लैंड फॉर जॉब मामले में बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव आज भी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश नहीं होंगे। इससे पहले ED ने उन्हें समन जारी कर 22 दिसंबर को पेश होने को कहा था, लेकिन वे पेश नहीं हुए थे। उनके वकील ने अगली डेट की डिमांड की थी। तब जांच एजेंसी ने तेजस्वी को पेश होने के लिए 5 जनवरी की नई तारीख दी थी।
देखा जाए तो तेजस्वी यादव झारखंड सीएम हेमंत सोरेन और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की राह पर हैं। क्योंकि ये तीनों ऐसे नेता हैं, जो ED के समन पर हाजिर नहीं हो रहे हैं। ED, हेमंत सोरेन को 7 बार तो केजरीवाल को तीन बार समन भेजा जा चुका है, लेकिन वे दोनों भी अब तक जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए।
ये तीनों नहीं जा रहे समन पर
बिहार के पड़ोसी राज्य झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ED की दबिश इतनी बढ़ी है कि भविष्य को देखते हुए जेएमएम के एक विधायक सरफराज अहमद ने त्यागपत्र दे दिया। अब माना जा रहा है कि उनकी सीट से सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन को उपचुनाव लड़वाया जा सकता है।
दूसरी ओर दिल्ली शराब नीति केस में ED ने केजरीवाल को तीसरी बार समन भेज कर पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए। ED के समन के जवाब में उन्होंने 5 पन्नों के लेटर में गणतंत्र दिवस की तैयारियों में व्यस्त होने का हवाला दे दिया। साथ ही ये कह दिया कि उनसे जो भी पूछना हो लिखित में भेज दें।
वहीं, तेजस्वी यादव भी चौकन्ने हो गए हैं। तेजस्वी अक्सर ये कहते रहे हैं कि चुनाव का समय नजदीक आएगा तो ED की दबिश बढ़ेगी। तेजस्वी सहित आरजेडी के तमाम बड़े नेता मानते हैं कि बीजेपी के इशारों पर दबिश बढ़ाई जा रही है।
कुछ दिन पहले आरजेडी ऑफिस के बाहर बड़ा सा पोस्टर लगाया गया था, जिसमें युवा राजद के प्रदेश महासचिव प्रेम कुमार यादव ने ये पोस्टर लगाकर नरेंद्र मोदी को कठपुतली नचाते हुए दिखाया था। कठपुतली के रूप में जांच एजेंसी ईडी को भी दिखाया गया था।
ED के बुलावे से पहले बुद्ध की शरण में पहुंचे तेजस्वी
5 जनवरी को ED के सामने पेश होने से पहले तेजस्वी ने दलाई लामा से मिलने और उनका आशीर्वाद पाने गुरुवार को बोधगया पहुंचे। यहां उन्होंने दलाई लामा से मुलाकात की। मंदिर में दर्शन के बाद तेजस्वी यादव ने कहा- महाबोधि मंदिर में हमने भगवान के दर्शन किए हैं, पर्यटक विभाग मंदिर के और सौंदर्यीकरण तथा श्रद्धालुओं के व्यवस्था के लिए और क्या करेगा उसका हमने मुआयना किया है।
तेजस्वी ने कहा कि सीएम ने हमें जो दिशा निर्देश दिए हैं उसके लिए हम यहां आए हुए हैं। बोधगया से लौटने के बाद वे सीधा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने अचानक एक अणे मार्ग पहुंच गए।

पहले भी तेजस्वी से लंबी पूछताछ हो चुकी है
लैंड फॉर जॉब मामले में ED ने पिछले साल 11 अप्रैल को डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से लगभग आठ घंटे तक पूछताछ की थी। जानकारी के मुताबिक, लालू परिवार के करीबी माने जाने वाले अमित कात्याल से पूछताछ के बाद कई जानकारी ED को हासिल हुई हैं। उसके बाद ही ED ने पिता- पुत्र दोनों को समन भेजा है।
जब लालू प्रसाद रेल मंत्री थे तब का है मामला
लैंड फॉर जॉब मामले में आरोप है कि लालू प्रसाद ने रेल मंत्री रहते हुए रेलवे के विभिन्न मंडलों के पदों पर समूह डी में नियुक्ति हुई थी। मामला वर्ष 2004 से 2009 के बीच का है जब नियुक्ति में लालू यादव ने अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर कथित रूप से जमीनें ली थीं।
आरोप यह लगा कि रेलवे में नियुक्तियों के नियम के खिलाफ ये नियुक्तियां की गई थीं। इसको लेकर सीबीआई ने 18 मई 2022 को लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती समेत 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।







