प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्राजील में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने और ग्लोबल साउथ के कई प्रमुख देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने के लिए 2 जुलाई से पांच देशों की यात्रा करेंगे. विदेश मंत्रालय के अनुसार, आठ दिवसीय यात्रा के दौरान पीएम मोदी ब्राजील के अलावा घाना, त्रिनिदाद व टोबैगो, अर्जेंटीना और नामीबिया भी जाएंगे.
यात्रा के पहले चरण में पीएम मोदी 2 से 3 जुलाई तक घाना का दौरा करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी की घाना की यह पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी. तीन दशकों में भारत का कोई प्रधानमंत्री पहली बार घाना की यात्रा करेगा. विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस यात्रा के दौरान पीएण मोदी घाना के राष्ट्रपति के साथ वार्ता करेंगे जिसमें मजबूत द्विपक्षीय साझेदारी की समीक्षा की जाएगी. साथ ही आर्थिक, ऊर्जा एवं रक्षा सहयोग के माध्यम से इसे मजबूती प्रदान करने के लिए आगे के अवसरों पर चर्चा की जाएगी.
घाना के बाद प्रधानमंत्री 3 से 4 जुलाई तक त्रिनिदाद व टोबैगो की दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे. 1999 के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की त्रिनिदाद व टोबैगो की पहली यात्रा होगी. इस दौरान मोदी त्रिनिदाद व टोबैगो की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू और प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर से वार्ता करेंगे. वह द्वीपीय देश की संसद के संयुक्त सत्र को भी संबोधित कर सकते हैं.
अपनी यात्रा के तीसरे चरण में मोदी 4 से 5 जुलाई तक अर्जेंटीना की यात्रा करेंगे. विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री रक्षा, कृषि, खनन, तेल व गैस, नवीकरणीय ऊर्जा, व्यापार और निवेश सहित प्रमुख क्षेत्रों में दोनों देशों की साझेदारी को बढ़ाने के लिए राष्ट्रपति जेवियर माइली से व्यापक वार्ता करेंगे.
अपनी यात्रा के चौथे चरण में पीएम मोदी ब्राजील के राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला दा सिल्वा के निमंत्रण पर वहां की यात्रा करेंगे. प्रधानमंत्री 5 से 8 जुलाई तक ब्राजील में रहेंगे. प्रधानमंत्री के रूप में मोदी की यह चौथी ब्राजील यात्रा होगी. इस दौरान पीएम मोदी ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में होने वाले 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे. शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे.
यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी नामीबिया जाएंगे. उनकी राष्ट्रपति नेटुम्बो नांदी नदैतवा के साथ द्विपक्षीय वार्ता का भी कार्यक्रम है. प्रधानमंत्री द्वारा नामीबिया की संसद को संबोधित किए जाने की भी उम्मीद है.
बता दें कि ग्लोबल साउथ से तात्पर्य उन देशों से है जिन्हें अक्सर विकासशील, अल्प विकसित या अविकसित माना जाता है तथा जो मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका में स्थित हैं.
PM मोदी के ब्राजील दौरे में बड़े रक्षा समझौते पर होंगे हस्ताक्षर !
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुलाई में ब्राजील की यात्रा करेंगे। वह 6-7 जुलाई को BRICS शिखर सम्मेलन के बाद 8 जुलाई को ब्राजील जाएंगे।इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है। भारत और ब्राजील अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद का मुकाबला करने और रक्षा उत्पादन के लिए संवेदनशील जानकारी साझा करने के लिए समझौते कर सकते हैं।
भारत, ग्लोबल साउथ, BRICS और G20 में ब्राजील को एक महत्वपूर्ण भागीदार मानता है। भारत लंबे समय से ब्राजील के साथ आतंकवाद विरोधी समझौता करना चाहता है। जानकारी के अनुसार, भारत के अनुरोध पर प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान यह समझौता हो सकता है। दोनों देश रक्षा उत्पादन और खरीद के लिए गोपनीय जानकारी की सुरक्षा पर भी एक समझौता करने की सोच रहे हैं।
2020 से भारत और ब्राजील रक्षा उद्योग में साझेदारी पर ध्यान दे रहे हैं। 2003 में एक रक्षा सहयोग समझौता हुआ था, जिसे 2006 में मंजूरी मिली। इसके तहत एक संयुक्त रक्षा समिति (JDC) बनाई गई। रक्षा प्रमुखों के स्तर पर 14 बार बातचीत हुई है। पिछले दो सालों में भारतीय वायु सेना के प्रमुख ने ब्राजील का दौरा किया। वहीं, ब्राजील की सेना, नौसेना और वायु सेना के प्रमुखों ने भी भारत का दौरा किया।
2007 से दोनों देशों के 134 रक्षा अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है, इनमें से 70 भारत से और 64 ब्राजील से हैं। इन्हें छोटे और लंबे कोर्स में ट्रेनिंग दी गई है। इसके अलावा, संयुक्त अभ्यास और नौकायन प्रतियोगिताओं में भी दोनों देशों ने भाग लिया है। 2+2 राजनीतिक-सैन्य वार्ता शुरू की गई है, जिसकी पहली बैठक 2024 में हुई थी। ब्राजील की वायु सेना अपने विमानों को आधुनिक बनाने की योजना बना रही है और उसने भारत के साथ सहयोग करने में रुचि दिखाई है। ब्राजील ने मिसाइल सिस्टम, खासकर ब्रह्मोस और आकाश मिसाइलों में भी दिलचस्पी दिखाई है।
दोनों देशों को फायदा होगा
भारत और ब्राजील के बीच रक्षा सहयोग बढ़ने से दोनों देशों को फायदा होगा। आतंकवाद का मुकाबला करने और रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। ब्राजील, लैटिन अमेरिका का सबसे बड़ा देश है। भारत के साथ उसका मजबूत रिश्ता है। प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से यह रिश्ता और भी मजबूत होगा। दोनों देशों के बीच सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्र में नए समझौते होने की उम्मीद है, इससे भारत और ब्राजील दोनों को फायदा होगा।







