अमेरिका के ताजा हवाई हमलों में ईरान के रणनीतिक चाबहार बंदरगाह को नुकसान पहुंचने की खबर है। हमले में निगरानी टावर ढहने का दावा किया गया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने इसकी तस्वीर साझा की, जबकि ईरानी मीडिया ने बंदरगाह पर तीसरे हमले की पुष्टि तो की, लेकिन टावर गिरने पर आधिकारिक बयान नहीं दिया।
अमेरिका और ईरान के बीच टकराव लगातार खतरनाक होता जा रहा है. अमेरिकी सेना ने लगातार छठी रात ईरान के अलग-अलग इलाकों पर हमला किया. वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप शुक्रवार की सुबह राष्ट्र को संबोधित करेंगे. गुरुवार-शुक्रवार रात हमले में इस बार निशाने पर सिर्फ सैन्य ठिकाने नहीं रहे, बल्कि दक्षिणी ईरान के एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, पुल और कम्युनिकेशन से जुड़े ढांचे पर भी हमले की खबरें सामने आई हैं. ईरानी मीडिया का दावा है कि इन हमलों में कई नागरिक इलाकों को भी नुकसान पहुंचा है. दूसरी ओर अमेरिका का कहना है कि उसका मकसद ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है.
शुक्रवार को अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों में ओमान की खाड़ी पर स्थित ईरान के रणनीतिक चाबहार बंदरगाह को नुकसान पहुंचने की खबर है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हमले में बंदरगाह का एक निगरानी टावर (सर्विलांस टावर) ढह गया। चाबहार बंदरगाह अफगानिस्तान के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग माना जाता है और क्षेत्रीय रणनीति के लिहाज से इसकी अहम भूमिका है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि फाइटर जेट, ड्रोन और युद्धपोतों से ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया गया। CENTCOM ने कहा कि हमलों में तटीय निगरानी केंद्र, एयर डिफेंस सिस्टम, सैन्य लॉजिस्टिक्स और समुद्री सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
चाबहार पोर्ट भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम है। भारत ने इसके विकास में निवेश किया है और इसका संचालन भारतीय कंपनी इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) कर रही है। यह बंदरगाह भारत को पाकिस्तान को बायपास कर अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक व्यापारिक पहुंच उपलब्ध कराता है।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…
1. ईरान बोला- अमेरिकी सैनिकों का कत्लेआम होगा: ईरानी सांसद बेहनाम सईदी ने अमेरिका को धमकी देते हुए कहा कि अगर अमेरिका ने ईरान पर जमीनी हमला किया, तो अमेरिकी सैनिकों का कत्लेआम कर दिया जाएगा।
2. बाब अल-मंदेब स्ट्रेट पर खतरा बढ़ा: ईरान ने यमन के हूती विद्रोहियों से कहा है कि अगर अमेरिका ईरान के बिजली ढांचे पर हमला करता है तो वे बाब अल-मंदेब स्ट्रेट को बंद करने के लिए तैयार रहें।
3. होर्मुज स्ट्रेट से सिर्फ 9 जहाज गुजरे: समुद्री डेटा कंपनी केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक बुधवार को सिर्फ 9 जहाजों ने होर्मुज पार किया। मंगलवार को यह संख्या 13 थी।
4. होर्मुज में भारतीय नाविकों की तैनाती नहीं होगी: भारत सरकार ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती फिलहाल रोकने के निर्देश दिए हैं।
5. कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमला: ईरान ने कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए गए।
ईरान का दावा- ओमान में अमेरिकी रडार तबाह किए
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने ओमान के घनीम क्षेत्र में अमेरिकी एयर कंट्रोल रडार और होर्मुज में स्थित एक समुद्री निगरानी रडार को नष्ट कर दिया है।
एयरस्ट्राइक में चाबहार पोर्ट का निगरानी टावर ढहा?
अमेरिका द्वारा शुक्रवार को किए गए हवाई हमलों में ओमान की खाड़ी में स्थित ईरान के चाबहार बंदरगाह का एक निगरानी टावर ढहता हुआ दिखाई दिया. यह बंदरगाह अफगानिस्तान के लिए अहम व्यापारिक मार्ग माना जाता है. अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने टावर के ढहते हुए प्रतीत होने वाली तस्वीर भी साझा की, जो इससे पहले सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी थी. ईरान के सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि चाबहार बंदरगाह पर तीसरी बार हमला हुआ है. हालांकि, उसने अब तक यह पुष्टि नहीं की है कि निगरानी टावर वास्तव में ढह गया है या नहीं.
ओमान में US निगरानी रडार तबाह-IRGC का दावा
ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया है कि उसने ओमान के घनीम (Ghanim) क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी एयर कंट्रोल रडार और Strait of Hormuz की चट्टानों पर लगे समुद्री निगरानी रडार को नष्ट कर दिया है. IRGC ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान के जारी सैन्य अभियान की 13वीं लहर का हिस्सा है. बयान में कहा गया कि ‘जवाबी अभियान पूरी दृढ़ता के साथ जारी है’ और Strait of Hormuz जैसे अहम समुद्री मार्ग पर अब भी IRGC Navy का नियंत्रण बना हुआ है. ईरानी सेना का कहना है कि वह क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के खिलाफ अपनी जवाबी कार्रवाई जारी रखेगी और जरूरत पड़ने पर आगे भी इसी तरह के ऑपरेशन किए जाएंगे.







