ADVERTISEMENT
Saturday, July 11, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

नशा मुक्ति : समीक्षा तो जरूरी है

UB India News by UB India News
December 15, 2022
in खास खबर, राष्ट्रीय, स्वास्थ
0
नशा मुक्ति : समीक्षा तो जरूरी है
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

नशे में दिल्ली में नशे के आदी एक युवक ने झगड़े के बाद अपनी मां‚ दादी‚ बहन और पिता की चाकू घोंपकर हत्या कर दी। युवक कुछ दिन पहले ही नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र से लौटा था। गुरु ग्राम की एक कंपनी में काम करता था लेकिन महीने भर पहले उसने नौकरी छोड़ दी थी। दरअसल‚ नशे के आदी युवकों की सबसे बड़ी समस्या उनका मानसिक संतुलन बिगड़ जाना है। नशा जहां मानसिक रूप से पंगु बना देता है वहीं पारिवारिक कलह का कारण भी बनता है।

ज्यों–ज्यों नशे की लत के शिकार युवाओं की संख्या बढ़ती जा रही है‚ त्यों–त्यों नशा मुक्ति केंद्रों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। सवाल है कि कुकुरमुत्तों की तरह उग रहे नशा मुक्ति केंद्र क्या वास्तव में नशे की लत छुड़ाने के लिए ईमानदार प्रयास कर रहे हैंॽ दिल्ली में पूरे परिवार को मौत के घाट उतारने वाला युवक नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में कुछ समय बिता कर लौटा था। स्पष्ट है कि नशा मुक्ति केंद्र उसे मानसिक रूप से स्वस्थ और इतना मजबूत नहीं बना पाया कि ऐसी घिनौनी हरकत न करता। दरअसल‚ इस दौर में नशा मुक्ति केंद्र भी व्यावसायिकता के शिकंजे में हैं। ज्यादातर नशा मुक्ति केंद्रों के संचालकों एवं कर्मचारियों के भीतर समाजसेवा का भाव नदारद है। जब नशा मुक्ति केंद्र खोले जाते हैं‚ तो जताया जाता है कि ये केंद्र सामाजिक सरोकारों के लिए खोले जा रहे हैं‚ लेकिन धीरे–धीरे इन केंद्रों से सामाजिक सरोकार दूर होता चला जाता है। इसका स्थान व्यक्तिगत स्वार्थ ले लेता है। इसके कारण कई जगहों पर नशा मुक्ति केंद्र यातना केंद्र बन गए हैं। पिछले दिनों ऐसी अनेक घटनाएं प्रकाश में आई थीं जिनमें नशा मुक्ति केंद्रों के भीतर मरीजों से अनैतिक व्यवहार किया जा रहा था। कुछ समय पहले देहरादून के एक नशा मुक्ति केंद्र में एक ही कमरे में ३५ लोगों को रखने की घटना प्रकाश में आई थी। देहरादून में एक अधिवक्ता ने आरटीआई के तहत सूचना मांगी तो खुलासा हुआ था कि कई केंद्रों का न तो पंजीकरण हुआ है‚ और न ही अन्य सुविधाएं जैसे प्रशिक्षित स्टाफ‚ सीसीटीवी कैमरे‚ दैनिक रजिस्टर और शिकायती रजिस्टर आदि हैं। देश के अनेक हिस्सों में ज्यादातर नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र कई तरह की अनियमितताओं के शिकार हैं।

RELATED POSTS

बांकीपुर को लेकर बीजेपी इतना अव्यवस्थित क्यों है ! …

प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन देशों के दौरे के अंतिम चरण में आज न्यूजीलैंड के ऑकलैंड पहुंचेगे ………

गौरतलब है कि ‘सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय’ के अंतर्गत चलने वाले ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ में अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। मंत्रालय के एक सर्वेक्षण के अनुसार देश में ६० मिलियन से अधिक नशीली दवाओं के उपयोगकर्ता हैं‚ जिनमें बड़ी संख्या में दस से सत्रह वर्ष की आयु के युवा हैं। देश में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ कई स्वैच्छिक संगठनों की भागीदारी के साथ चल रहा है। इन संगठनों को सरकार की तरफ से वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है। इस अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। स्कूलों‚ उच्च शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालय परिसरों पर भी ध्यान केंद्रित करने का दावा किया जा रहा है। निश्चित रूप से सरकार के दावे अपनी जगह सही हैं‚ और वह इस दिशा में काम करती भी दिखाई दे रही है‚ लेकिन जमीन पर दावों की हकीकत कुछ और ही दिखाई देती है।

दरअसल‚ हमें समझना होगा कि नशा मुक्ति केंद्रों की व्यवस्था में थोड़ी सी भी लापरवाही इस संदर्भ में सरकारी नीतियों के ठीक ढंग से क्रियान्वयन में तो बाधा बनेगी ही‚ नशे की लत के शिकार युवाओं के भविष्य पर भी प्रश्न चिह्न लगाएगी। दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि सरकार कोशिश करने के बाद भी नशा मुक्ति केंद्रों की स्थिति सुधार नहीं पा रही है। इन केंद्रों में व्यवस्था ठीक न होने कारण कई बार मरीजों एवं केंद्र संचालकों में टकराव की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। देश के विभिन्न हिस्सों में कई नशा मुक्ति केंद्र तो अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों में न तो मनोचिकित्सक की व्यवस्था होती है‚ और न ही प्रशिक्षित कर्मचारी मनोवैज्ञानिक रूप से मरीजों का उपचार करने में सक्षम हो पाते हैं।

जब मरीज का मनोवैज्ञानिक रूप से उपचार नहीं होता है‚ तो वह भी जल्दी ही इन केंद्रों से अपना पीछा छुड़ाने की कोेशिश करने लगता है। फलस्वरूप मरीज की स्थिति ‘न घर के‚ न घाट के’ वाली हो जाती है। ऐसे केंद्र मनोवैज्ञानिक रूप से उपचार करने का दावा तो करते हैं‚ लेकिन इस प्रक्रिया को गंभीरता के साथ क्रियान्वित नहीं कर पाते हैं। हालांकि कई नशा मुक्ति केंद्रों के संचालक यह शिकायत भी करते रहते हैं कि उन पर इतने नियम–कानून लाद दिए जाते हैं कि व्यावहारिक रूप से उन्हें पूरा करना संभव नहीं हो पाता। इस व्यवस्था से जो केंद्र संचालक ईमानदारी से इस क्षेत्र में काम करना चाहते हैं‚ वे हतोत्साहित होते हैं। बहरहाल‚ समय आ गया है कि सरकार और केंद्र संचालक व्यावहारिकता और ईमानदारी से इस दिशा में काम करें ताकि सार्थक परिणाम सामने आ सकें।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

विधानसभा चुनाव :  BJP ने असम के लिए 88 और केरल के लिए 39 उम्मीदवारों का ऐलान………..

बांकीपुर को लेकर बीजेपी इतना अव्यवस्थित क्यों है ! …

by UB India News
July 11, 2026
0

बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी ने अपने पहले उम्मीदवार अभिषेक बंटी (पिता का चारा घोटाले में नाम होने...

प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन देशों के दौरे के अंतिम चरण में आज न्यूजीलैंड के ऑकलैंड पहुंचेगे ………

प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन देशों के दौरे के अंतिम चरण में आज न्यूजीलैंड के ऑकलैंड पहुंचेगे ………

by UB India News
July 10, 2026
0

प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्रा से जुड़े कार्यक्रम को लेकर सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि...

डिएगो गार्सिया पर हमले ने उड़ा दी US की नींद ………………

भारत की ऊर्जा सुरक्षा और महंगाई पर खतरा बढ़ा ………………………….

by UB India News
July 10, 2026
0

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जून में बड़ी मुश्किल से हुआ युद्धविराम जिस तरह से दोनों देशों...

शिव नित्य हैं, शाश्वत हैं, सर्वव्यापक हैं ……..

शिव नित्य हैं, शाश्वत हैं, सर्वव्यापक हैं ……..

by UB India News
July 11, 2026
0

श्री अमरनाथ धाम केवल एक तीर्थ नहीं, अपितु सनातन भारत की तप परंपरा, वैराग्य, आत्मशुद्धि और शिव तत्व की सजीव...

बंगाल में राज्यसभा की तीनों सीटें जीतेगी BJP !

बंगाल में राज्यसभा की तीनों सीटें जीतेगी BJP !

by UB India News
July 10, 2026
0

पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की 3 सीटों पर 24 जुलाई को होने वाले उपचुनाव से पहले राज्य की राजनीति में...

Next Post
कटाक्ष : फिर नोटबंदी !

कटाक्ष : फिर नोटबंदी !

नेहरू की इस गलती की सजा भुगत रहा भारत?

नेहरू की इस गलती की सजा भुगत रहा भारत?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend