होली एक ऐसा त्योहार है जिसमें भारत रंगों में सराबोर रहता है। इस दिन हर तरह खुशियां ही नजर आती है। लेकिन, मथुरा एक ऐसी जगह है जहां आपको होली किसी और रंग में ही नजर आएगा। यहां होली 10 दिन पहले से ही शुरू हो जाती है। शुरुआत बरसाने के श्रीजी मंदिर से होती जहां लड्डू मार होली खेली जाती है तो, फिर बात आती है बरसाने की जहां लट्ठमार होती है और इन दिन गोपियां अपने गोप पर लट्ठ बरसाती हैं। फिर आती है वृंदावन की बारी और अंत में लोग खेलते हैं द्वारकाधीश के साथ बृज में धुलंडी होली।
आज से वृंदावन में फूलों वाली होली
वृंदावन में आज से फूलों वाली होली (phoolon wali holi vrindavan) खेली जाएगी।सबसे पहले इसकी शुरुआत बांके बिहारी मंदिर से होगी जहां आज पूरे दिन आप फूलों वाली होली देखेंगे। यहां दुनियाभर से लोग इस होली को देखने आते हैं और भगवान पर टेसू के फूल और गेंदे के फूल बरसाए जाते हैं।
फूलों की होली देखने कहां-कहां जाएं
-सबसे पहले तो फूलों की होली देखने के लिए वृन्दावन के बांके बिहारी मंदिर में जाएं।
-फिर में भगवान कृष्ण के जन्मस्थान मंदिर जाएं
-फिर द्वारकाधीश मंदिर डोला और मथुरा विश्राम घाट जाएं।
साथ ही आप वृन्दावन के अन्य मंदिरों में भी होली की धूम देख सकते हैं। ये बेहद खास होता है और आप इसका हर प्रकार से आनंद ले सकते हैं। तो, इस वीकेंड मथुरा जाएं और यहां धूम-धाम से होली मनाएं।








