ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने खुजेस्तान प्रांत के अहवाज में अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को इंटरसेप्ट कर मार गिराया। ईरानी सरकारी मीडिया ने ड्रोन गिराने का वीडियो भी जारी किया है। IRGC के मुताबिक, उसने अपने नए डिफेंस सिस्टम से ड्रोन को निशाना बनाया। हालांकि अमेरिका ने अब तक न तो ड्रोन गिराए जाने के दावे की पुष्टि की है और न ही जारी वीडियो पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। MQ-9 रीपर अमेरिकी सेना का अत्याधुनिक मानव रहित ड्रोन है, जिसका इस्तेमाल निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और सटीक हवाई हमलों के लिए किया जाता है। दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसने लगातार आठवीं रात ईरान के खिलाफ हवाई हमले किए। इससे पहले अमेरिका ने जानकारी दी थी कि जॉर्डन में ईरान के मिसाइल हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई, जबकि एक सैनिक लापता है।
शुक्रवार को इरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया. जिसमें दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई. जबकि चार सैनिक घायल हो गए. ईरान के इन हमलों का अमेरिका ने भी करारा जवाब दिया और शनिवार को लगातार आठवें दिन ईरान पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं. अमेरिका की इस जवाबी कार्रवाई का अब ईरान ने भी पलटवार किया है.
IRGC ने कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर किया हमला
जॉर्डन में स्थित सैन्य ठिकानों पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरान पर रविवार तड़के ताबड़तोड़ हमले किए. जिसका ईरान ने भी करारा जवाब दिया. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने रविवार को कहा कि ईरानी इलाके पर अमेरिकी हमलों के जवाब में उसने कुवैत में मौजूद दो अमेरिकी ठिकानों को ड्रोन से निशाना बनाया है. सरकारी ब्रॉडकास्टर के एक बयान के मुताबिक, इस्लामिक रिपब्लिक की सेना ने कहा कि उसने “कुवैत में कैंप उदैरी पर अमेरिकी सेना के गोला-बारूद डिपो और अली अल सलेम एयर बेस पर पैट्रियट रडार सिस्टम और एयर सर्विलांस रडार के खिलाफ कामिकाजे ड्रोन से बड़े पैमाने पर हमले किए.”
आईआरजीसी ने बताया कि ऑपरेशन थंडरबोल्ट के 16वें चरण में ईरानी सेना ने अल-अदिरेह शिविर (गोला-बारूद डिपो) और अल-सलीम बेस (पैट्रियट रडार और वायु रक्षा केंद्र) पर हमला किया. बता दें कि अल-अदिरेह ईरान की सीमा से 104 किलोमीटर दूर स्थित है और अमेरिकी सेना के लिए एक प्रमुख सहायता केंद्र है. अल-सलीम पश्चिमी एशिया में अमेरिकी सैन्य प्रवेश का मुख्य हवाई मार्ग है.
ईरानी हमले में मारे गए अमेरिका के दो सैनिक
बता दें कि ईरान ने शुक्रवार-शनिवार की रात जॉर्डन में स्थित अमेरिका के दो सैन्य ठिकानों पर हमला किया. इन हमलों में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई. जबकि चार सैनिक घायल हो गए. हालांकि अमेरिका ने अभी तक मारे गए सैनिकों की पहचान जारी नहीं की है. जॉर्डन में हुए ईरानी हमलों का अमेरिका ने भी करारा जवाब दिया और रविवार तड़के ईरान पर मिसाइलों की बौछार कर दी. इसके बाद, अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने रविवार को ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले किए ताकि जॉर्डन में हुए हमले में हुए नुकसान के लिए देश के रिवोल्यूशनरी गार्ड को “जल्द सजा” दी जा सके.
जंग में अब तक 16 अमेरिकी सैनिकों की मौत
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि इन हमलों का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल टैंकरों की आवाजाही को रोकने की ईरान की क्षमता को और कम करना था. बता दें कि होर्मुज बेहद महत्वूपर्ण समुद्री मार्ग है. क्योंकि इस मार्ग से दुनिया का 20 प्रतिशत तेल की सप्लाई होती है. बता दें कि 28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग के बाद से अब तक 16 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है. जबकि 430 से ज्यादा घायल हुए हैं.
ईरान ने अंतरिम समझौते को किया रद्द
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले महीने अंतिरिम समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर हुए थे, लेकिन जुलाई में फिर से दोनों देशों के बीच हमलों की शुरुआत हो गई. उसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर को रद्द कर दिया. साथ ही ईरान के साथ हुए एमओयू को भी रद्द कर दिया. उसके बाद अब ईरान ने भी इस एमओयू को रद्द करने का एलान कर दिया.
अगर अमेरिका अपनी खैर चाहता है, तो तुरंत भाग जाए’: ईरानी नेता की चेतावनी
ईरान के एक बड़े नेता इब्राहिम अजीजी ने अमेरिका को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी सैनिक उनके सुप्रीम लीडर के तेवरों को समझ लें, तो वे एक सेकंड गंवाए बिना वहां से भाग खड़े होंगे। हाल ही में दोनों देशों के बीच हुआ समझौता टूट गया है। इसके बाद से दोनों तरफ से लगातार हमले हो रहे हैं। अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर बमबारी की है, तो ईरान समर्थित गुटों ने भी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने भी अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अमेरिका को ‘महाशैतान’ कहते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दस्तखत को पूरी तरह रद्दी बताया है। खामेनेई का कहना है कि अमेरिका कभी अपनी बात पर नहीं टिकता और हमेशा धोखेबाजी करता है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने अपने हमले नहीं रोके, तो ईरान और उसके साथी देश अमेरिका को ऐसा सबक सिखाएंगे जिसे वह कभी भूल नहीं पाएगा।
पश्चिम एशिया में अब तक क्या हुआ? पढ़िए पांच बड़े अपडेट
अमेरिका का लगातार आठवें दिन हमला
अमेरिका ने लगातार आठवीं रात भी ईरान पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई जॉर्डन में हुए उस हमले के जवाब में की जा रही है, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक मारे गए थे।
ट्रंप ने दी सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सैनिकों की मौत दुखद है, लेकिन ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं बनाने दिया जाएगा।
ईरान का पलटवार
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने ट्रंप के बयान को खारिज करते हुए कहा कि उनके हस्ताक्षर की कोई अहमियत नहीं है। उन्होंने अमेरिका पर हाल में हुए समझौते को तोड़ने का आरोप भी लगाया।
कुवैत ने भी लगाया आरोप
कुवैत का कहना है कि ईरान के हवाई हमले में उसकी सरकारी तेल कंपनी की एक इकाई को नुकसान पहुंचा है। इससे पहले भी बिजली और पानी के एक संयंत्र पर हमले का आरोप लगाया गया था।
इराक में बढ़ी सुरक्षा
इराक के एरबिल शहर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को ड्रोन से निशाना बनाने की कोशिश हुई। इसके बाद वहां हवाई सुरक्षा प्रणाली तुरंत सक्रिय कर दी गई।






