रामलला की तीन मूर्तियों में से एक मूर्ति का चयन हो गया है। कर्नाटक के जानेमाने मूर्तिकार अरुण योगीराज की मूर्ति का चयन हुआ है। प्रहलाद जोशी ने सोशल मीडिया पर इस बात की जानकारी दी है।
केंद्रीय मंत्री ने एक्स पर लिखी यह बात
प्रह्लाद जोशी ने एक्स पर लिखा, ‘जहां राम हैं, वहां हनुमान हैं। अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा के लिए मूर्ति का चयन हो गया है। हमारे देश के सुप्रसिद्ध मूर्तिकार, हमारे गौरव अरुण योगीराज के द्वारा बनाई गई भगवान राम की मूर्ति अयोध्या में स्थापित की जाएगी। यह राम और हनुमान के अटूट रिश्ते का एक और उदाहरण है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि हनुमान की भूमि कर्नाटक से रामलला के लिए यह एक महत्वपूर्ण सेवा है।’
सोशल मीडिया पर योगीराज की काफी फैन फॉलोइंग
कौन हैं अरुण योगीराज, जिनकी बनाई रामलला की मूर्ति राम मंदिर के गर्भगृह में होगी स्थापित
अरुणराज योगीराज की पत्नी बोलीं- समझ नहीं आ रहा कैसे प्रतिक्रिया दूं
इस पर अरुणराज की पत्नी विजयतरुणी ने कहा कि मुझे समझ नहीं आ रहा कि मैं इस पर कैसे प्रतिक्रिया दूं. मुझे अपने पति से किसी तरह की जानकारी नहीं मिली. उन्हें भी इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. मेरे पति इस खबर के ऐलान का आधिकारिक ऐलान का इंतजार कर रहे हैं.
जानें कौन हैं अरुण योगीराज
अरुण योगीराज कर्नाटक के प्रसिद्ध मूर्तिकार हैं
उन्होंने मैसूर यूनिवर्सिटी से MBA किया है
वे सुप्रसिद्ध मूर्तिकार योगीराज के बेटे हैं
उनका पांच पीढ़ियों से मूर्ति बनाने का काम है.
उन्होंने सुभाष चंद्र बोस की 30 फ़ीट ऊंची प्रतिमा बनाई है
नेताजी की ये प्रतिमा अमर जवान ज्योति पर मौजूद है.
केदारनाथ में आदि शंकराचार्य की प्रतिमा बनाई है
आदि शंकराचार्य की ये प्रतिमा 12 फ़ीट ऊंची है
उन्होंने रामकृष्ण परमहंस की प्रतिमा का भी निर्माण किया था
राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की जानकारी देने के लिए आज से घर-घर अक्षत निमंत्रण देने का काम शुरू
उधर, राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की जानकारी देने के लिए आज से घर-घर अक्षत निमंत्रण देने का काम शुरू हुआ है. ये अभियान VHP ने पूरे देशभर में शुरू किया. महाराष्ट्र में भी “सबके राम” से इस अभियान की शुरुआत हुई. ये अभियान अगले 15 दिन तक चलेगा. क्या आम और क्या खास हर समाज को निमंत्रण दिया जा रहा है. बता दें कि पीएम मोदी ने भी कुछ दिनों पहले लोगों से अपील की थी कि वे 22 जनवरी को राम मंदिर में ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह के दिन दीपावली के रूप में अपने घरों में विशेष दीये जलाएं.







