बेलसंड विधानसभा सीट बिहार के सीतामढ़ी जिले में है, यह सीट 1957 में अस्तित्व में आई। इसमें बिहार के सीतामढ़ी ज़िले के बेलसंड और परसौनी ब्लॉक, व शेोहर ज़िले का त्रियानी चौक ब्लॉक शामिल है। यह शिवहर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और इसमें कोई आरक्षण नहीं है। यह जनजातीय व कमजोर सामाजिक वर्गों के लिए पहचान रखती है। सीट का राजनीतिक इतिहास राजद और जदयू के बीच कड़ा मुकाबला दर्शाता है। भाजपा आज तक यहां जीत नहीं दर्ज कर पाई है, जबकि रघुवंश प्रसाद सिंह (राजद) यहां के सबसे चर्चित पूर्व विधायक रहे हैं.
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क्षेत्र और संक्षिप्त परिचय:
बेलसंड विधानसभा क्षेत्र बिहार के सीतामढ़ी जिले में है और यह शिवहर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इसमें बेलसंद, परसौनी प्रखंड और शिवहर जिले का तरियानी चौक प्रखंड शामिल है। यह एक सामान्य वर्ग (General Category) की सीट है। -
चुनावी इतिहास:
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बेलसंड से 16 बार विधानसभा चुनाव हुए हैं, जिसमें कांग्रेस, राजद, जदयू, लोजपा, समता पार्टी, जनता दल समेत कई दलों ने जीत हासिल की है।
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रघुवंश प्रसाद सिंह ने चार बार इस सीट से जीत हासिल की है और इस क्षेत्र की राजनीतिक विरासत में उनका बड़ा नाम है।
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2010, 2015 और 2020 के चुनावों में जदयू और राजद के बीच कड़ी टक्कर रही है।
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2010 और 2015 में जदयू की सुनीता सिंह चौहान ने जीत दर्ज की।
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2020 में राजद के संजय कुमार गुप्ता ने सुनीता सिंह चौहान को लगभग 13,685 वोटों के अंतर से हराकर विजेता बने।
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2020 चुनाव परिणाम का सारांश:
उम्मीदवार पार्टी वोट वोट शेयर (%) जीत का अंतर संजय कुमार गुप्ता राजद 49,682 35.71 13,685 सुनीता सिंह चौहान जदयू 35,997 25.87 2025 चुनाव का परिदृश्य:
2025 में मुख्य मुकाबला राजद के संजय कुमार गुप्ता और जदयू की सुनीता सिंह चौहान के बीच माना जा रहा है। अन्य पार्टियों जैसे भाजपा, लोजपा और बीएलएसपी के उम्मीदवार भी चुनावी समीकरण प्रभावित कर सकते हैं। स्थानीय विकास, किसानों की समस्याएं और जातीय समीकरण चुनाव के नतीजे तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
राजद की ओर से संजय कुमार गुप्ता फिर से उम्मीदवार हो सकते हैं, और जेडीयू भी सुनीता सिंह चौहान को मैदान में उतारने का विकल्प रखती है।
बेलसंड सीट चुनावी इतिहास
| साल | विजेता | पार्टी | वोट | उपविजेता | वोट | जीत का अंतर |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 2020 | संजय कुमार गुप्ता | राजद | 49,682 | सुनीता सिंह चौहान (जदयू) | 35,997 | 13,685 |
| 2015 | सुनीता सिंह चौहान | जदयू | 33,785 | मो. नसीर अहमद (लोजपा) | 28,210 | 5,575 |
| 2010 | सुनीता सिंह | जदयू | 38,139 | संजय कुमार गुप्ता (राजद) | 18,559 | 19,580 |
| 2005 | रामायण मांझी | भाजपा | 30,148 | सत्यदेव राम (सीपीआईएमएल) | 29,768 | 14,264 |
| 2000 | सत्यदेव राम | सीपीआईएमएल | 32,996 | गोरा राम (कांग्रेस) | 26,487 | 6,509 |
| 1990 | गोरा राम | कांग्रेस | 23,834 | गिरधारी राम (सीपीएम) | 11,758 | 12,076 |
| 1985 | गोरा राम | कांग्रेस | 31,647 | गिरधारी राम (IND) | 8,809 | 22,838 |
| 1977 | फूलचंद राम | जनता पार्टी | 34,688 | राम नारायण राम (CONG) | 7,798 | 26,890 |
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रघुवंश प्रसाद सिंह 1977, 1980, 1985 और 1995 में यहां विधायक रहे, उन्होंने सीट को राष्ट्रीय स्तर तक पहचान दिलाई.
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2010 तक जदयू का दबदबा, 2015 में महागठबंधन की वापसी, और 2020 में फिर राजद का उलटफेर.
कौन जीत सकता है?
2025 में मुकाबला फिर मुख्यतः राजद (संभावित: संजय कुमार गुप्ता) और जदयू (संभावित: सुनीता सिंह चौहान) के बीच रहने की संभावना है। पिछले चुनाव में राजद ने जदयू को कड़ी टक्कर दी और बड़ी जीत दर्ज की थी। भाजपा के लिए यह सीट अब तक एक “अधूरा सपना” ही बनी हुई है.
फिलहाल, राजद के उम्मीदवार यहां मजबूत दिख रहे हैं, लेकिन जदयू की दाखिल उम्मीदवार भी चुनौती देने को तैयार रहेंगी। मतदाता का मूड, स्थानीय मुद्दे (सड़क, खाद-बीज), और उम्मीदवार की छवि चुनाव परिणाम को प्रभावित करेंगे.
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राजनीतिक दलों की सफलता:
इस सीट पर अब तक कुल 16 चुनाव हुए। कांग्रेस और प्रजा सोशलिस्ट पार्टी ने तीन-तीन बार, RJD व JDU ने दो-दो बार, जबकि जनता दल, लोकदल, LJP, समता, जनता पार्टी सेक्युलर आदि ने एक-एक बार जीत हासिल की है। भाजपा यहाँ कभी विजयी नहीं रही। -
जातीय समीकरण: बेलसंड में मुस्लिम, यादव और राजपूत वोटरों की संख्या लगभग बराबर है, वहीं रविदास व पासवान समुदाय निर्णायक भूमिका रखते हैं।
पिछले चुनाव (2020) का परिणाम
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विजेता: संजय कुमार गुप्ता (RJD) — उन्होंने JDU की सुनीता सिंह चौहान को हराया। गुप्ता को 49,682 वोट (35.71%), जबकि चौहान को 35,997 वोट (25.87%) मिले। वोटिंग प्रतिशत लगभग 52.5% था।
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JDU को यह सीट मजबूत सेफ गढ़ माना जाता था—सुनीता सिंह ने यहां 2010 और 2015 में जीत दर्ज की थी—लेकिन 2020 में RJD ने उन्हें पछाड़ दिया।
2025 के चुनावों की संभावनाएँ – कौन जीतेगा?
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पिछले चुनाव के महत्वपूर्ण तथ्य:
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2020 में RJD की हार-जीत की गणना 35.7% वोट शेयर से हुई।
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भाजपा अब तक इस सीट पर एक भी बार नहीं जीती।
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राजनीतिक माहौल:
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हाल तक कोई आधिकारिक प्रत्याशी (जैसे कि BJP, JDU, RJD आदि) की घोषणा नहीं हुई है।
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जातीय समीकरण, स्थानीय नेता की छवि, गठबंधन रणनीति और पार्टी का लोकप्रियता स्तर निर्णायक होंगे।
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राजद को मिली सफलता का कारण:
संजय कुमार गुप्ता की व्यक्तिगत प्रभावशीलता और RJD का स्थानीय स्तर पर मजबूत आधार, विशेषकर मुस्लिम–यादव–पासवान वोटरों के बीच, उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाता है। -
भविष्य का परिदृश्य:
यदि वह पुनः प्रत्याशी बने और गठबंधन बने रहा (जैसे एमबीजी या NDA), तो RJD फिर से जीत दर्ज कर सकती है। दूसरी ओर यदि BJP–JDU गठबंधन किसी फ़ॉर्मेट में इस सीट पर प्रभावी रणनीति अपनाए, या कोई नया स्थानीय चेहरा उभरे, तो परिणाम बदल सकते हैं।
निष्कर्ष:
बेलसंड सीट पर 2025 में फिर से RJD के संजय कुमार गुप्ता की वापसी एक मजबूत संभावना है, विशेषकर यदि गठबंधन रहता है और वे प्रत्याशी बनते हैं। लेकिन राजनीतिक स्थिति में छोटे बदलाव (उम्मीदवार या गठबंधन की रणनीति) भी परिणाम बदल सकते हैं।






