बिहार विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही NDA ने युद्धस्तर पर अपनी तैयारी शुरू कर दी है , प्रदेश मीडिया सेंटर की गतिविधियां तेज हो गयी हैं। देश और प्रदेश की पल-पल की खबर मीडिया सेंटर के अधिकारी विभिन्न स्रोतों से प्राप्त कर रहे हैं और इससे शीर्ष नेतृत्व को अवगत करा रहे हैं। अखबारों, सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया पर चल रही खबरों, खासकर राजनीति से जुड़े हुए, पर मीडिया सेंटर 24 घंटे नजर रख रहा है।
जनता दल यूनाइटेड
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर जदयू ने युद्धस्तर पर अपनी तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में अत्याधुनिक वार रूम तैयार किया जा रहा है। वार रूम लगभग तैयार है। दल के शीर्ष नेता जब चाहते हैं, तब वाररूम के माध्यम से वर्चुअल बैठक कर रहे हैं। पार्टी का उद्देश्य हर एक बूथ की निगरानी राज्य मुख्यालय से करनी है, इसीलिए पार्टी बूथ जीतो चुनाव जीतो का लक्ष्य लेकर चल रही है। जदयू के वार रूम में सभी 243 विधानसभा क्षेत्र की न केवल विस्तृत जानकारी उपलब्ध है, बल्कि वहां चल रही सभी चुनावी गतिविधियों की पल-पल की रिपोर्ट भी भेजी जाती है। पिछले दिनों जदयू मुख्यालय में सभी विधानसभा क्षेत्र पंचायत वार और वार्ड वार चुनाव की तैयारी को लेकर वर्चुअल बैठकें आयोजित की गईं। इनमें पार्टी ने हर बूथ तक अपना संदेश पहुंचाया कि कैसे आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारी करनी है? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कई बार पार्टी मुख्यालय पहुंचकर कार्यकर्ताओं को विधानसभा चुनाव के मुद्दे पर उत्साहित कर चुके हैं। उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को 225 सीटें जीतने के लक्ष्य को साकार करने के लिए जमीन पर जाकर पसीना बहाने का संदेश भी दिया है। मुख्यमंत्री ने उन्हें जीत के कई महत्वपूर्ण टिप्स भी दिये हैं। इसी के आधार पर पार्टी का वार रूम अपनी कार्ययोजना बना रहा है। पार्टी के वार रूम में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल किया जाएगा। यही नहीं, वहां मीडिया और सोशल मीडिया को लेकर भी विशेष प्रावधान किये जा रहे हैं। नीतीश सरकार के बेहतर कार्यों को लेकर आम लोगों तक स्पष्ट संदेश पहुंचाने के लिए भी यह वार रूम विशेष योजना तैयार कर रहा है। साथ ही यहां से नीतीश सरकार के विकास और कल्याणकारी कार्यों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के साथ विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों का भी जवाब दिया जाएगा। वार रूम की कमान आईटी प्रोफेशनल के साथ पार्टी के तकनीकी रूप से दक्ष नेता और कार्यकर्ता खुद संभालेंगे। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। राज्य के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में गठबंधन के नेताओं के चुनावी कार्यक्रम तय करने दलों के साथ सम्नवय बैठाने आदि कार्य भी वार रूम की अहम भूमिका होगी।
भारतीय जनता पार्टी
बिहार विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही भाजपा प्रदेश मीडिया सेंटर की गतिविधियां तेज हो गयी हैं। देश और प्रदेश की पल-पल की खबर मीडिया सेंटर के अधिकारी विभिन्न स्रोतों से प्राप्त कर रहे हैं और इससे शीर्ष नेतृत्व को अवगत करा रहे हैं। अखबारों, सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया पर चल रही खबरों, खासकर राजनीति से जुड़े हुए, पर मीडिया सेंटर 24 घंटे नजर रख रहा है।
दिन में चार बार मीडिया सेंटर के प्रभारीगण राजनीतिक तथा अन्य प्रमुख घटनाओं से जुड़ी खबरों पर रिपोर्ट तैयार करते हैं। किन-किन नेताओं ने क्या-क्या बयान दिया। कहां पर बयान दिया। इस पर रिपोर्ट तैयार होती है। पांच लोगों की टीम इस पर काम करती है। लिखित हो या वीडियो, इसे शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाया जाता है। सुबह नौ बजे तक अखबारों में छपी राजनीतिक खबरों की कटिंग तैयार कर ली जाती है। वहीं, दोपहर एक बजे, शाम पांच और फिर रात नौ बजे डिजिटल मीडिया की रिपोर्ट बिहार के शीर्ष नेतृत्व के साथ दिल्ली के बड़े नेता तक भी पहुंचायी जाती है।
प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने बताया कि चुनाव को देखते हुए त्वरित प्रतिक्रिया टीम (क्यूआरटी) का गठन किया गया है। इस टीम की एक जून से हर दिन रात नौ बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक होती है। इसमें बिहार के प्रभारी विनोद तावड़े, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल, राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय मयूख आदि नेता शामिल रहते हैं। बैठक में दिनभर की राजनीतिक गतिविधि पर चर्चा होती है। साथ ही अगले दिन का मुख्य एजेंडा क्या होगा, यह भी तय किया जाता है। कौन प्रवक्ता किस एजेंडे पर अपनी बात रखेंगे, किस घटना को प्रमुखता से लोगों के समक्ष रखना है, इसका निर्धारण होता है। मीडिया प्रभारी ने यह भी बताया कि विधानसभा चुनाव को लेकर कुछ ही दिनों में चुनाव प्रबंध समिति के गठन की उम्मीद है। इसके गठन के बाद चुनाव का वार रूम तैयार किया जाएगा। वार रूम में भी विभिन्न कार्यों के लिए अलग-अलग टीम को जिम्मेदारी दी जाती है। विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार सामग्री भेजने, नेताओं के कार्यक्रम तय करने से लेकर चुनावी सभाओं के आयोजन आदि कार्य के लिए अलग-अलग पदाधिकारियों की भूमिका रहती है। वहीं, स्थानीय पार्टी पदाधिकारियों और गठबंधन दल के नेताओं के कार्यक्रम को लेकर समन्वय स्थापित करने आदि की मुख्य जिम्मेदारी वार रूम के पदाधिकारियों की रहती है। 2024 के लोकसभा चुनाव में गठित प्रबंध समिति में 70 से अधिक लोग थे।







