सीतामढ़ी के बेलसंड में आयोजित जनसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए बिहार के विकास को लेकर कई बड़े वादे किए। उन्होंने कहा कि एनडीए के राज में बिहार से ‘जंगलराज’ का अंत हो चुका है और राज्य अब विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
बिहार विधानसभा चुनाव के बीच केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने सोमवार को सीतामढ़ी के बेलसंड में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण में बिहार के विकास, एनडीए सरकार की उपलब्धियों और विपक्ष पर तीखे हमले किए।
अमित शाह ने कहा कि अब बिहार में ‘जंगलराज’ इतिहास बन चुका है और राज्य आज इंफ्रास्ट्रक्चर व इनोवेशन के जरिए विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने बिहार को स्थिरता, सुरक्षा और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ाया है।
अमित शाह ने इस दौरान सीतामढ़ी के लिए एक बड़ा और भावनात्मक वादा भी किया। उन्होंने कहा, “जिस दिन सीतामढ़ी में माता सीता के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होगी, उसी दिन सीतामढ़ी से अयोध्या के बीच वंदे भारत ट्रेन चलाई जाएगी। जो भी अयोध्या आएगा, वह सीतामढ़ी भी आएगा, इससे बिहार के पर्यटन को बड़ा लाभ होगा।”
विपक्षी इंडिया गठबंधन पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा, “महाठगबंधन में न नेता है, न नीति है। मालूम ही नहीं है कि कौन, किस सीट से चुनाव लड़ रहा है।” उन्होंने इसकी तुलना एनडीए से करते हुए कहा कि, “एनडीए की पांचों पार्टियां पांडव की तरह एकजुट होकर बिहार की सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं।”
अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने छठी मैया का अपमान किया है। राहुल बाबा ने छठी मैया का अपमान किया… इस बार आपने मोदी जी के साथ-साथ छठी मैया का भी अपमान किया है। सीतामढ़ी वालों, इसे याद रखना!”
उन्होंने कहा कि जब-जब विपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी का अपमान किया है, उसे हार का सामना करना पड़ा है।14 नवंबर को राहुल-लालू की पार्टियों का सूपड़ा साफ होगा और बिहार में फिर से एनडीए की सरकार बनेगी।
गृह मंत्री ने किसानों के लिए बड़ी राहत की घोषणा करते हुए कहा कि किसान सम्मान निधि की राशि 6,000 रुपए से बढ़ाकर 9,000 रुपए सालाना की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने पटना, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने का वादा किया।
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में बिहार को 10 साल में केवल 2.80 लाख करोड़ रुपए मिले, जबकि मोदी सरकार ने 10 साल में 18.70 लाख करोड़ रुपए देकर राज्य के विकास को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि यह फर्क दिखाता है कि बिहार के विकास के लिए कौन समर्पित है और कौन सिर्फ राजनीति कर रहा है।
अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करें






