ओडिशा के बालासोर में शुक्रवार शाम ट्रेन हादसे में 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। एक्सीडेंट में 900 से ज्यादा यात्री घायल बताए जा रहे हैं। इस भीषण हादसे पर दुनिया भर के राष्ट्र अध्यक्षों ने शोक जताया है। रूस के साथ जंग लड़ रहे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने हादसे पर शोक जाहिर किया। उन्होंने ट्वीट में पीएम मोदी को टैग कर लिखा कि हम आपके दुख को समझ सकते हैं। मैं आशा करता हूं कि घायल लोग जल्द ही ठीक हो जाएंगें।
वहीं, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कनाडाई लोगों से इस मुश्किल वक्त में भारतीयों का साथ देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ओडिशा से आ रही हादसे की तस्वीरें दिल तोड़ने वाली हैं। मेरी दुआएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने हादसे में अपने परिजनों को गंवाया है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने हादसे को दर्दनाक बताया है। उन्होंने कहा- मैं पीड़ितों के लिए दुआ करता हूं। जो बिना रुके लोगों को बचाने का काम कर रहे वो प्रशंसा के हकदार हैं।


दूसरे राष्ट्र अध्यक्षों और नेताओं ने क्या कहा?
संयुक्त राष्ट्र संघ की जनरल असैंबली के हेड साबा कोरोसी ने भी हादसे पर दुख जताया। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा कि वो हादसे की खबर सुनकर दुखी हैं।
ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग वेन- साई ने ओडिशा हादसे के पीड़ितों के लिए दुआएं मांगने की बात कही है। ट्विटर पर उन्होंने लिखा- मुझे उम्मीद है कि रेस्क्यू ऑपरेशन में फंसे हुए लोगों को जल्द बचा लिया जाएगा।
भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक ग्रासिटी– मैं ट्रेन हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार के प्रति संवेदना जाहिर करता हूं। दुख की घड़ी में हम भारत के साथ हैं।

ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग- हम भारत के साथ हैं और आपातकालीन कर्मियों के साथ हैं जो घायलों की मदद के लिए काम कर रहे हैं।
श्रीलंका के विदेश मंत्री अली साबरी- ट्वीट कर लिखा ओडिशा में ट्रेन दुर्घटना के बारे में जानकर उन्हें ‘गहरा दुख’ हुआ। उन्होंने हादसे में प्रभावित सभी लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

7 बजे के करीब हुआ ट्रेन हादसा
ट्रेन नंबर 12864 बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस 1 जून को सुबह 7:30 बजे बेंगलुरु के यशवंतपुर स्टेशन से चली थी। इसे 2 जून को शाम करीब 8 बजे हावड़ा पहुंचना था। यह अपने समय से 3.30 घंटे की देरी से 6:30 बजे भद्रक पहुंची। अगला स्टेशन बालासोर था, जहां ट्रेन 4 घंटे की देरी से 7:52 पर पहुंचने वाली थी।
वहीं, ट्रेन नंबर 12841 शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस 2 जून को ही दोपहर 3:20 बजे हावड़ा से रवाना हुई थी। ये 3 जून को शाम 4:50 बजे चेन्नई सेंट्रल पहुंचती। यह अपने सही समय पर 6:37 बजे बालासोर पहुंची। अगला स्टेशन भद्रक था जहां ट्रेन को 7:40 बजे पहुंचना था। लेकिन, 7 बजे करीब दोनों ट्रेन बहानगा बाजार स्टेशन के पास से आमने-सामने से गुजरीं, तभी हादसा हुआ।







