बिहार के जहानाबाद जिले के मखदुमपुर प्रखंड स्थित वाणावर पहाड़ स्थित बाबा सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में सावन की चौथी सोमवारी पर पूजा करने पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच मंदिर के समीप भगदड़ मच गई. इस घटना में सात श्रद्धालुओं के मौत होने की पुष्टि हुई है. वहीं दो दर्जन से अधिक श्रद्धालु घायल भी हो गए हैं. इस घटना को लेकर बताया जा रहा है कि सबसे पहले दुकानदारों और श्रद्धालुओं में बहस शुरू हुई. धीरे-धीरे विवाद बढ़ गया और मौके पर धक्का-मुक्की शुरू हो गयी. इसके बाद कुछ नीचे गिरे और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गयी. इसी के बाद एक-एक कर लोग घायल होते चले गए.
बताया जा रहा है कि जहानाबाद के सिद्धेश्वर मंदिर में सावन के आखिरी सोमवार की वजह से भारी संख्या में पूजा के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी थी. मंदिर में भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई थी. पुलिस पुलिस के मुताबिक, इस मौके पर भगवान शिव को जलाभिषेक चढ़ाने के लिए मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर सीढ़ी के पास अचानक भगदड़ मच गई. जिसमें दबकर श्रद्धालुओं की मौत हो गई. उनके शवों को जहानाबाद सदर अस्पताल लाया गया है. इसके साथ ही कई लोग घायल हुए हैं उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया. मखदुमपुर के सिद्धेश्वर मंदिर में भगदड़ से सात लोगों की हुई मौत पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है.
सावन के सोमवार की वजह से भारी संख्या में भक्त भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए जुटे थे। मंदिर में भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई थी। पुलिस का कहना है कि सावन के तीसरे सोमवार के मौके पर भगवान शिव को जलाभिषेक चढ़ाने के लिए मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर भगदड़ मच गई। कतार में खड़े भक्तों की धक्का-मुक्की से रेलिंग टूट गई और ये हादसा हो गया। इसके बाद गिरे हुए लोगों पर भक्तों की भीड़ उन्हें कुचलते हुए दौड़ गई।
दरअसल, सावन के महीने में बाबा सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में जल चढ़ाने के लिए काफी संख्या में भीड़ होती है। सोमवारी के मौके पर भीड़ बढ़ जाती है। इसे देखते हुए बीते रविवार की रात से ही जल चढ़ाने के लिए लोगों की भीड़ पहुंचने लगी थी। बता दें कि पहाड़ के ऊपर मंदिर है और लोग चढ़कर जल चढ़ाने के लिए यहां जाते हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी घटना की कहानी
घटना के संबंध में प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भगदड़ के बाद श्रद्धालु गिर गए थे। दम घुटने लगा था। एक प्रत्यक्षदर्शी ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि लाठीचार्ज करने की वजह से यह हादसा हुआ है। एनसीसी के लोग ड्यूटी कर रहे थे। बिहार पुलिस का कोई नहीं था। वहीं जल चढ़ाने के लिए पहुंचे एक और व्यक्ति ने बताया कि पहाड़ पर ऊपर में पुलिस और लोगों में बहस के बाद लाठी चलाई गई तो लोग पीछे की तरफ भागने लगे। उसी में यह घटना हो गई है। लोग नीचे की तरफ गिरते चले गए।
घटना की सूचना मिलते हैं जिलाधिकारी अलंकृता पांडे एसपी अरविंद प्रताप सिंह समेत कई वरीय अधिकारी वाणावर पहाड़ पर पहुंचे वहीं डीएम एवं एसपी रेफरल अस्पताल पहुंचकर घायलों से मिलकर हाल-चाल जाना है. जहानाबाद डीएम अलंकृता पांडे ने कहा कि जहानाबाद जिले के मखदुमपुर में बाबा सिद्धनाथ मंदिर में भगदड़ में 7 लोगों की मौत हो गई और 9 घायल हो गए हैं. हम हर चीज पर नजर रख रहे हैं और अब स्थिति नियंत्रण में है.
मृतकों और घायलों की सूची
जहानाबाद हादसे के मृतकों में नालंदा मुबारकपुर गांव निवासी प्रेम कुमार, लड़ोआ गांव निवासी निशा कुमारी, एरकी गांव निवासी निशा देवी, गया मऊ निवासी पूनम देवी समेत 5 महिलाएं, एक युवती एवं एक पुरुष शामिल हैं. वहीं इस घटना में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं. घायलों में नालंदा जिले के महादेवपुर निवासी अनुराधा देवी, ढिबरा निवासी अमन कुमार, नोआमा निवासी सपना कुमारी, एरकी निवासी सोनी देवी, गया मऊ निवासी प्रिंस कुमार, नालंदा जिले के ललेश विगहा निवासी लालू कुमार, महादेवपुर निवासी सौरव कुमार, ककड़िया हिलसा निवासी नीतीश कुमार, कृपागंज निवासी खुशबू कुमारी, भादोपुर निवासी वासो कुमारी और मसौढ़ी निवासी राकेश कुमार शामिल हैं. सभी घायलों का इलाज रेफरल अस्पताल एवं जहानाबाद सदर अस्पताल में कराया जा रहा है.







