राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब एक और बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस पूछताछ में आरोपी मनीष यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी करने की बात कबूल कर ली है. मनीष ने बताया कि नौकरी लगने के कुछ वक्त बाद से ही उसने चोरी शुरू दी थी. मनीष ने चोरी मामले में टिन्नू यादव की भूमिका के बारे में बताया. उसने कहा कि चोरी की जानकारी उसे दी जाती थी. चोरी के पैसों का इस्तेमाल भंडारे करवाने, महंगे उपहार खरीदने और जमीन में निवेश करने की बात सामने आई है.
टिन्नू-मनीष से विभिन्न चरणों में हुई पूछताछ
पुलिस ने आरोपियों के करीबी रिश्तेदारों से भी पूछताछ की और निवेश से जुड़ी जानकारियों का सत्यापन शुरू कर दिया. अदालत से मिली 39 घंटे की पुलिस रिमांड के वक्त टिन्नू यादव और मनीष यादव से विभिन्न चरणों में पूछताछ हुई. सूत्रों के अनुसार, टिन्नू ने स्वीकार किया कि उसने मनीष की नौकरी लगवाई थी. चोरी की पूरी जानकारी उसे रहती थी.
टिन्नू यादव ने कबूली ये बात
पूछताछ में दो-तीन अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है. टिन्नू ने चंपत राय की आईडी के एक्सेस करके वीआईपी पास बनवाने और लोगों को दर्शन करवाने की बात कबूल की. पूछताछ में सहादतगंज में बेटे रवि यादव के नाम खरीदी गई. जमीन और पत्नी के नाम संचालित सौंदर्य कंस्ट्रक्शन कंपनी से जुड़े सुराग मिले हैं. पुलिस ने आशंका जताई है कि चोरी की रकम को फर्म के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की गई थी, जिसकी जांच के लिए जीएसटी अधिकारियों से भी संपर्क की तैयारी हो रही है.
22 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक में लिए जाएंगे कई बड़े फैसले
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई 2026 बुधवार को आयोजित करेगी. बैठक शाम को बजे अयोध्या के मणिराम दास छावनी में होगी. ट्रस्ट के महासचिव कृष्ण मोहन ने बैठक की सूचना दी. ट्रस्ट की नियमावली के अनुसार विभिन्न समितियों के पुनर्गठन पर बैठक में निर्णय लिया जाएगा .एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी.







