नीट परीक्षा का पेपर लीक होने को लेकर विरोध कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों ने सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की. केंद्रीय मंत्री से कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने मीटिंग की. पार्टी के लोगों का कहना है कि सरकार ने ही बातचीत के लिए बुलावा दिया था, जिसके बाद ये लोग पहुंचे. इस दौरान दोनों ने जेपी नड्डा को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा और कहा कि यदि इन्हें मांग लिया जाता है तो हम आंदोलन वापस ले लेंगे. इन मांगों में सोनम वांगचुक को अस्पताल से डिस्चार्ड किया जाना शामिल है. इसके अलावा डिमांड की गई है कि वांगचुक की आवाजाही पर किसी तरह की रोक न लगे. आइए जानते हैं, कॉकरोच जनता पार्टी ने की हैं कौन सी 4 मांगें…
1. सोनम वांगचुक को रिहा किया जाए और उनके मूवमेंट पर किसी तरह की रोक न रहे.
2. धर्मेंद्र प्रधान से शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा लिया जाए.
3. नीट परीक्षा में बैठने वाले उन छात्रों के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिले, जिन्होंने आत्महत्या कर ली.
4. दिल्ली पुलिस तुरंत छात्रों पर अत्याचार रोके. बल प्रयोग का किसी भी तरह से इस्तेमाल न किया जाए.
जेपी नड्डा से मिले CJP नेता, सौंपी मांगों की लिस्ट
दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन के बीच CJP नेताओं ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की है. CJP नेताओं ने अपनी मांगों वाला ज्ञापन नड्डा को सौंपा.

दिल्ली हाई कोर्ट में सोनम वांगचुक को प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट करने की गीतांजलि अंगमो की याचिका पर सुनवाई की. वांगचुक के वकील ने कोर्ट को सोनम वांगचुक की हेल्थ कंडीशन (वाइटल्स) के बारे में जानकारी दी. वकील ने कहा कि भले ही सरकारी हॉस्पिटल पर परिवार का अविश्वास गलत हो, फिर भी उन्हें यह चुनने का अधिकार है कि वे कहां भर्ती होना चाहते हैं.
वांगचुक की ओर से सीनियर वकील अखिल सिबल, इस बेंच द्वारा 16 जुलाई को दिए गए उस आदेश को पढ़ रहे हैं जो वांगचुक की सेहत और अंगमो द्वारा हॉस्पिटल में दिए गए आवेदन से जुड़ी PIL पर आया था.
वे तर्क देते हैं कि वांगचुक ICU में नहीं हैं, उन्हें किसी तरह का सपोर्ट नहीं दिया जा रहा है. वे पूरी तरह होश में हैं और साफ-साफ बात कर रहे हैं. वे खुद चिट्ठियाँ लिख रहे हैं.
दिल्ली हाई कोर्ट ने सवाल किया कि क्या डॉक्टर को दवा देने के लिए ICU में ले जाए जाने का इंतजार करना चाहिए? क्या तभी दवा दी जाएगी?
उन्होंने जो भी रिपोर्ट या टेस्ट किया, वह आपके साथ शेयर किया जाना चाहिए था. हम एक्सपर्ट की राय पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते.
कपिल सिब्बल ने कहा कि वांगचुक गिरफ्तार नहीं हैं. आदेश में यह नहीं कहा गया था कि उन्हें इस तरह उठाया जा सकता है. इसलिए, इस घटनाक्रम से भरोसा कम हुआ है, और मेरा कहना है कि कृपया मुझे कहीं और जाने और दूसरी राय (सेकंड ओपिनियन) लेने की अनुमति दें.







