ADVERTISEMENT
Saturday, August 8, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

रंग लायी भारतीय कूटनीति: LAC पर 4 साल लंबा गतिरोध खत्म, पीछे हटी चीनी सेना

UB India News by UB India News
October 24, 2024
in ब्लॉग
0
यहां बात चीनी टंगड़ी और अमेरिकी लंगड़ी को समझने के साथ भारतीय विदेश नीति की कड़ी परीक्षा होगी……….

RELATED POSTS

UPI पर चार्ज जरूरी या मजबूरी… क्या MDR के पीछे अमेरिका कर रहा है कोई खेल?

फरक्का जलसंधि का विरोध दूर की कौड़ी है………………………..

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

भारत और चीन दक्षिण एशिया की दो महाशक्ति है, लेकिन पिछले करीब चार साल से भी ज्यादा वक्त से इन दो पड़ोसियों के बीच एलएसी विवाद को लेकर भारी तनाव बना हुआ था. रिश्तों पर जमीं बर्फअब पिघलने वाली है. दोनों देशों ने आमने-सामने के टकराव की बजाय बातचीत से ठोस रास्ता निकाला और अहम समझौतों पर मुहर लगी. ऐसा माना जा रहा है कि इसके बाद दोनों मुल्कों के बीच अब तनाव कम हो जाएगा.

भारत की तरफ से सीमा समझौते के एलान के एक दिन बाद चीन की तरफ से भी इस पर प्रतिक्रियाएं सामने आयीं. बीजिंग ने मंगलवार को कहा कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर दोनों ही देशों के बीच आपसी सहमति बनी है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा- दोनों देशों के बीच अहम समझौता हुआ है, जिसे चीन अच्छा मानता है.

एक दिन पहले, सोमवार को भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने इस बारे में अहम एलान करते हुए कहा कि ये समझौते तनाव को कम करने में बेहद कारगर होंगे. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस समझौते की पुष्टि है कि एक बार फिर से भारत और चीन की सेना मई 2020 की घटना से पहले जैसी गश्त दोबारा कर पाएंगे.

कम होगा तनाव

दरअसल, भारत सरकार की तरफ से सोमवार को इसका एलान किया गया कि दोनों देशों के बीच हुई बातचीत में वार्ताकार पूर्व लद्दाख में एलएसी पर गश्त के लिए समझौते पर एक राय से सहमत हुए हैं. ये समझौते ऐसे वक्त पर हुए हैं जब इस हफ्ते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच रूस में संभावित मुलाकात हो सकती है. ऐसे में दोनों शीर्ष नेताओं की संभावित मुलाकात से पहले पूर्वी लद्दाख में 4 साल से अधिक समय से जारी सैन्य गतिरोध के समाधान की दिशा में इसे एक बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है.

विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने कहा कि भारत और चीन के बीच गलवान में 2020 में जो गतिरोध पैदा हुआ था, उसके समाधान का रास्ता खुलेगा, जिसे दोनों पक्षों के बीच पिछले कई हफ्तों तक चली बातचीत के बाद इस समझौते को अमलीजामा पहनाया गया.

जबकि, विदेश मंत्री एस. जयंशकर ने कहा कि सीमा पर टकराव शुरू होने से पहले जैसा गश्त चल रहा था, ठीक उसी तरह से भारत और चीन की सेना के जवान फिर से कर पाएंगे. साथ ही, चीन के साथ सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है.

मोदी-जिनपिंग मुलाकात संभव

रूस के काजान शहर में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर मंगलवार या फिर बुधवार को पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात की संभावना है. ऐसा माना जा रहा है कि इस समझौते से डेपसांग और डेमचौक में भी गश्त शुरू हो सकेगा. दोनों देशों के बीच एलएसी पर कई क्षेत्रों को लेकर गतिरोध बना हुआ था.

गलवान घाटी में साल 2020 में 15 जून को हिंसक झड़प के बाद भारत और चीन के संबंध सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए थे. ये 1975 के बाद पहली बार इस तरह का खूनी टकराव था, जिसमें 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे.

हालांकि, दोनों देशों के बीच सैन्य और कूटनीतिक वार्ता के बाद तनाव कम करने की काफी कोशिशें की गई और कुछ टकराव वाली जगहों ने सैनिक वापस भी चले गए थे. इसके बावजूद डेपसांग और डेमचौक में गतिरोध को दूर नहीं किया जा सकता था.

एक चैनल के कार्यक्रम के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दोनों देशों के बीच हुए समझौते को अंतिम रुप दिए जाने को सकारात्मक करार देते हुए कहा कि गश्त के साथ सैन्य वापसी पर एक समझौते हुए, जिसके तहत 2020 की स्थिति बहाल हो गई है. उन्होंने कहा कि अब ये कह सकते हैं कि चीन के साथ सैन्य वापसी की प्रक्रिया अब पूरी हो गई है.

सैन्य वापसी की प्रक्रिया पूरी

विदेश मंत्री ने कहा कि ये एक अच्छा कदम और सकारात्मक घटनाक्रम है. साथ ही, बहुत ही संयमित और दृढ़ कूटनीति का नतीजा भी.  जयशंकर ने एक सवाल के जवाब में इस बात के संकेत भी दिए कि डेपसांग और अन्य क्षेत्रों में गश्त करने में भारत सक्षम होगा. उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच समझौते में जो सहमति बनी है, उसके मुताबिक भारतीय सेना के जवान उन इलाकों में भी गश्त कर सकेंगे, जहां पर साल 2020 गतिरोध के चलते रुक गया था.

दरअसल, चीन के साथ समझौते को विस्तार से बताते हुए जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच विवाद खत्म करने को लेकर पिछले चार सालों से लगातार बातचीत जारी थी और आपसी संपर्क में बने हुए थे. सितंबर 2020 से ये बातचीत चल रही थी, जब मॉस्को में चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ जयशंकर से मुलाकात हुई थी. विदेश मंत्री ने बताया कि ये काफी संयमित प्रक्रिया रही और उन्हें ये उम्मीद थी कि 2020 से पहले जैसी शांति थी, वैसा ही सबकुछ एक बार फिर से वहां पर सामान्य हो पाएगा.

इन सबके बीच अहम सवाल ये उठ रहा है कि क्या इतनी जल्दी फिर दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली हो पाएगी? क्या 2020 के पहले की तरफ फिर स्थिति सामान्य होने में कितना वक्त लगेगा और ये कैसे हो पाएगा? दरअसल, दोनों देशों के बीच गतिरोध को खत्म करने के लिए एकमात्र विकल्प बातचीत का ही बचता था. क्योंकि शांति का रास्ता बातचीत की टेबल से ही होकर गुजरता है.

हमने ये भी देखा कि किस तरह से दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की तरफ से डोकलाम विवाद से लेकर गलवान हिंसा तक लगातार बयानबाजी होती रही. एलएसी पर निर्माण कार्य में दोनों ही तरफ से तेजी देखी गई. लेकिन, सुलह के लिए भारत और चीन के बीच मिलिट्री कोर कमांडर्स से लेकर राजनेताओं तक हर स्तर पर बातचीत से इसका समाधान निकालने की कोशिशें की जा रही है.

सरकार की तरफ से इस मामले को सुलझाना इतना आसान नहीं रह गया था. खुद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ये माना था कि ये स्थिति काफी जटिल हो गई थी, जिसे सुलझाना आसान नहीं था. जाहिर है, भारत और चीन के बीच संपूर्ण चीन-भारत सीमा (पश्चिमी एलएसी, बीच में छोटा निर्विवाद खंड और पूर्व में मैकमोहन रेखा सहित) 4,056 किलोमीटर लंबी है और पांच भारतीय राज्यों/क्षेत्रों को पार करती है. ये हैं- जम्मू और कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश. ऐसे में इन समझौतों से दोनों ही पड़ोसी देशों को न सिर्फ राहत मिली है, बल्कि ये सीख भी कि भविष्य में ऐसे गतिरोध को कैसे बातचीत के जरिए सुलझाया जाए.

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

India AI Impact Summit 2026: विदेशी डेलिगेट्स के लिए UPI One World वॉलेट सर्विस लॉन्च

UPI पर चार्ज जरूरी या मजबूरी… क्या MDR के पीछे अमेरिका कर रहा है कोई खेल?

by UB India News
August 8, 2026
0

बैंक और फिनटेक कंपनियों को करोड़ों UPI ट्रांजेक्शन संभालने के लिए सर्वर और साइबर सुरक्षा पर बहुत बड़ा खर्च करना...

फरक्का जलसंधि का विरोध दूर की कौड़ी है………………………..

फरक्का जलसंधि का विरोध दूर की कौड़ी है………………………..

by UB India News
August 8, 2026
0

बिहार की सियासी राजनीति में संजय झा अभी काफी चर्चा में हैं। फरक्का जलसंधि का विरोध कर जनता दल यू...

BJP के स्टार नेताओं के बोल उनके ही बूथ पर उन्हें ले डूबे, 422 में से 400 बूथों पर हार…………

BJP के स्टार नेताओं के बोल उनके ही बूथ पर उन्हें ले डूबे, 422 में से 400 बूथों पर हार…………

by UB India News
August 5, 2026
0

बांकीपुर उपचुनाव 2026 के नतीजे आए दो दिन हो चुके हैं। बीजेपी अपनी ओर से आत्ममंथन में लगी है तो...

बांकीपुर में काउंटिंग का काउंटडाउन, एएन कॉलेज में पुख्ता तैयारी, सबकी नजर बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर…………………..

नितिन के गढ़ में किशोर: इस जीत का श्रेय जितना PK को है उतना ही भाजपा और राजद की रणनीतिक भूलों का भी है……………

by UB India News
August 7, 2026
0

लोकतंत्र में उपचुनावों को अक्सर केवल रिक्त सीटों को भरने की औपचारिक प्रक्रिया मान लिया जाता है, लेकिन कई बार...

2029 के लोकसभा चुनाव में उतरेंगे Gen-Z?

क्या अब संसद नहीं, सड़क से तय होगी देश की राजनीति?

by UB India News
August 4, 2026
0

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र और अन्य मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी)...

Next Post
पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच आज की मुलाकात पर दुनिया की नजरें टिकी …….

पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच आज की मुलाकात पर दुनिया की नजरें टिकी .......

BRICS की 16वीं समिट में PM मोदी का भाषण आज , रूस-चीन-ब्राजील समेत 28 देशों के राष्ट्र प्रमुख इसमें पहुंचे

BRICS की 16वीं समिट में PM मोदी का भाषण आज , रूस-चीन-ब्राजील समेत 28 देशों के राष्ट्र प्रमुख इसमें पहुंचे

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend