सावन के तीसरे सोमवार पर पटना और कटिहार में डूबने से 7 बच्चों की मौत हो गई। इनमें 4 लड़कियां और 3 लड़के हैं। 2 लड़कियों के शव मिले हैं, जबकि 2 लापता हैं। पटना में सोमवार सुबह गंगा स्नान के लिए गई 7 बच्चियां डूब गईं। 2 बहनों के शव मिले हैं। 3 को स्थानीय लोगों ने बचाया लिया है। घटना बाढ़ अनुमंडल के बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के रानीसराय गांव के पास हुई। सभी सावन की सोमवारी पर सुबह करीब 5 बजे नहाने गई थीं। इधर, कटिहार में कमला नदी में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब तीनों बच्चे नदी में डुबकी लगाने गए थे। चार बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
कटिहार में सावन की तीसरी सोमवारी के दिन दर्दनाक हादसा हो गया. नदी से जल भरने पहुंचे बच्चों के नहाने के दौरान वह डूब गए. एक के बाद एक 7 बच्चे नदी की धार में डूबने लगे. घटना से मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में 4 को बचा लिया, लेकिन तीन की मौत हो गई. घटना फलका थाना इलाके में कमला नदी के घाट पर हुई.
बताया जा रहा है कि सावन की तीसरी सोमवारी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु कमला नदी में जल भरने के लिए पहुंचे थे. इसी दौरान कुछ बच्चे नदी में नहाने लगे. परिजनों के मुताबिक नदी का जलस्तर पहले से बढ़ा हुआ था और पानी की धार भी तेज थी. नहाने के दौरान अचानक बच्चों का पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए. देखते ही देखते सात बच्चे पानी में फंस गए.
बच्चों को नदी में डूबता देखकर आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया और बचाव के लिए नदी में उतर गए. स्थानीय लोगों की मदद से चार बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. वहीं तीन बच्चों को भी पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी हालत गंभीर हो चुकी थी. आनन-फानन में तीनों बच्चों को कोढ़ा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. हादसे की जानकारी मिलते ही मृत बच्चों के परिजनों में कोहराम मच गया. सावन की सोमवारी पर धार्मिक आस्था के साथ नदी पहुंचे परिवारों के लिए यह दिन अचानक मातम में बदल गया. अस्पताल में भी परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा.
पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के रानीसराय जहाज गंगा घाट पर सोमवारी के अवसर पर स्नान करने के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया. गंगा घाट पर स्नान कर रही सात किशोरियों में से दो सगी बहनें अचानक नदी की तेज धार में बहने लगीं. उन्हें बचाने के प्रयास में दो अन्य लड़कियां भी पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गईं, जिससे कुल सात लोग डूबने लगे. घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए किसी तरह 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. हालांकि, तेज धार में बही 4 अन्य लड़कियों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल सका है और उनकी तलाश लगातार जारी है. इस घटना से आक्रोशित होकर ग्रामीणों ने बख्तियारपुर-बाढ़ NH 31 को पूरी तरह से जाम कर दिया है. जिससे सड़कों वाहनों की आवाजाही बाधित है. सड़क पर दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई है.
जानकारी के मुताबिक, रानीसराय गांव की सात बच्चियां सावन की सोमवारी पर गंगा स्नान करने के लिए नदी किनारे पहुंची थीं। स्नान करने के दौरान एक गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगी। उसे बचाने के लिए बाकी बच्चियां भी आगे बढ़ीं। सभी डूबने लगींं। बच्चियों को डूबता देख मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल नदी में उतरकर बचाव शुरू किया। काफी प्रयास के बाद तीन बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि चार डूब गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नहाने गई सभी बच्चियां जब डूब रही थीं तो दूसरे गांव के एक व्यक्ति ने उन्हें बचाने के लिए बांस को फेंका। इस बांस को पकड़कर 3 बच्चियां नदी से बाहर आ गई, लेकिन 4 लड़कियां नदी में बह गईं। घटना की सूचना मिलते ही बख्तियारपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। SDRF के 6 जवान और 2 गोताखोर मिलकर लापता बच्चियों को तलाश रहे हैं।
मरने वालों में 2 सगी बहनें
सभी बच्चियां पूर्व मुखिया किरण देवी के परिवार की हैं और आपस में बहनें थी। अवधेश, कमलेश और मंटू चंद्रवंशी भाई हैं और इन्हीं की बेटियां गंगा स्नान के लिए गई थीं। मृतकों में आरती कुमारी और नंदनी कुमारी सगी बहनें थीं। फिलहाल नंदनी और राधिका का शव मिला है। आरती और बबली कुमारी लापता है। मृतकों की उम्र 14 से 17 साल के बीच की है। लापता बच्चियों के भाई रूपेश ने बताया, सुबह मेरी बहनें और करीब 6-7 लोग मिलकर गंगा नहाने आई थी। गहरे पानी में जाने से एक डूबने लगी। उसे बचाने के लिए बाकी लोग भी आगे गए और सभी डूबने लगे।