पटना के निजी अस्पताल में कुख्यात गैंगस्टर चंदन मिश्रा की हत्या के मामले में कोलकाता पुलिस और बिहार एसटीएफ एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है. शनिवार (19 जुलाई) रात कोलकाता के न्यू टाउन इलाके के एक गेस्ट हाउस से निशु तौसिफ समेत 5 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया.
सूत्रों के मुताबिक, इन आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के बाद आज (20 जुलाई) पटना लाया जाएगा और कोर्ट में पेश किया जाएगा. बता दें कि गैंगस्टर चंदन मिश्रा हत्याकांड में अब तक 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है. पहले 5 गिरफ्तारी शनिवार (19 जुलाई) सुबह 5:38 बंगाल से की गई थी, जो कि बिहार और बंगाल पुलिस के संयुक्त छापेमारी अभियान का हिस्सा थी.
शनिवार रात को हुए गिरफ्तार पांचों आरोपी दो फ्लैट में छिपे हुए थे. एक को परिसर के बाहर से पकड़ा गया, वहीं एक संदिग्ध को पैर में चोट लगने के बाद उसे एम्बुलेंस से ले जाया गया. पीटीआई के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपी हत्या के मुख्य अभियुक्तों को भागने में मदद कर रहे थे.
इनका कनेक्शन सीसीटीवी फुटेज से मिला जिसमें मुख्य आरोपी सफेद गाड़ी से भागते दिखे थे. वह वाहन बसंती हाइवे होते हुए आनंदपुर, कोलकाता लेदर कॉम्प्लेक्स और भांगर थाना क्षेत्र से गुजरा था. सभी संदिग्धों के मोबाइल और दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं.
दिनदहाड़े ICU में घुस कर मारी गोली
बिहार के बक्सर निवासी और हत्या जैसे 12 गंभीर मामलों में शामिल चंदन मिश्रा को गुरूवार को पटना के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान गोली मारी गई थी. वह पैरोल पर बाहर था. सोशल मीडिया पर सामने आई सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखा कि पांच हथियारबंद हमलावर बिना किसी रोक-टोक के ICU में घुसे और मिश्रा पर ताबड़तोड़ फायरिंग की. इसके बाद वे आसानी से परिसर से फरार हो गए.
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, अस्पताल प्रशासन जांच के घेरे में
पटना पुलिस अधीक्षक (मध्य) दीक्षा ने कहा कि यह गंभीर सुरक्षा चूक का मामला है. बिना मास्क और किसी पहचान के हथियारबंद अपराधियों का ICU तक पहुंचना कई सवाल खड़े करता है. पुलिस यह जांच रही है कि सुरक्षा जांच कैसे टाली गई और किनकी लापरवाही से ऐसा हुआ. आरोपियों के कॉल डिटेल और व्हाट्सएप चैट खंगाली जा रही है.
कोलकाता के पास ‘न्यू टाउन’ से पकड़े गए आरोपी
पुलिस को जानकारी मिली थी कि चंदन हत्याकांड से जुड़े कुछ लोग कोलकाता में छिपे हुए हैं। इसके बाद एसटीएफ की टीम ने छापेमारी शुरू की। ये लोग तौसीफ और उसके साथियों को छिपने में मदद कर रहे थे। छापेमारी के दौरान सरगना तौसीफ उर्फ बादशाह सफेद रंग की गाड़ी में सवार होकर भाग निकला था। पुलिस टीम ने उसका पीछा किया और उसे गिरफ्तार कर लिया। तौसीफ की मदद करने वालों को कोलकाता के पास ‘न्यू टाउन’ के एक आवासीय परिसर से पकड़ा गया था।
चंदन की हत्या के लिए शेरू ने की उसके खास आदम से दोस्ती
चंदन की हत्या की साजिश में ओमकार सिंह उर्फ शेरू नाम के एक व्यक्ति का भी हाथ था। शेरू ने सबसे पहले चंदन के एक खास आदमी से दोस्ती की। फिर वह चंदन की हर गतिविधि पर नजर रखने लगा। इसी बीच शेरू, चंदन के उस खास आदमी, तौसीफ और अन्य लोगों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई। जेल में रहने के दौरान चंदन की हत्या करवाना मुश्किल था। इसलिए सभी उसके बाहर निकलने का इंतजार कर रहे थे। शेरू पुरुलिया जेल में बैठकर ही चंदन पर नजर रख रहा था। उसने चंदन को यह बिल्कुल भी पता नहीं चलने दिया कि उसके खास आदमी को उसने अपने साथ मिला लिया है।
एक बार चंदन को इलाज की जरूरत पड़ी। उसने अपने खास आदमी से इस बारे में बात की। यह जानकारी भी उसके करीबी ने शेरू को दे दी। उसी समय जेल में बैठे शेरू ने चंदन को ऐसी जगह इलाज करवाने को कहा, जहां शूटर आसानी से पहुंच सकें। तभी तौसीफ ने राय दी कि उसे नेहरू पथ स्थित पारस अस्पताल में भर्ती करवाया जाए। तौसीफ उसी इलाके में रहता था। अस्पताल में चंदन के आने की खबर मिलते ही सभी सक्रिय हो गए।
तौसीफ की गिरफ्तारी में CCTV का रहा अहम रोल
तौसीफ की गिरफ्तारी में सीसीटीवी फुटेज का अहम रोल रहा। फुटेज में तौसीफ सफेद रंग की गाड़ी से भागते हुए दिखाई दिया था। वह हाईवे से गुजर रहा था। एसटीएफ की टीम उन्हीं रास्तों पर लगे कैमरे को देखते हुए आगे बढ़ी, जिससे उन्हें कामयाबी मिली। इससे पहले मुख्य आरोपियों का इश्तेहार तामिला कराया गया। उनमें तौसीफ भी शामिल था।







