जाएं‚ स्वीकार करने योग्य मांग मान ली जाएं‚ जरूरतानुसार संशोधन करने और स्पष्टीकरण देने को तैयार रहें ताकि विरोधियों के पास सरकार को कठघरे में खड़ा करने का विश्वसनीय आधार न रहे। सरकार ने अपने व्यवहार से पूरे देश को संदेश दिया है कि वह तो वास्तविक किसानों की वाजिब मांगों को स्वीकार करने को तैयार है‚ लेकिन जो दूसरे तत्व आंदोलन को गिरफ्त में ले चुके हैं‚ वे समझौता नहीं होने दे रहे। ॥ प्रधानमंत्री अपने व्यवहार से स्पष्ट कर चुके हैं कि आंदोलन के पीछे खड़ी विरोधी शक्तियों के विरुद्ध मोर्चाबंदी आक्रमण जारी रखेंगे।

मोदी सरकार एवं भाजपा ने सोच समझकर आंदोलन में लगी शक्तियों के विरुद्ध स्वभाव के अनुरूप वैचारिक एवं राजनीतिक युद्ध छेड़ दिया है। अभी तक मोदी और अमित शाह ने जो चरित्र दिखाया है‚ उसके आलोक में बेहिचक कहा जा सकता है कि कृषि कानूनों के पक्ष में तथा विरोधियों के विरुद्ध माहौल बनाने का अभियान प्रचंड रूप लेगा। विरोधियों के सामने मोदी और शाह ने ऐसी चुनौती पेश की है‚ जिसकी उम्मीद उन्हें नहीं थी। लेकिन मोदी और शाह के नेतृत्व वाली भाजपा से जमीनी स्तर पर मुकाबला करना संभव नहीं। वह भी इस कानून के बारे में गलत प्रचार करके। कई राज्यों में सघन राजनीतिक टकराव की स्थिति पैदा होगी।

प. बंगाल‚ केरल‚ महाराष्ट्र और पंजाब इनमें प्रमुख हैं। कहने का तात्पर्य यह कि कृषि कानूनों के विरोध में शुरू आंदोलन को भाजपा ने अपनी रणनीति से व्यापक राजनीतिक संघर्ष में परिणत करने की रणनीति अपनाई है। मोदी और शाह की भाजपा नये चरित्र और तेवर वाली भाजपा है‚ जिसे रक्षात्मक बनाने या दबाव में लाने के लिए नये राजनीतिक तौरतरीकों की आवश्यकता है। यह पहली सरकार है जो विरोधों और विरोधी आंदोलनों का सड़क पर उतर कर‚ जनता के बीच जाकर मुकाबला करती है। मोदी और भाजपा विरोधियों ने अभी तक अपने विचार–आचार में पुराने राजनीतिक तौर–तरीकों से अलग कुछ भी नया नहीं दिखाया है। इसलिए मान कर कर चलिए कि विरोधियों को सफलता नहीं मिलने वाली। इसमें आंदोलन का हश्र क्या होगाॽ आकलन आप आसानी से कर सकते हैं।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

मोदी सरकार के सम्भावित कैबिनेट विस्तार को लेकर बिहार में चर्चा जोरों पर …………….

मोदी सरकार के सम्भावित कैबिनेट विस्तार को लेकर बिहार में चर्चा जोरों पर …………….

by UB India News
July 3, 2026
0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कैबिनेट की सूरत पूरी तरह नहीं पर बदलने वाली है। पीएम मोदी के आसपास बैठने वाले...

जब सत्ता के दो मंत्री आमने-सामने हों, तो सवाल केवल भरत तिवारी का नहीं, व्यवस्था की विश्वसनीयता का भी है………………

जब सत्ता के दो मंत्री आमने-सामने हों, तो सवाल केवल भरत तिवारी का नहीं, व्यवस्था की विश्वसनीयता का भी है………………

by UB India News
July 3, 2026
0

बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर का मामला अब केवल एक पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है।...

23 विपक्षी दलों ने CJI को लिखा पत्र, ECI और SIR पर उठाए गंभीर सवाल…………..

23 विपक्षी दलों ने CJI को लिखा पत्र, ECI और SIR पर उठाए गंभीर सवाल…………..

by UB India News
July 3, 2026
0

देश में चुनावी प्रक्रिया को लेकर 23 विपक्षी दलों ने CJI सूर्यकांत और सुप्रीम कोर्ट के अन्य जजों को पत्र...

पनामा नहर पर किसका है नियंत्रण?

पनामा नहर पर किसका है नियंत्रण?

by UB India News
July 3, 2026
0

पनामा नहर के आसपास चीन की बढ़ती गतिविधियों से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चिंतित हैं. उनका आरोप है कि चीन...

नई नवेली टीम अब नए जोश के साथ अपने अध्यक्ष के स्वागत की पूरी तैयारी में………………

नई नवेली टीम अब नए जोश के साथ अपने अध्यक्ष के स्वागत की पूरी तैयारी में………………

by UB India News
July 3, 2026
0

उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों की तैयारियां शुरू...

Next Post
मौत का छत : गए थे एक की अंत्येष्टि में पर 25 और लोगों की करनी पड़ी अंत्येष्टि

मौत का छत : गए थे एक की अंत्येष्टि में पर 25 और लोगों की करनी पड़ी अंत्येष्टि

कोरोना के नए स्ट्रेन का खौफ : ब्रिटेन में लगा डेढ़ महीने का सख्त लॉकडाउन

कोरोना के नए स्ट्रेन का खौफ : ब्रिटेन में लगा डेढ़ महीने का सख्त लॉकडाउन

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend