देश की राजधानी दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास हुई पत्थरबाजी मामले की पूरी टाइमलाइन सामने आ गई है। यहां लोगों ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पुलिस पर पत्थरबाजी की। अब पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है और अबतक 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस लगातार सोशल मीडिया खंगाल रही है और वायरल वीडियो के माध्यम से उन्मादियों की पहचान कर रही है। सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का भी इस मामले में नाम आया है। जानें तुर्कमान गेट इलाके में बवाल कैसे हो गया।
फैज-ए-इलाही मस्जिद बवाल की पूरी टाइमलाइन
– मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात 12 बजे के करीब पुलिस को तुर्कमान गेट के पास डिप्लॉय किया गया।
– करीब साढ़े 12 बजे 32 बुलडोजर, 50 डंपर और 200 से ज्यादा मजदूर मौके पर पहुंचे।
– रात में 1 बजे बुलडोजर की कार्रवाई शुरू होनी थी लेकिन वहां लोगों की भीड़ इकट्ठा होना शुरू हो गई।
– जिसके बाद करीब सवा 1 बजे पुलिस ने लोगों को वापस भेजना शुरू कर दिया।
– रात करीब 1 बजकर 23 मिनट पर पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू हुई।
– 10 मिनट तक मौके पर बवाल हुआ, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ और उपद्रवियों को खदेड़ना शुरू किया।
– इस बीच आंसू गैस के गोले भी पुलिस की तरफ से छोड़े गए।
– इस बीच 1 बजकर 30 मिनट पर बुलडोजर की कार्रवाई शुरू हो गई थी जोकि करीब साढ़े 5 घंटे चली। ये कार्रवाई सुबह 7 बजे तक जारी रही, इसके बाद से मलबा हटाने का काम फिलहाल जारी है।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मैसेज सर्कुलेट करके लोगों को इलाके में जमा किया गया था। लोगों से कहा गया था कि मस्जिद तोड़ी जा रही है, हालांकि MCD की टीम सिर्फ अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। इसका आदेश हाईकोर्ट की तरफ से दिया गया था।
यह है पूरा मामला
फैज-ए-इलाही मस्जिद की प्रबंधन समिति ने दिल्ली एमसीडी के 22 दिसंबर 2025 के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इसमें कहा गया कि मस्जिद के बाहर की 0.195 एकड़ जमीन पर बने ढांचे अवैध हैं। उन्हें हटाया जाएगा।
एमसीडी का कहना है कि अतिरिक्त जमीन पर मालिकाना या वैध कब्जे के दस्तावेज पेश नहीं किए गए हैं। एमसीडी का यह आदेश 12 नवंबर 2025 को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के निर्देशों के आधार पर जारी किया गया था।
डिवीजन बेंच के आदेश में तुर्कमान गेट के पास रामलीला ग्राउंड से करीब 38,940 वर्ग फुट अतिक्रमण हटाने को कहा गया था, जिसमें सड़क, फुटपाथ, बारात घर, पार्किंग और एक निजी क्लिनिक शामिल हैं।
मस्जिद समिति का कहना है कि यह जमीन वक्फ संपत्ति है। वह इसके लिए वक्फ बोर्ड को लीज किराया देती है। हमें अतिक्रमण हटाने पर आपत्ति नहीं है। बारात घर और क्लिनिक का संचालन बंद किया जा चुका है। मुख्य आपत्ति कब्रिस्तान को लेकर है।
6 जनवरी: हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया
6 जनवरी को ही दिल्ली हाईकोर्ट ने मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी जमीन से अतिक्रमण (बारात घर और डायग्नोस्टिक सेंटर) हटाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने इस मामले में नगर निगम दिल्ली (MCD), शहरी विकास मंत्रालय, दिल्ली विकास प्राधिकरण, दिल्ली वक्फ बोर्ड समेत अन्य विभागों से जवाब मांगा है। जस्टिस अमित बंसल ने कहा था कि मामला सुनवाई के योग्य है। सभी पक्षों को 4 हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी।
सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी थे मौके पर मौजूद, भीड़ को उकसाने का आरोप
दिल्ली स्थित तुर्कमान गेट के पास अवैध कब्जों को हटाने गई एमसीडी की टीम पर पत्थरबाजी के मामले में अब उत्तर प्रदेश स्थित रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का नाम सामने आया है. आरोप है कि उन्होंने देर रात लोगों को भड़काया. पुलिस उनसे पूछताछ करेगी. नदवी. संसद के पास स्थित मस्जिद के इमाम भी हैं.
इस मामले पर बीजेपी नेता और प्रवक्ता नवीन कोहली ने कहा कि कोर्ट के आदेश का पालन हो रहा है. समाज से बात हो चुकी है. फिर सपा के सांसद जाते हैं. धर्म को बीच में लाया जाता है. पत्थरबाजी होती है. इस पर सपा को जवाब देना चाहिए. अखिलेश यादव को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए. सपा को कहना चाहिए कि दिल्ली पुलिस को कार्रवाई करे. कोहली ने कहा कि डेढ़ बजे रात को कोई अपने घर से तुर्कमान गेट जाता है? उनकी वजह से वहां की स्थिति नाजुक है. उन्होंने आरोप लगाया कि क्या षड्यंत्र रचा जा रहा था? इस पर अखिलेश यादव और सपा को जवाब देना चाहिए.
कोहली ने कहा कि इस प्रकार की राजनीति करना गलत है. लोगों को उकसा कर, गलत बयानबाजी कर के माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है. क्या राजनीति करने के लिए लोगों की जान से खेला जा सकता है? ऐसे ही लोग उमर खालिद, शरजील इमाम की बातों को नजरअंदाज करते हैं.
तुर्कमान गेट के पास पत्थरबाजी करने वाले कौन?
इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की 7 विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है. इसके साथ ही अभी तक कम से कम 15 लोग हिरासत में लिए गए हैं. कुछ आरोपियों के नाम भी सामने आए हैं. आरोप है कि आदिल कासिफ, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद अरीब, उजैफ, आजिम इरफान ने पत्थर चलाए.
इसके अलावा पुलिस ने उन लोगों की भी पहचान की है जिन्होंने वीडियो और मैसेज वायरल किए. आरोप है कि अदनान और समीर ने वीडियो, ऑडियो नोट्स वॉट्सऐप पर वायरल किए.
इस मामले में दिल्ली पुलिस के अधिकारी मधुर वर्मा ने कहा कि 100 से 150 पत्थरबाज थे.







