बिहार विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान बेशक अभी नहीं हुआ है लेकिन विधायक और संभावित उम्मीदवार जनता के बीच जाने लगे हैं। क्षेत्र में कथित तौर पर काम नहीं करने वाले विधायकों को जनता की नाराजगी का भी सामना करना पड़ रहा है। ताजा मामला समस्तीपुर और रोहतास से सामने आया है जहां पर आरजेडी के विधायकों को जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ा।
आलोक मेहता पर भड़के ग्रामीण
समस्तीपुर के उजियारपुर विधानसभा से वर्तमान में राजद से विधायक बिहार सरकार के पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता को ग्रामीणों का आक्रोश झेलना पड़ा। मेहता ने कैमरा चलता देख मीडिया से कैमरा बन्द करने को कहने लगे। मामला उजियारपुर के सैदपुर जाहिद का है जब विधायक जी वहां के जनता से मिलने पहुंचे थे। वहां की जनता उन्हें वापस लौट जाने के लिए मजबूर कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि पांच साल तो वो नज़र नहीं आते हैं और अब जब चुनाव नजदीक आया तो वो फिर से वोट मांगने चले आये।
रोहतास में राजद विधायक का विरोध
रोहतास में भी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सभी राजनीतिक दल अपने-अपने स्तर पर चुनावी तैयारियों में जुटे हैं। विधायक अपने क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं, लेकिन विकास कार्य न होने के कारण कई जगह उनका विरोध भी हो रहा है। रोहतास जिले के दिनारा विधानसभा में आरजेडी विधायक विजय कुमार मंडल स्थानीय योजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन के लिए पहुंचे थे, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया।
ग्रामीणों का आरोप था कि उनके गांव में सड़क अब तक नहीं बनी है। जिससे आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार विधायक से शिकायत की गई, लेकिन संतोषजनक समाधान नहीं मिला।
नवंबर में प्रस्तावित है चुनाव
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव आते ही सभी दल के नेता अपने अपने क्षेत्र में जनता से रूबरू हो रहे हैं और एक से बढ़कर एक जनता से वादा करते नज़र आते हैं। 6 अक्टूबर के बाद बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान हो सकता है। नवंबर में मतदान और परिणाम आने की संभावना है। सभी राजनीतिक दल अब पूरी तैयारी में जुटे हैं।




