दिवंगत नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की बनाई हुई लोक जनशक्ति पार्टी ने आज अपने 23 साल का सफर पूरा कर लिया है। चाचा-भतीजा के बीच हुए बंटवारे के बावजूद पार्टी अब अपने स्थापना के 24वें साल में प्रवेश कर रही है।
जमुई सांसद और लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान मंगलवार को पटना के बापू सभागार में अपने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ लोजपा का स्थापना दिवस मनाने जा रहे हैं।
जबकि, केंद्रीय मंत्री चाचा और राष्ट्रीय लोजपा प्रमुख पशुपति कुमार पारस हाजीपुर में नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ जुट रहे हैं।
लोजपा के स्थापना दिवस के बहाने दोनों ही अपना शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। क्योंकि, चंद महीनों में ही लोकसभा का चुनाव होना है।

नई नीतियों और ताकत की बात कर रहे हैं चिराग
चिराग पासवान लोकसभा चुनाव को लेकर अपनी मंशा पहले जता चुके हैं। हाजीपुर लोकसभा सीट के साथ वो NDA के अंदर 2019 के तर्ज पर हिस्सेदारी चाहते हैं। इस बात को पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं। पार्टी की स्थापना से ठीक एक दिन पहले चिराग ने अपना एक वीडियो संदेश जारी किया था।
जिसमें वो बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट के विजन के साथ नई नीतियों और ताकत की बात कर रहे थे। चिराग ने वीडियो में दावा किया कि उनकी पार्टी नई ऊर्जा के साथ लोकसभा चुनाव में उतरेगी।
पहली बार हाजीपुर को चुना
लोजपा ने अपने अब तक के सफर में हाजीपुर में कई कार्यक्रम किए, लेकिन कभी पार्टी का स्थापना दिवस नहीं मनाया था। यह पहली बार है जब वहां आज स्थापना दिवस मनाया जा रहा है।
इस जगह को केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने चुना है। क्योंकि, हाजीपुर संसदीय सीट पर उनके भतीजे चिराग पासवान पहले ही दावा ठोक चुके हैं। जबकि, उनके चाचा इस सीट से वर्तमान सांसद हैं।
अलग-अलग होते हुए भी दोनों ही NDA गठबंधन में हैं। पशुपति कुमार पारस इस सीट को अपने हाथों से किसी कीमत पर जाने नहीं देना चाहते हैं। इसीलिए उन्होंने पार्टी का स्थापना दिवस मनाने के लिए हाजीपुर को इस बार चुना है।
2020 में पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान का निधन हुआ था और उसके बाद से ही चाचा-भतीजे की राह अलग हो गई। परिवार के साथ-साथ पार्टी भी दो भागों में बंट गई थी।







