भाकपा माले का 11 वां राष्ट्रीय महाधिवेशन बुधवार से शुरू होगा और 20 फरवरी तक चलेगा। महाधिवेशन की शुरुआत 15 फरवरी को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में होनेवाली ‘लोकतंत्र बचाओ–देश बचाओ रैली के साथ होगी। महाधिवेशन में पूरे देश से चुने हुए करीब १७०० प्रतिनिधि शामिल होंगे। महाधिवेशन की सभी आवश्वक तैयारियां पूरी कर ली गयी है। प्रतिनिधि पहुंच गये हैं और मंगलवार की देर शाम से ही रैली में आने वाले लोग भी पटना पहुंचने लगे।
माले के पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेंद्र झा‚राजारामसिंह‚ प्रो.सुधा चौधरी और झारखंड़ के विधायक विनोद कुमार ने कहा कि महाधिवेशन की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गयी है।भाकपा (माले) महासचिव उदीपंकर भ^ाचार्य इस रैली को मुख्य वक्ता के बतौर संबोधित करेंगे। झारखंड के विधायक विनोद कुमार सिंह‚ अखिल भारतीय किसान महासभा के महासचिव व पूर्व विधयक राजाराम सिंह‚ अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा‚ बिहार में विधायक दल के नेता महबूब आलम व उप नेता सत्यदेव राम‚ स्कीम वर्कर्स की राष्ट्रीय नेता शशि यादव‚ ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी आदि समेत कई अन्य नेता भी रैली के वक्ता होंग्। मार्क्सवादी समन्वय समिति (मासस)‚ आरएमपीआइ – पासला (पंजाब)‚ लाल निशान पार्टी व सत्यशोधक कम्युनिस्ट पार्टी (महाराष्ट्र) आदि समान धर्मी सहयोगी पार्टियों के नेता भी रैली मंच को सुशोभित करेंगे। रैली में शामिल होने के लिए लोगों के पटना पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है और ऐसा लगता है भाकपा (माले) की यह रैली पिछली सारी रैलियों का रिकार्ड तोड देगी। इस रैली से न केवल बिहार की‚ बल्कि देश की राजनीति को भी एक नई दिशा मिलेगी।
भाकपा (माले) का ११वां महाधिवेश १५–२० फरवरी श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में संपन्न होगा।‘फासीवाद मिटाओ – लोकतंत्र बचाओ! शहीदों के सपनों का भारत बनाओ!’ के उद्घोष के साथ आयोजित हो रहे महाधिवेशन में कई महत्वपूर्ण कार्यभारों पर दस्तावेज पेश किए जायेंगे‚ उन पर गंभीर चर्चा की जायेगी और उन्हें पारित करने के साथ ही अगले पांच वषोंर् तक उनसे मिली दिशा के आधार पर पूरे देश भर में बहुआयामी पहलकदमियां ली जायेंगी‚ आंदोलन तेज किया जायेगा। पहला विषय होगा–फासीवाद विरोधी जनप्रतिरोध का परिप्रेIय‚ दिशा व कार्यभार’ इसके तहत भारत के एक लोकतांत्रिक‚ समाजवादी व धर्मनिरपेक्ष स्वरूप और स्वतंत्रता‚ बराबरी‚ भाईचारा और सामाजिक न्याय के घोषित मूल्यों पर होनेवाले हमलों का कारगर प्रतिरोध खडा करना और फासीवादी विचारधारा को राज व समाज दोनों ही जगहों से बेदखल करने की समग्र रणनीति पर गहरा विचार विमर्श किया जायेगा।महाधिवेशन में पार्टी के संविधान और सामान्य कार्यक्रम में भी कतिपय संशोधन प्रस्तावों पर विचार किया जायेगा। साथ ही पार्टी संगठन को देश के समक्ष मौजूद फासीवादी चुनौती से निपटने में सक्षम बनाने हेतु ज्यादा गतिशील‚ प्रतिबद्ध व जागरूक बनाने हेतु पार्टी कतारों व नेताओं को वैचारिक रूप से मजबूत बनाने का कार्यभार पर विचार किया जायेगा।







