अमेरिका को उम्मीद थी कि उसके हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत के बाद युद्ध शायद जल्द खत्म हो जाएगा, लेकिन ईरान ने जिस तरह से पलटवार किया है, उससे अमेरिका, पश्चिम एशिया में फंसता नजर आ रहा है। अब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अमेरिका के ताकतवर युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पर हमले का दावा किया है।
अमेरिका ने ईरान के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। यूएस सेंट्रल कमांड ने यूएसएस अब्राहम लिंकन की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा है कि अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में लगातार मदद कर रहा है।
यूएसएस अब्राहम लिंकन अमेरिकी नौसेना के सबसे ताकतवर युद्धपोतों में से एक है। ऐसे में इस पर हमला यकीनी तौर पर अमेरिका के लिए बड़ा झटका होगा। यूएसएस अब्राहम लिंकन निमित्ज श्रेणी का पांचवा युद्धपोत है। यह परमाणु ऊर्जा से चलने वाला पोत है, जो दक्षिण चीन सागर में तैनात रहता है। इस युद्धपोत को अमेरिकी नौसेना में 1989 में शामिल किया गया था। यह युद्धपोत 97 हजार टन वजनी है और इसकी फ्लाइट डेक करीब 4.5 एकड़ में फैली हुई है। इसकी लंबाई करीब 1092 फीट है। इसमें चार हैंगर एलीवेटर हैं और यह अपने साथ 90 लड़ाकू विमान ले जा सकता है। इसकी डेक पर अमेरिका के सबसे आधुनिक लड़ाकू जेट एफ-35सी तैनात हैं। इस युद्धपोत पर पांच हजार से ज्यादा नौसैनिक, मरीन और क्रू के सदस्य तैनात हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा युद्धपोत है। यह युद्धपोत इतना बड़ा है कि इसका अपना खुद का जिप कोड, टीवी और रेडियो स्टेशन, एक अखबार, अग्निशमन केंद्र, लाइब्रेरी, एक अस्पताल, जनरल स्टोर जैसी सुविधाएं हैं।







