बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है. विभाग ने साफ कर दिया है कि अब काम में बाधा डालने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी और इसके लिए सभी जिलाधिकारियों (DM) को आदेश जारी कर दिए गए हैं.
विभाग के अनुसार, करीब 50% राजस्व कर्मचारी अंचल कार्यालयों में हड़ताल पर हैं, जबकि बाकी 50% कर्मचारी काम संभाल रहे हैं. काम प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार ने गैर-हड़ताली कर्मचारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंप दिया है. इसके बावजूद कई जगहों से काम कर रहे कर्मचारियों को धमकाने की शिकायतें सामने आई हैं.
धमकी और ‘नेमिंग एंड शेमिंग’ के आरोप
विभाग को मिली शिकायतों में कहा गया है कि हड़ताल पर गए कुछ कर्मचारी अपने ही साथियों को व्हाट्सएप कॉल के जरिए धमका रहे हैं. इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर उनका नाम उजागर कर ‘नेमिंग एंड शेमिंग’ भी की जा रही है, जिससे उन पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है. विभाग ने इसे सरकारी कामकाज में बाधा डालने की गंभीर कोशिश माना है.
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी. के. अनिल ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए. उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की कई धाराओं के तहत FIR दर्ज करने को कहा है. इसके साथ ही आईटी एक्ट, 2000 की धारा 67 के तहत भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.
सख्ती के बाद लौटने लगे कर्मचारी
सरकार की सख्ती का असर अब दिखने लगा है. विभागीय जानकारी के मुताबिक अब तक 24 हड़ताली कर्मचारी काम पर लौट चुके हैं. अधिकारियों का कहना है कि आगे भी बड़ी संख्या में कर्मचारी वापस लौट सकते हैं. विभाग ने जिलाधिकारियों से कहा है कि वे हर कार्रवाई की रिपोर्ट तुरंत भेजें.
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा का सख्त संदेश
उप मुख्यमंत्री सह राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था से कोई भी खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने साफ कहा कि काम कर रहे ईमानदार अधिकारियों को धमकाना कायरता है और यह गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है.
उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग डर और दबाव बनाकर राजस्व व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा. जरूरत पड़ी तो उन्हें जेल भी भेजा जाएगा.
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लोगों की गतिविधियों की जांच कराई जाएगी, खासकर उन लोगों की जो इस्तीफा देकर राजनीति में सक्रिय हो गए हैं. विभाग का कहना है कि पूरे मामले पर सरकार की नजर है और गंभीर आरोपों में कोई भी आरोपी बच नहीं पाएगा.
बिहार में राजस्व कर्मियों की हड़ताल अब टकराव की स्थिति में पहुंच गई है. एक तरफ कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हैं, तो दूसरी तरफ सरकार सख्ती के मूड में है. आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि कितने कर्मचारी काम पर लौटते हैं और प्रशासनिक कार्रवाई कितनी तेजी से आगे बढ़ती है.







