बिहार में अब धीरे-धीरे मौसम डराने लगा है. दरअसल बिहार के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने लगी है. वहीं अधिकांश जिलों में वज्रपात के कारण लोगों की जान जा रही है. मिली जानकारी के अनुसार बिहार के अलग-अलग जिलों में पिछले 24 घंटे में वज्रपात के कारण 10 लोगों की मौत हो गयी है. वहीं मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए बिहार के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.
मौसम विभाग ने बिहार के अररिया, कटिहार, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मधुबनी समस्तीपुर, वैशाली, पूर्वी और पश्चिम चंपारण जिले के अधिकांश क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया. वहीं मौसम विभाग व आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मेघगर्जन और बारिश के दौरान घरों से बाहर नहीं निकलें. वहीं बिहार के कई जिलों में दो-तीन दिन से लगातार हो रही बारिश के बाद लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. बिहार की कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर हो गई है.
मधेपुरा, पूर्णिया, भागलपुर में भारी बारिश की संभावना
9 जुलाई को पश्चिम चंपारण, कैमूर और रोहतास में भी बारिश हो सकती है. वहीं 9 से 10 जुलाई के बीच सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर में भारी बारिश की संभावना है. अन्य जिलों में हल्के मध्म दर्जे की बारिश होगी. वहीं मौसम विभाग ने पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, किशनगंज, अररिया और औरंगाबाद जिले के एक या दो स्थानों और तराई जिले के एक या दो स्थानों में भारी बारिश होने की संभावना व्यक्ति की है.
बिहार में वज्रपात के कारण 10 लोगों की मौत हुई है. बिहार में मुख्यमंत्री कार्यालय ने रविवार को यह जानकारी दी. सीएम नीतीश कुमार ने आकाशीय बिजली की चपेट में आने के कारण हुई मौतों पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ है. CMO के अनुसार पिछले 24 घंटे के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से नालंदा में दो, वैशाली, भागलपुर, सहरसा, रोहतास, सारण, जमुई, भोजपुर और गोपालगंज में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई है.
नेपाल में हो रही बारिश से बिहार में त्राहिमाम मचना शुरू हो गया है। आलम ये है कि इंडिया-नेपाल बॉर्डर के मेन रोड पर तीन फीट तक बाढ़ का पानी बह रहा है। खेतों में भी दो से तीन फीट तक पानी भरा हुआ है। कई गावों में घर से बाहर निकलना मुश्किल है। अधिकारियों की टीम मौजूदा हालात पर नजर बनाई हुई है। अलग-अलग जिलों में हाहाकार मचा हुआ है। नेपाल में भारी बारिश के बाद गोपालगंज के वाल्मीकि नगर बराज से रविवार को साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। अत्यधिक पानी को देखते हुए गोपालगंज डीएम मकसूद आलम ने जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। जिले के सभी बाढ़ संभावित क्षेत्रों के बीडीओ और सीओ को निर्देश दिया है की वे तटबंधों के अंदर बसे गांवों से लोगों को बाहर आने के लिए माइकिंग के माध्यम से सूचित करे।
बिहार में कोसी, गंडक, महानंदा और उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं. शनिवार शाम करीब छह बज सुपौल जिला के बीरपुर बराज पर तीन लाख तीन हजार 860 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. यह इस साल का अधिकतम डिस्चार्ज है. अधिक पानी होने के कारण कोसी बराज के 39 फाटक खोल दिये गये हैं. इसके साथ ही वाल्मीकिनगर बराज पर गंडक नदी से करीब दो लाख 18 हजार क्यूसेक पानी शनिवार दोपहर दो बजे छोड़ा गया. यह इस साल का अधिकतम डिस्चार्ज था. वहीं महानंदा नदी का जलस्तर भी किशनगंज जिले में खतरे के निशान से ऊपर था. इसमें रविवार तक किशनगंज सहित पूर्णिया और कटिहार जिले में बढ़ोतरी की संभावना है.
सुपौल में बाढ़ का संकट गहराया
नेपाल में भारी बारिश के कारण कोसी नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है. इससे सुपौल जिले में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. शनिवार शाम को कोसी बराज स्थित कंट्रोल रूम के अनुसार, कोसी नदी का डिस्चार्ज इस वर्ष पहली बार 02 लाख 82 हजार 680 क्यूसेक पार कर गया. इसके कारण बराज के 36 फाटकों को खोलना पड़ा. बराह क्षेत्र में भी जल स्तर 01 लाख 83 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया है. बालू की अधिक मात्रा के कारण दोनों नहरों को बंद कर फ्लशिंग की जा रही है.
बेतिया में भी बाढ़ के हालात बने
नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में पिछले 48 घंटे से अधिक समय से भारी बारिश के कारण पश्चिमी चंपारण जिले की अधिकतर पहाड़ी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बहते हुए उफान के कगार पर हैं और जिले में बाढ़ के हालात बनने लगे हैं. मौजूदा स्थिति में तो कई नदियों का पानी सरेह के खेतों में फैलना शुरू हुआ है और एक दो दिन और बारिश हुई तो ऐसा माना जा रहा है कि जिले में चारों ओर बाढ़ के हालात बन जायेंगे.








