बिहार में ठंड बढ़ता ही जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, 14 जनवरी से पहले ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। पटना समेत कई जिलों के तापमान 1 से 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इस बीच मौसम विभाग ने आज यानी मंगलवार को 30 जिलों में कोल्ड-डे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आठ जनवरी से मौसम फिर बिगड़ सकता है। इस दौरान घना कुहासा छाएगा। ठंड और बढ़ेगी।पटना, बेगूसराय, दरभंगा समेत 10 जिलों में सुबह-सु बह घना कोहरा छाया हुआ है। विजिबिलिटी जीरो है। गयाजी का तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। मौसम विभाग की माने तो अभी 2 दिन कुछ शहरों में हल्की धूप देखने को मिल सकती है। 8 दिसंबर के बाद बिहार में फिर से ठंड बढ़ेगी।
कंपकपाती ठंड के साथ हुई मंगलवार की सुबह
बताते चलें कि पिछले 24 घंटों में गयाजी जिला राज्य का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं पूर्वी चम्पारण जिले का मोतिहारी 19.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ सूबे का सबसे गर्म जिला रहा. जहां तक बात पश्चिम चम्पारण जिले की है, तो सोमवार सुबह हल्की धूप खिलने के साथ तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी जरूर दर्ज की गई, लेकिन दिन ढलने के साथ ही ठंड ने एक बार फिर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया. परिणामस्वरूप, मंगलवार की सुबह अत्यधिक घने कोहरे और कंपकपाती ठंड के साथ हुई.
अगले 5–7 दिनों तक दिखेगा ठंड और कोहरे का असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 5 से 7 दिनों तक बिहार में ठंड और घने कोहरे की स्थिति बनी रहेगी। 9 जनवरी तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। न्यूनतम तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव हो सकता है, लेकिन कुल मिलाकर ठिठुरन से राहत मिलने की उम्मीद बेहद कम बताई जा रही है। सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने और दिन में भी सर्द हवाओं के सक्रिय रहने का अनुमान है।
क्यों बना है ऐसा ठंडा मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं का लहर और हवा की रफ्तार कम होने के कारण ठंड का असर बढ़ गया है। इसके साथ ही रात के समय आसमान साफ रहने से तापमान तेजी से गिर रहा है, जबकि दिन में धूप कमजोर पड़ने से कोल्ड डे की स्थिति बन रही है। नमी और कम विजिबिलिटी के कारण कोहरा भी लगातार छाया हुआ है।
पश्चिमी विक्षोभ के उत्तरी भारत के ऊपर से गुजरने के चलते पहाड़ों पर बर्फबारी हुई है। इससे मैदानी इलाकों में सर्दी बढ़ गई है। पाकिस्तान से आ रही ठंडी हवाओं से बिहार में कड़ाके की ठंडी पड़ रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, इस सप्ताह बहुत ज्यादा ठंड पड़ेगी। पटना, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सहरसा और गयाजी में 10 जनवरी तक कोल्ड डे जैसी स्थिति रह सकती है। बिहार में 40 साल बाद इतनी लंबी सर्दी पड़ रही है। 15 जनवरी से पहले राहत की उम्मीद नहीं है।
जनवरी में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पूरे जनवरी ठंड अधिक रहेगी। अगले 5 दिनों में अधिकतम तापमान में बहुत बदलाव नहीं होगा। न्यूनतम तापमान 2-4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। 14-15 जनवरी तक बहुत अधिक ठंड रहेगी। पश्चिमी बिहार के 11 जिलों (पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, छपरा, गोपालगंज, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद और अरवल) में शीतलहर ज्यादा दिनों तक रह सकता है। 15 जनवरी के बाद मौसम साफ रहने की उम्मीद है। इससे थोड़ी राहत मिलेगी। रात में अधिक ठंड पड़ेगी। न्यूनतम तापमान गिरेगा। दिन में धूप निकलेगी।
दिसंबर में 6 दिन रहे भीषण शीत दिवस
दिसंबर 2025 में बिहार में कहीं बारिश नहीं हुई। 6 दिन भीषण शीत दिवस (Severe Cold day) और 11 दिन शीत दिवस (Cold day) रहा। 14 दिसंबर को सर्वाधिक तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस मोतिहारी में रिकॉर्ड किया गया। 31 दिसंबर को गया में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस रहा। यह महीने का सबसे ठंडा दिन रहा। दिसंबर में पटना का औसत अधिकतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस और औसत न्यूनतम तापमान 13.1 डिग्री सेल्सियस रहा। दिसंबर से जनवरी तक 22 दिन कोल्ड डे रहा है। यह सामान्य से 8 दिन अधिक है। बिहार में 40 साल बाद इतनी लंबी सर्दी पड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार 3 जनवरी को समस्तीपुर में न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगा जैसे 1998 वाली सर्दी वापस आ गई है। 27 साल पहले न्यूनतम तापमान इतना कम हुआ था।
पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य के उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में शीत दिवस की स्थिति कुछ दिनों तक बनी रह सकती है. चम्पारण रेंज सहित सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया और नवादा जैसे जिलों में घना कोहरा छाए रहने की प्रबल संभावना है. साथ ही इन जिलों में आगामी 2 से 3 दिनों तक विजिबिलिटी भी बेहद कम देखने को मिल सकती है.
आज पटना में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी पटना में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है, लेकिन ठंड से पूरी तरह राहत नहीं मिलेगी। सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा रह सकता है, जबकि दिन में ठंडी हवाओं के कारण तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा। न्यूनतम तापमान 8–10 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
क्या है कोल्ड डे?
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार कोल्ड डे तब माना जाता है जब मैदानी इलाकों के लिए असल न्यूनतम तापमान 10°C या उससे कम हो और पहाड़ी इलाकों के लिए 0°C या उससे कम हो। इसके साथ ही अधिकतम तापमान में 4.5°C-6.4°C तक गिरावट आ जाए। अगर अधिकतम तापमान में गिरावट 6.4°C से भी अधिक हो तो ऐसे दिन को भीषण शीत दिवस कहते हैं।
शीतलहर क्या है?
शीतलहर हवा के तापमान की एक ऐसी स्थिति है जो इंसानी शरीर के लिए जानलेवा हो सकती है। हवा की गति के कारण शीतलहर का असर और बढ़ जाता है। इसे विंड चिल इफेक्ट कहा जाता है।
शीतलहर तब मानी जाती है जब किसी जगह का न्यूनतम तापमान मैदानी इलाकों के लिए 10°C या उससे कम और पहाड़ी इलाकों के लिए 0°C या उससे कम हो जाता है।
कोहरे के चलते यात्रा करना मुश्किल
कोहरे के चलते यात्रा करना मुश्किल हो गया है। सड़क हादसे बढ़े हैं। फ्लाइट से लेकर ट्रेन तक लेट चल रही हैं। ट्रेनें लगातार लेट चल रही हैं। रविवार को तेजस राजधानी, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस सहित 16 ट्रेनें लेट रहीं।
दिल्ली अमृत भारत 4 घंटे, इंदौर-पटना 4 घंटे, साउथ बिहार एक्सप्रेस 2 घंटे, मगध एक्सप्रेस 7 घंटे और दानापुर इंटरसिटी, इस्लामपुर-हटिया, डीडीयू-पटना मेमू, फरक्का एक्सप्रेस, वैशाली फास्ट मेमू, बिक्रमशिला एक्सप्रेस, विभूति एक्सप्रेस, आरा कैपिटल एक्सप्रेस एवं बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस 1-1 घंटा लेट रही।
रविवार काे इंडिगो की दिल्ली की एक फ्लाइट रद्द हाे गई। विजिबिलिटी कम रहने से 14 जोड़ी विमान लेट रहे। पटना एयरपोर्ट पर पहली फ्लाइट कोलकाता से इंडिगो की 6E6348 समय से 9 मिनट पहले 11:11 बजे आई। शेड्यूल के मुताबिक, पहली फ्लाइट एअर इंडिया की एआई 1749 सुबह 9:40 बजे है, लेकिन यह 1 घंटे 37 मिनट देर से आई।
दिल्ली-पटना की 6 जोड़ी, बेंगलुरु-पटना की 2 जोड़ी, हैदराबाद-पटना की 2 जोड़ी, मुंबई-पटना की 2 जोड़ी, रांची-पटना की 1 जोड़ी और कोलकाता-पटना की 1 जोड़ी फ्लाइट लेट रही। विमानों के लेट हाेने से टर्मिनल भवन में यात्रियों की भारी भीड़ थी।
94 ट्रेनें देरी से चल रही हैं, वैशाली, बिहार संपर्क क्रांति, विक्रमशिला…






