दुनिया भर में लाखों लोगों को मौत की नींद सुला देने वाली कोरोना महामारी से एक बार फिर देश में चिंता बढ़ने लगी है. इसकी वजह है कि कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं और लोगों की मौत भी होने लगी है.
बुधवार (20 दिसंबर) को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर अपडेट किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 341 नए मामले सामने आए हैं जिनमें से अकेले केरल में 292 लोग संक्रमित हुए हैं. केरल में ही इसलिए 24 घंटे के दौरान 3 मरीजों की मौत हो गई जिसकी वजह से चिंता बढ़ रही है.
इन राज्यों में भी बढ़ रही चिंता
बुधवार सुबह 8:00 बजे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अपडेटेड आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक मरीज केरल में दर्ज किए गए हैं. यहां 292 लोग पॉजिटिव हुए हैं जबकि तमिलनाडु में 13, महाराष्ट्र में 11, कर्नाटक में 9, तेलंगाना और पुद्दुचेरी में 4, दिल्ली और गुजरात में 3 तथा पंजाब और गोवा में एक-एक मामले दर्ज किए गए हैं.
केरल में बढ़ रही चिंता
कोरोना संक्रमण को लेकर सबसे अधिक केरल में चिंता बढ़ रही है. राज्य में हुई तीन मौतों के साथ, तीन साल पहले संक्रमण शुरू होने के बाद केल में मरने वाले लोगों की कुल संख्या 72 हजार 56 तक पहुंच गई है. केरल में हाल ही में कोरोना वायरस के नए सब-वेरिएंट जेएन.1 का पता चला था. इसकी वजह से पड़ोसी राज्यों कर्नाटक, तमिलनाडु, गोवा में भी सतर्कता बरती जा रही है. केंद्र सरकार ने राज्यों को किसी भी तरह के हालात से निपटने के लिए तैयार रहने की नसीहत दी है.
देश भर में अभी कितने हैं कोरोना मरीज
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में संक्रमण से उबरने वालों की संख्या बढ़कर 4.4 करोड़ (4,44,70,346) हो गई. कोविड से नेशनल रिकवरी रेट 98.81 प्रतिशत है. राहत वाली बात यह है कि फिलहाल मृत्यु दर केवल 1.18 फीसदी है. देश भर में अब तक कुल 5 लाक 33 रजार 321 लोगों की मौत हुई है. अभी भी पूरे देश में 2311 लोग अस्पतालों में इलाजरत हैं. वही कोरोना रोधी टीके की 220 करोड़ 67 लाख 77 हजार 81 खुराक दी जा चुकी हैं.
‘कोरोना के लेकर सतर्क रहें, घबराने की जरूरत नहीं’, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों की एक उच्च स्तरीय बैठक हुई जिसमें कोरोना के नए वैरिएंट के संक्रमण के खतरे और उससे निपटने की तैयारियों पर चर्चा हुई। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस बैठक में कहा कि हमें सतर्क रहने की जरूरत है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य को मिलकर एक संपूर्ण सरकार के अप्रोच से काम करने की जरूरत है। अस्पतालों को तैयारियों की मॉक ड्रिल करनी होगी और कोविड की निगरानी बढ़ानी होगी। साथ ही लोगों के साथ प्रभावी कम्यूनिकेशन भी रखना होगा ताकि समय रहते संक्रमण पर काबू पाया जा सके और प्रभावितों को सही इलाज मुहैया हो।
तैयारियों में किसी तरह की ढिलाई नहीं
मनसुख मंडाविया ने कहा कि हर तीन महीने में एक बार सभी अस्पताल कोविड की तैयारियों को लेकर मॉक ड्रिल करें। मैं सभी राज्यों को केंद्र की ओर से पूरी सहायता का भरोसा देता हूं। हमारी तैयारियों में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य का मामला कोई राजनीति का क्षेत्र नहीं है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय हर सहायता के लिए उपलब्ध है।
मंगलवार को 288 नए मामले सामने आए
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने राज्यों से यह सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया कि सर्दियों के मौसम में ठंड की स्थिति और आने वाले त्योहारी सीजन को देखते हुए हर तरह के बचाव के उपाय अपनाए जाएं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार भारत में मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 288 नए मामले सामने आए। एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 1,970 हो गई है। वहीं केरल में मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 115 नए मामले सामने आए जिससे राज्य में कोविड-19 के कुल उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 1,749 हो गई।







