अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह से आपूर्ति में बाधा आने के बावजदू बावजूद भारत में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार मौजूद है. खाद की किल्लत की अफवाहों के बीच सरकारने स्पष्ट किया है कि अन्नदाताओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है. देश के पास खेती के आगामी सीजन के लिए यूरिया, डीएपी और डीएसपी जैसी खादों का ‘फुल स्टॉक’ उपलब्ध है.
दक्षिण भारतीय राज्यों को उर्वरकों की आपूर्ति करने वाली दिग्गज कंपनी फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर लिमिटेड (FACT) के प्रबंध निदेशक एस. शक्तिमणि के अनुसार, वर्तमान में देश में यूरिया की कोई कमी नहीं है. उन्होंने कहा, “हमारे पास खरीफ सत्र के लिए पर्याप्त यूरिया उपलब्ध है. हमें उम्मीद है कि युद्ध की स्थिति एक महीने के भीतर सुलझ जाएगी, जिससे लंबी अवधि की बाधाएं भी दूर हो जाएंगी.”
लंबा चला युद्ध तो होगी दिक्कत
हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि अगर मौजूदा स्थिति अगले छह महीनों तक जारी रहती है, तो समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. यह अगले रबी फसल सत्र में दिक्कतें पैदा कर सकता है और इससे निपटने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं.
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एफएसीटी रॉक फॉस्फेट और फॉस्फोरिक एसिड जैसे कच्चे माल के लिए पश्चिम एशिया के कई देशों पर निर्भर है, जिन्हें समुद्री मार्ग से लाया जाता है. विश्लेषकों के अनुसार, लंबे समय तक चलने वाला संघर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचा सकता है.
डीएपी और डीएसपी की भी नहीं कमी
शक्तिमणि ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने विभिन्न कंपनियों से डाइ-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) और डबल सुपर फॉस्फेट (डीएसपी) का भंडार हासिल कर लिया है, जिससे कोई परेशानी नहीं होगी. उन्होंने कहा कि किसानों की हर उर्वरक आवश्यकता को पूरा करना हमारा कर्तव्य है और हम इसे पूरा करेंगे.







