ADVERTISEMENT
Tuesday, August 4, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

साधुओं के कातिलों को सजा दिलाएं शिंदे

UB India News by UB India News
July 3, 2022
in Lokshbha2024, अध्यात्म, अपराध, खास खबर
0
साधुओं के कातिलों को सजा दिलाएं शिंदे
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली नई सरकार ने कामकाज संभाल लिया है। उसके फोकस में राज्य का चौतरफा विकास तो होगा ही पर उसे अब विगत 16 अप्रैल, 2020 को पालघर में दो साधुओं के हत्यारों से जुड़े केस की जांच के काम को तेजी से निपटा कर दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलवानी होगी। भीड़ ने साधुओं की निर्मम हत्या कर दी थी। क्या आप यकीन करेंगे कि हत्यारों ने उन पुलिस वालों पर भी जानलेवा हमला बोल दिया था जो उन साधुओं को बचाने की कोशिश कर रहे थे। जूना अखाड़ा के दो साधू और उनके वाहन को चलाने वाला ड्राइवर अपने गुरु श्री महंत रामगिरि के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए यात्रा कर रहे थे। ये जब मुंबई से 140 किमी. दूर गडचिंचले गांव से गुजर रहे थे, तब वन विभाग के एक संतरी ने उनकी कार को स्थानीय चौकी पर रोका। जब वे संतरी से बात कर ही रहे थे तब लफंगों ने उन पर लाठी और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।
बताते हैं कि उन ग्रामीणों ने साधुओं को बच्चा चोर और अंग तस्कर समझ लिया था और क्रोध में उन पर आक्रमण कर दिया। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने की असफल कोशिश की भी थी, लेकिन बीच-बचाव करने की कोशिश करने पर उन्हें भी ग्रामीणों द्वारा पीटा गया। महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली हिंदुत्ववादी सरकार से देश उम्मीद करेगा कि वह साधुओं को बर्बरतापूर्ण तरीके से मारने वाले हत्यारों को जल्दी से जल्दी दंड दिलवाए। कौन थी वह हिंसक भीड़ जिसने निहत्थे निरपराध साधुओं को सरेआम लाठी-डंडों से क्रूरतापूर्वक मारा था।
पालघर में साधुओं के कत्लेआम ने 7 नवम्बर, 1966 की उस दर्दनाक घटना की यादें ताजा कर दी थीं जब दिल्ली में इंदिरा गांधी सरकार की पुलिस ने सरेआम निर्दोष और निहत्थे साधू-संतों पर गोलियां बरसाई थीं। दर्जनों निहत्थे साधू-संत मारे गए थे। हालांकि मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं। आंदोलनकारी गौ-हत्या पर रोक की मांग कर रहे थे। ये साधू-संत संसद भवन के सामने बैठे धरना दे रहे थे। हिंदू पंचांग के अनुसार उस दिन विक्रमी संवत् 2012 कार्तिक शुक्ल की अष्टमी थी जिसे ‘गोपाष्टमी’ भी कहा जाता है। धरने में भारत साधू समाज, सनातन धर्म, जैन धर्म आदि धार्मिंक समुदायों ने भाग लिया था। आंदोलन में चारों शंकराचार्य तथा स्वामी करपात्री महाराज भी जुटे थे। जैन मुनि सुशील कुमार तथा सार्वदेशिक सभा के प्रधान लाला रामगोपाल शालवाले और हिंदू महासभा के प्रधान प्रो. राम सिंह भी सक्रिय थे। संत श्री प्रभुदत्त ब्रह्मचारी तथा पुरी के जगुमरु शंकराचार्य श्री स्वामी निरंजनदेव तीर्थ तथा महात्मा रामचंद्र वीर के आमरण अनशन ने आंदोलन में प्राण फूंक दिए थे। करपात्री जी महाराज की अगुवाई में चले उस आंदोलन में भाग लेने के लिए हरियाणा और पश्चिम उत्तर प्रदेश से हजारों लोग दिल्ली आए थे।

साधू-संतों पर गोलीबारी से क्षुब्ध होकर तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री गुलजारी लाल नंदा ने त्यागपत्र दे दिया था और इस कांड के लिए अपनी ही सरकार को जिम्मेदार बताया था। उद्धव ठाकरे ने पालघर घटना की बस निंदा भर करके पल्ला झाड़ लिया था। घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद को छोड़ने के बारे में तो सोचा भी नहीं। उनकी सरकार में शामिल कांग्रेस और एनसीपी के किसी भी बड़े नेता ने साधुओं की हत्या पर गहरा क्षोभ तक जाहिर नहीं किया था।
पालघर में साधुओं की हत्या को दो साल गुजर गए पर यह केस किसी नतीजे की तरफ बढ़ता दिखाई नहीं दे रहा। कहने वाले तो कहते हैं कि महाविकास आघाड़ी सरकार आरोपियों को येन केन प्रकारेण बचाने में जुटी थी। सरकार न्यायालय में मजबूती से अपना पक्ष नहीं रख सकी जिसके चलते आरोपितों को जमानत मिल गई। सवाल है कि आरोपियों पर 120 बी, 427, 147, 302,148 और 149 जैसे गंभीर धारा लगने के बाद भी उन्हें जमानत कैसे मिल गई। अब तो महाराष्ट्र में नई हिंदुत्ववादी सरकार आ चुकी है। ऐसे में देश को उम्मीद है कि नई सरकार पालघर में साधुओं को मारने वालों को जल्द-से-जल्द सजा दिलवाएगी।

RELATED POSTS

धरना-प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर की जगह कोई और स्थान हो?

फिर कैसे बरी हो गए बृजभूषण शरण सिंह?

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

पैलेट गन के यूज को मनमाना क्यों माना जाए ?

धरना-प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर की जगह कोई और स्थान हो?

by UB India News
August 3, 2026
0

सुप्रीम कोर्ट में आज दाखिल एक याचिका में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का मुद्दा भी उठ गया. दरअसल, याचिका में अपील...

फिर कैसे बरी हो गए बृजभूषण शरण सिंह?

फिर कैसे बरी हो गए बृजभूषण शरण सिंह?

by UB India News
August 3, 2026
0

महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी...

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करेगा भारत, ग्लास्गो में सौंपा गया झंडा

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करेगा भारत, ग्लास्गो में सौंपा गया झंडा

by UB India News
August 4, 2026
0

ग्लास्गो  में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 खत्म हो गया है. इसी के साथ इस बात का आधिकारिक ऐलान हो गया...

AI-रील्स के दौर में गांंधी की वापसी!

AI-रील्स के दौर में गांंधी की वापसी!

by UB India News
August 3, 2026
0

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए Gen Z आंदोलन के प्रमुख चेहरे सोनम वांगचुक ने अपने सत्याग्रह की शुरुआत और समापन...

BNS की धारा 152 देशहित से कैसे जुड़ी है?

BNS की धारा 152 देशहित से कैसे जुड़ी है?

by UB India News
August 3, 2026
0

देश में 1 जुलाई 2024 से लागू भारतीय न्याय संहिता Bharatiya Nyaya Sanhita , BNS 2023 ने भारतीय दंड संहिता...

Next Post
पटना के राजीव नगर में 70 मकानों को ध्वस्त करने गये 14 बुलडोजर पर हमला, सिटी एसपी पर जानलेवा हमला

पटना के राजीव नगर में 70 मकानों को ध्वस्त करने गये 14 बुलडोजर पर हमला, सिटी एसपी पर जानलेवा हमला

कांग्रेस को ‘मोदी फोबिया’ हो गया है… हैदराबाद बैठक से गृह मंत्री अमित शाह

कांग्रेस को 'मोदी फोबिया' हो गया है... हैदराबाद बैठक से गृह मंत्री अमित शाह

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend