बिहार के सीतामढी जिले के तीन गांवों में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से छह लोगों की मौत गोपालगंज में 5 लोगों की संदिग्ध मौत . बिहार की सियासत दिन-ब-दिन गर्म होती नजर आ रही है. वहीं, बिहार में छठ पर्व खत्म होते ही आपराधिक घटनाओं का सिलसिला शुरू हो गया है, जिसमें लखीसराय, वैशाली, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, छपरा, गोपालगंज समेत कई जिलों में हत्या, जहरीली शराब से मौत और अन्य आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं. वहीं सीतामढ़ी और गोपालगंज में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की संदिग्ध मौत की घटना ने एक बार फिर बिहार में चल रही शराबबंदी की पोल खोल दी है.
गोपालगंज में पांच लोगों की संदिग्ध मौत मामले में मृतकों के परिजनों से भाजपा के 6 सदस्यीय टीम मिलने बहरामपुर गांव पहुंची। इस दौरान उन्होंने परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है। वहीं मृतक टिंकू की पत्नी ने बताया कि मेरे पति की मौत शराब पीने से हुई है। इस मामले में टिंकू की पत्नी ने स्थानीय थाना पुलिस को लिखित आवेदन दिया है। भाजपा नेताओं के मौजूदगी में महिला ने नामजद मामला दर्ज करवाने के लिए थानाध्यक्ष से अपील की है। फिलहाल टिंकू का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
नेता प्रतिपक्ष हरि सहनी के नेतृत्व में बीजेपी नेता बैकुंठपुर प्रखंड के बहरामपुर गांव में मृतकों के घर पहुंचे। इस दौरान टीम ने परिजनों से मिले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महामंत्री मिथिलेश तिवारी, पूर्व सांसद विधान पार्षद जनक राम, विधान पार्षद राजीव कुमार, विधायक कुसुम देवी, विधायक जनक सिंह शामिल हुए। भाजपा नेताओं ने पीड़ित परिवार से मिलकर घटना की पूरी जानकारी ली।
मृतक की पत्नी कविता देवी ने पुलिस को दिए आवेदन में कहा कि 16 नवंबर को बहरामपुर गांव निवासी ज्योति राय का बेटा कृष्णा राय ने मेरे पति को जहरीली शराब पिला दी। 16 नवंबर को जब मैं खाना देने गई तो टिंकू ने खाना नहीं खाया। कारण पूछने पर कहा कि मैं कृष्णा भाई के यहां से शराब पीकर आया हूं। इसके थोड़ी देर बाद उसने मेरे से कहा कि पता नहीं क्यों मेरे आंख नहीं खुल रहे हैं। मुझे कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। जहरीली शराब पीने से मेरे पति की आंख की रोशनी जाने लगी। हालत बिगड़ने पर हम लोग उसे इलाज के लिए दीघवा-दुबौली ले गए। वहां तबीयत ज्यादा खराब होने पर बेहतर इलाज के लिए उसे पटना ले गए। इलाज के दौरान 20 नवंबर सोमवार को उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को बैकुंतपुर थाना लाया गया। फिर पोस्टमार्टम के लिए गोपालगंज भेज दिया गया।
परिवार के दो लोग और जहरीली शराब से पीड़ित
कविता देवी ने आगे कहा कि कृष्णा राय एक शराब माफिया है। मेरे पति की मौत के बाद कृष्ण राय 12 लोगों के साथ मेरे घर आया। जाति सूचक गाली गलौज करते हुए धमकी दे रहा है कि अगर हम लोग मुकदमा उसके खिलाफ करेंगे, तो पूरे परिवार को वह जान से मार देगा। घर में आग लगा देगा। कविता देवी ने दिए आवेदन में कहा कि मेरे ही परिवार के सुरेश राम और सुनील राम भी उसी जहरीली शराब से पीड़ित है। जिसमें से सुरेश राम की मौत हो चुकी है। वहीं सुनील राम जीवन और मौत से जूझ रहा है।
इस मामले में भाजपा के मुख्य प्रवक्ता जनक राम ने बताया कि मृतक टिंकू की मां और उसकी पत्नी के बयान को प्रशासन दबाने में लगा हुआ है। पीड़ित परिवार द्वारा बयान में यह बताया जा रहा है कि किसने शराब पीलाई और किसके घर में शराब बिक रही थी। इससे बड़ा क्या प्रूफ हो सकता है। बिहार के लोग जान चुके हैं कि सरकार और शराब माफियाओं के बीच एक सिंडिकेट चल रहा है। मरे हुए गरीब परिवार को सरकार न्याय दिलाना नहीं चाहती है। शराब माफिया और सिंडिकेट को यहां की सरकार बचाना चाहती है। जनक राम ने कहा कि भाजपा अब चुप नहीं बैठेगी। न्याय दिलाकर ही इस परिवार को रहेगी।
इसके साथ ही आगे प्रशांत किशोर ने ये भी कहा है कि, ”जनता ने आपको मुख्यमंत्री बनाया, जहरीली शराब से लोग मर गये, परिवार बर्बाद हो गये और आप कहते हैं कि आपने जिलाधिकारी को निर्देश दे दिया है. आपको जनता ने चुना है, जिलाधिकारी ने नहीं. हाल ही में छपरा में जहरीली शराब पीने से 70 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और ये आदमी जेब में हाथ डालकर कहता था कि जो भी इसे पिएगा वो मरेगा.”
आपको बता दें कि आगे प्रशांत किशोर ने ये भी कहा कि, ”अगर बिहार की स्थिति ऐसी ही रही, अगर बिहार की जनता ऐसे व्यक्ति को वोट देती है, तो इसमें नीतीश कुमार की नहीं बल्कि बिहार की जनता की गलती है. आपके बच्चों का जिसने निवाला छीन लिया, अगर आप जाकर उस आदमी को वोट देंगे जिसने आपके बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को बाधित किया और उन्हें अनपढ़ बना दिया, तो आपसे बड़ा दोषी कौन होगा?” बता दें कि प्रशांत किशोर के इस कड़वे बयान ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है.







