जीएसटी रेट में सुधार, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा रेपो दरों में कटौती और अन्य अनुकूल नीतिगत उपायों से उत्साहित एक दर्जन से ज्यादा कंपनियां अगले दो-तीन हफ्ते में अपना आईपीओ लाने की तैयारी कर रही हैं। इनका लक्ष्य लगभग 10,000 करोड़ रुपये जुटाना है। मर्चेंट बैंकर ने बताया कि प्राथमिक बाजार में उतरने की तैयारी कर रही कंपनियों में आईवैल्यू इन्फोसॉल्यूशंस, सात्विक ग्रीन एनर्जी, जिनकुशल इंडस्ट्रीज, अटलांटा इलेक्ट्रिकल्स, पार्क मेडी वर्ल्ड, सोलरवर्ल्ड एनर्जी सॉल्यूशंस, जैन रिसोर्स रीसाइक्लिंग, सीआईईएल एचआर सर्विसेज, जीके एनर्जी, गणेश कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स और शेषसाई टेक्नोलॉजीज शामिल हैं।
30 सितंबर से पहले आईपीओ लाने की प्लानिंग में हैं कंपनियां
उन्होंने बताया कि ये सभी कंपनियां 15 सितंबर से शुरू होने वाले सप्ताह में अपने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड की घोषणा करेंगी। इन कंपनियों की 30 सितंबर से पहले अपने आईपीओ लाने की योजना है। मर्चेंट बैंकर ने आगे संकेत दिया कि इसके बाद अनंतम हाईवे इनविट (अल्फा अल्टरनेटिव्स), ईपैक प्रीफैब टेक्नोलॉजीज, प्रणव कंस्ट्रक्शन और ट्रूअल्ट बायोएनर्जी के आईपीओ आएंगे। ये कंपनियां 22-30 सितंबर के दौरान अपने प्राइस रेंज की घोषणा कर सकती हैं और सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत में आईपीओ ला सकती हैं। इन कंपनियों का लक्ष्य कुल मिलाकर लगभग 10,000 करोड़ रुपये जुटाना है। इन सभी को पहले ही बाजार नियामक सेबी से मंजूरी मिल चुकी है। पैसे जुटाने से कंपनियों को पूंजीगत व्यय की जरूरतों को पूरा करने, विस्तार योजनाओं के वित्तपोषण, कर्ज चुकाने और सामान्य कंपनी कामकाज को पूरा करने में मदद मिलेगी।
इस साल 55 कंपनियां ला चुकी हैं 75,000 करोड़ रुपये के आईपीओ
आईपीओ की दृष्टि से ये साल अभी तक काफी मजबूत रहा है। अबतक, 55 कंपनियों के आईपीओ आए हैं। इनके जरिए लगभग 75,000 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं। 2 और आईपीओ, यूरो प्रतीक सेल्स और वीएमएस टीएमटी, अगले हफ्ते खुलने वाले हैं। ये मजबूत गतिविधियां 2024 के बेहतर प्रदर्शन के बाद देखने को मिली हैं। पिछले साल 91 आईपीओ के जरिए कंपनियों ने कुल 1.6 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे। बाजार पर्यवेक्षकों का कहना है कि इस साल की नई गति नीतिगत अनुकूल परिस्थितियों, जैसे इनकम टैक्स में राहत, जीएसटी सुधार और आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कटौती से प्रेरित है।
बाजार में तेजी से उभर रही हैं कंपनियां
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा भारतीय शेयरों की लगातार बिकवाली के बावजूद, अनुकूल तरलता और घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) से मिले मजबूत समर्थन के चलते कई कंपनियां बाजार में तेजी से उतर रही हैं। एंजेल वन के वरिष्ठ बुनियादी विश्लेषक वकारजावेद खान के अनुसार, ‘‘आईपीओ मजबूत अनुकूल परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में आ रहे हैं। इन क्षेत्रों में वित्तीय सेवाएं, खुदरा, नवीकरणीय ऊर्जा, विनिर्माण और स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं।’’ उन्होंने आगे कहा कि इस अवधि के दौरान सूचीबद्धता से कंपनियों को दिवाली की तेजी के आसपास त्योहारी माहौल का फायदा उठाने का मौका मिलता है।







