देश भर में कड़़ाके की सर्दी का असर अब दिखने लगा है। राजधानी दिल्ली में भीषण ठंड़ की चपेट में आकर पांच लोगों की मौत कई सवाल खड़े़ करती है। निःसंदेह सर्दी अब अपने शबाब पर है। तापमान लगातार नीचे की ओर जा रहा है। नतीजतन अगर बचाव के पुख्ता बचाव नहीं किए गए तो नुकसान होना तय है। हालांकि राजधानी में ५ लोगों की मौत एक दिन में नहीं हुई है। पिछले तीन दिनों में अलग–अलग जगहों पर पांच लोगों की मौत हुई है‚ किंतु इससे सरकार की जिम्मेदारियां कम नहीं हो जाती हैं। दुखद यह है कि अब तक दिल्ली सरकार के किसी भी मंत्री ने इन घटनाओं पर कुछ नहीं कहा है। भले पांचों लोग फुटपाथ पर रहकर अपनी जिंदगी गुजार रहे थे‚ किंतु ठंड़ के मौसम में सरकार की तरफसे की जाने वाली तैयारियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। नाइट शेल्टर और फुटपाथ पर सोने वाले उन गरीब और अन्य मजलूमों के लिए अलाव‚ रात में रुकने की व्यवस्था‚ उनके भोजन और अन्य तकलीफों की सुविधाओं का ख्याल रखना सरकार की पहली जिम्मेदारी होती है। यह वाकई लज्जा की बात है कि देश की राजधानी में ठंड़ से लोगों की मौत हो जाए। वैसे यह हर बार की दारुण कथा है। पिछले वर्ष भी एक स्वयंसेवी संस्था सेंटर फॉर होलिस्टक डे़वलपमेंट ने दावा किया था कि १ जनवरी से २८ जनवरी तक कुल १७२ लोगों की मौत हुई। इससे पहले साल २०१९ में भी बेघरों पर सर्दी का सितम सबसे ज्यादा पड़़ा था। उस वर्ष एक महीने के दौरान १०९ बेघरों को अपनी जान से हाथ धोना पड़़ा था। चूंकि गलन वाली सर्दी अब शुरू हो चुकी है और करीब डे़ढ़–दो महीने इससे राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। लिहाजा‚ सरकार को चाक–चौबंद व्यवस्था करनी होगी। दिल्ली अर्बन शेल्टर बोर्ड़ (डू़सिब) को बेघरों की तकलीफों के बारे में जानकारी एकत्रित करनी होगी‚ उन इलाकों की पहचान जरूरी है जहां ज्यादा संख्या में लोग फुटपाथ और खुले में जीवन बसर करते हैं। मौसम विभाग ने दिल्ली–एनसीआर के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। यानी ठंड़ अभी और कहर बरपाएगी। इस नाते हर आमो–खास को ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी। राजधानी को और शर्मसार होने से बचाने के लिए दिल्ली सरकार को ज्यादा मुस्तैदी और संवेदनशीलता के साथ राहत और बचाव के उपाय करने होंगे। राजधानी में ठंड़ से एक भी मौत सरकार के इकबाल पर सवाल है।
भारत के मंदिरों को चलाने में सरकार की क्या है भूमिका?
अयोध्या में भव्य राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही यहां देश और दुनिया से...







